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Panchkula News: स्वास्थ्य विभाग में ट्रेनी डॉक्टरों के फंड में घोटाला, स्वास्थ्य विभाग को बदलने पड़े वित्तीय नियम
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पंचकूला। स्वास्थ्य विभाग की अकाउंट्स ब्रांच में डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड (डीएनबी) के ट्रेनी डॉक्टरों के फंड में कथित गड़बड़ी सामने आने के बाद विभाग सतर्क हो गया है। शुरुआती जांच के अनुसार, अकाउंट्स का काम देखने वाले एक डेटा एंट्री ऑपरेटर ने डॉक्टरों की सूची में कथित तौर पर अपना और पत्नी का बैंक खाता जोड़कर सरकारी फंड निजी खातों में ट्रांसफर करवाया। आरोपी के बैंक खातों की स्टेटमेंट की जांच की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, जून-जुलाई में बजट कम पड़ने पर गड़बड़ी का पता चला। अकाउंट्स ब्रांच की एक महिला असिस्टेंट ने सूची का मिलान किया तो अस्पताल से संबंध नहीं रखने वाले दो नाम और उनके बैंक खाते सामने आए। उसने लिखित शिकायत दी, जिसके बाद सभी बिल सील कर जब्त कर लिए गए। पूछताछ में आरोपी ने जुलाई 2025 से अब तक करीब 20 से 25 लाख रुपये के गबन की बात सामने आने की जानकारी दी। फिलहाल रिकवरी की जा रही है।
नई भुगतान प्रणाली लागू
घटना की जांच के लिए 7 अधिकारियों की समिति बनाई गई है। लेन-देन से जुड़े विभागीय कर्मचारियों को भी जांच में शामिल किया गया है। अब प्रत्येक बिल चार काउंटरों पर जांचा जाएगा और नोडल अधिकारी के सत्यापन के बाद ही वेतन जारी होगा। पहले अकाउंट्स ब्रांच सीधे भुगतान करती थी। सेक्टर-7 थाना पुलिस के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग की शिकायत मिल गई है। मामले की जांच और दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। विभागीय स्तर पर भी इंटरनल इंक्वायरी जारी है।
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कोट
अस्पताल में काम कर रहे डाटा एंट्री ऑपरेटर द्वारा लगभग 25 लाख रुपए का फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है। यह खुलासा होते ही स्वास्थ्य विभाग ने 7 सदस्यीय विशेष जांच टीम गठित कर सभी बिलों को सीज कर दिया है। वहीं विभाग ने नियमों में बदलाव किया है। अकाउंट्स से जुड़े हर बिल की चार स्तर पर चेकिंग होगी। अब से नोडल ऑफिसर नियुक्त किया है जो ऑफिस स्टाफ की सैलरी निकालेगा।- डॉ. आरएस चौहान, पीएमओ, जिला स्वास्थ्य विभाग पंचकूला
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अधिकारियों के अनुसार, जून-जुलाई में बजट कम पड़ने पर गड़बड़ी का पता चला। अकाउंट्स ब्रांच की एक महिला असिस्टेंट ने सूची का मिलान किया तो अस्पताल से संबंध नहीं रखने वाले दो नाम और उनके बैंक खाते सामने आए। उसने लिखित शिकायत दी, जिसके बाद सभी बिल सील कर जब्त कर लिए गए। पूछताछ में आरोपी ने जुलाई 2025 से अब तक करीब 20 से 25 लाख रुपये के गबन की बात सामने आने की जानकारी दी। फिलहाल रिकवरी की जा रही है।
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नई भुगतान प्रणाली लागू
घटना की जांच के लिए 7 अधिकारियों की समिति बनाई गई है। लेन-देन से जुड़े विभागीय कर्मचारियों को भी जांच में शामिल किया गया है। अब प्रत्येक बिल चार काउंटरों पर जांचा जाएगा और नोडल अधिकारी के सत्यापन के बाद ही वेतन जारी होगा। पहले अकाउंट्स ब्रांच सीधे भुगतान करती थी। सेक्टर-7 थाना पुलिस के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग की शिकायत मिल गई है। मामले की जांच और दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। विभागीय स्तर पर भी इंटरनल इंक्वायरी जारी है।
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कोट
अस्पताल में काम कर रहे डाटा एंट्री ऑपरेटर द्वारा लगभग 25 लाख रुपए का फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है। यह खुलासा होते ही स्वास्थ्य विभाग ने 7 सदस्यीय विशेष जांच टीम गठित कर सभी बिलों को सीज कर दिया है। वहीं विभाग ने नियमों में बदलाव किया है। अकाउंट्स से जुड़े हर बिल की चार स्तर पर चेकिंग होगी। अब से नोडल ऑफिसर नियुक्त किया है जो ऑफिस स्टाफ की सैलरी निकालेगा।- डॉ. आरएस चौहान, पीएमओ, जिला स्वास्थ्य विभाग पंचकूला