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सरसमेला : 63 करोड़ के चेक चार जिलों के 1354 स्वयं सहायता समूहों को बांटे
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राष्ट्रीय सरस मेले में लोगों को सम्मानित करते हरियाणा के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री डाॅ. क
सेक्टर-5 परेड ग्राउंड में 26 नवंबर तक चलेगा, हस्तशिल्प और हस्तनिर्मित उत्पादों की लगी प्रदर्शनी
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। हरियाणा के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री डाॅ. कृष्ण लाल पंवार ने सेक्टर-5 के परेड ग्राउंड में 15 नवंबर से 26 नवंबर तक चलने वाले राष्ट्रीय सरस मेले का उद्घाटन किया। इस मौके पर पंवार ने लगभग 63 करोड़ रुपये की राशि के चेक चार जिलों के 1354 स्वयं सहायता समूहों को वितरित किए।
ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री ने मेले में लगे सभी स्टालों का निरीक्षण किया और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की तारीफ की। उन्होंने राज्यों से आए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए पारंपरिक भोजन का भी स्वाद चखा। मेले के मुख्य आकर्षण हस्तशिल्प और हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी है, जिसमें ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पाद जैसे कि हैंडीग्राफ्ट, जैविक उत्पाद, पारंपरिक परिधान, घरेलू सजावट की वस्तुएं शामिल हैं। इसके अलावा मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य, संगीत और नाटक प्रस्तुतियां पेश की जा रही हैं, जोकि ग्रामीण भारत की समृद्ध संस्कृति धरोहर का दर्शाती है। यहां विभिन्न राज्यों से आए स्वादिष्ट पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लेने का अवसर भी उपलब्ध है।
ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं की ओर से बनाए गए ये उत्पाद उनकी मेहनत, रचनात्मकता व स्वावलंबन का प्रतीक हैं। हरियाणा में लगभग 60 हजार स्वयं सहायता समूह कार्य कर रहे हैं जिनके माध्यम से 6 लाख परिवार अपनी आजीविका चला रहे हैं। इन समूहों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
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सरस मेले के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को एक बड़ा प्लेटफॉर्म सरकार उपलब्ध करवा रही है ताकि वे अपने उत्पादों को देश व प्रदेशभर में दिखा सकें और बिक्री कर सकें। इन महिलाओं का हुनर और मेहनत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का सरस मेला एक महत्वपूर्ण अवसर है।
हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डाॅ. अमरेंद्र कौर ने बताया कि इस मेले में देशभर से 10 राज्य के स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने भाग लिया और सरस मेले के लगभग 200 स्टालों के माध्यम से अलग-अलग राज्य की महिलाओं ने अपने उत्पाद पेश किए। सरस मेले का आयोजन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करता है और शहरी उपभोक्ताओं को ग्रामीण क्षेत्र के अनूठे उत्पादों से भी परिचित कराता हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। हरियाणा के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री डाॅ. कृष्ण लाल पंवार ने सेक्टर-5 के परेड ग्राउंड में 15 नवंबर से 26 नवंबर तक चलने वाले राष्ट्रीय सरस मेले का उद्घाटन किया। इस मौके पर पंवार ने लगभग 63 करोड़ रुपये की राशि के चेक चार जिलों के 1354 स्वयं सहायता समूहों को वितरित किए।
ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री ने मेले में लगे सभी स्टालों का निरीक्षण किया और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की तारीफ की। उन्होंने राज्यों से आए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए पारंपरिक भोजन का भी स्वाद चखा। मेले के मुख्य आकर्षण हस्तशिल्प और हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी है, जिसमें ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पाद जैसे कि हैंडीग्राफ्ट, जैविक उत्पाद, पारंपरिक परिधान, घरेलू सजावट की वस्तुएं शामिल हैं। इसके अलावा मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य, संगीत और नाटक प्रस्तुतियां पेश की जा रही हैं, जोकि ग्रामीण भारत की समृद्ध संस्कृति धरोहर का दर्शाती है। यहां विभिन्न राज्यों से आए स्वादिष्ट पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लेने का अवसर भी उपलब्ध है।
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ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं की ओर से बनाए गए ये उत्पाद उनकी मेहनत, रचनात्मकता व स्वावलंबन का प्रतीक हैं। हरियाणा में लगभग 60 हजार स्वयं सहायता समूह कार्य कर रहे हैं जिनके माध्यम से 6 लाख परिवार अपनी आजीविका चला रहे हैं। इन समूहों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
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सरस मेले के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को एक बड़ा प्लेटफॉर्म सरकार उपलब्ध करवा रही है ताकि वे अपने उत्पादों को देश व प्रदेशभर में दिखा सकें और बिक्री कर सकें। इन महिलाओं का हुनर और मेहनत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का सरस मेला एक महत्वपूर्ण अवसर है।
हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डाॅ. अमरेंद्र कौर ने बताया कि इस मेले में देशभर से 10 राज्य के स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने भाग लिया और सरस मेले के लगभग 200 स्टालों के माध्यम से अलग-अलग राज्य की महिलाओं ने अपने उत्पाद पेश किए। सरस मेले का आयोजन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करता है और शहरी उपभोक्ताओं को ग्रामीण क्षेत्र के अनूठे उत्पादों से भी परिचित कराता हैं।