{"_id":"698b89caa9446a0e0f0e5168","slug":"sc-commission-sent-notice-to-bajwas-house-he-refused-to-accept-it-garhi-panchkula-news-c-16-1-pkl1082-945757-2026-02-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"एससी आयोग ने बाजवा के घर पर भेजा नोटिस, लेने से किया इन्कार : गढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एससी आयोग ने बाजवा के घर पर भेजा नोटिस, लेने से किया इन्कार : गढ़ी
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने बताया कि कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ पर टिप्पणी के मामले में आयोग ने नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के घर पर नोटिस भेजा था लेकिन उनके सेक्टर-8 स्थित घर पर मौजूद घरेलू कर्मचारियों ने नोटिस लेने से इन्कार कर दिया है।
उन्होंने कहा कि बाजवा को 11 फरवरी को पेश होकर स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया गया है। यही कारण है कि नोटिस को ईमेल भी कर दिया गया है। पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी ऐसी ही कोई टिप्पणी की थी जो उनके संज्ञान में आई है। इसकी रिपोर्ट भी वह जल्द ही एसएसपी से मांगेंगे।
गढ़ी ने कहा कि बाजवा को पहले तरनतारन चुनाव के दौरान नोटिस जारी किया गया था और अब फिर 90 दिन में अब इस मामले में नोटिस जारी किया गया है। गढ़ी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दलितों का सिर्फ इस बार ही अपमान नहीं किया है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि आजकल कांग्रेस पार्टी के नेता यह प्रचार कर रहे हैं कि दलितों को कांग्रेस पार्टी ने बहुत कुछ दिया है जबकि सच्चाई यह है कि भारत के दलितों को भारतीय संविधान ने अधिकार दिए हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि बाजवा को 11 फरवरी को पेश होकर स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया गया है। यही कारण है कि नोटिस को ईमेल भी कर दिया गया है। पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी ऐसी ही कोई टिप्पणी की थी जो उनके संज्ञान में आई है। इसकी रिपोर्ट भी वह जल्द ही एसएसपी से मांगेंगे।
विज्ञापन
गढ़ी ने कहा कि बाजवा को पहले तरनतारन चुनाव के दौरान नोटिस जारी किया गया था और अब फिर 90 दिन में अब इस मामले में नोटिस जारी किया गया है। गढ़ी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दलितों का सिर्फ इस बार ही अपमान नहीं किया है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि आजकल कांग्रेस पार्टी के नेता यह प्रचार कर रहे हैं कि दलितों को कांग्रेस पार्टी ने बहुत कुछ दिया है जबकि सच्चाई यह है कि भारत के दलितों को भारतीय संविधान ने अधिकार दिए हैं।