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सरस मेला : पहले रही मौसम की बेरुखी, बाद में नहीं मिला लोगों का साथ
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-5 के परेड ग्रांउड में सरस मेले का मंगलवार को समापन हो गया। 12 दिन तक चले इस मेले का मिलाजुला असर देखने को मिला। इस मेले में देशभर से स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी लगाकर बिक्री के लिए 200 स्टाॅल लगाए गए थे। मेले में देशभर से स्टॉल लगाने के लिए पहुंचे दुकानदारों ने कहा कि पहले दो दिन तक लगातार हुई बारिश ने काम खराब किया तो बाद में आशा के मुताबिक लोग नहीं पहुंचे। इससे मेले का मजा अधूरा रह गया और उनको निराशा हाथ लगी।
मेले में नहीं दिखा उत्साह
मेले में बेकरी का सामन बेच रहे शुभम ने बताया कि 12 दिनों तक चले इस मेले में किसी दिन बड़ी संख्या में पहुंचे तो किसी दिन मेले में आने वाले लोगों की संख्या कम रही। आंध्र प्रदेश से आचार का स्टॉल लगाने पहुंचे संस्था कुमार ने बताया कि मेले के पहले दो दिन बारिश की भेंट चढ़े। वहीं, बाकी दिन भी आशा के मुताबिक भीड़ देखने को नहीं मिली। मेले में हथकरघा का समान बेच रहे अनमोलक चंद्र ने कहा कि पहले दो दिन हुई बारिश के चलते स्टॉल में टेंट की ठीक व्यवस्था न होने के चलते काफी सारा सामान भीग गया। बाकी दिनों में लोगों का रुझान मिला -जुला रहा। बिहार से लिट्टी चोखा का स्टॉल लगाने के लिए पवन कुमार ने कहा कि मेले में लोगों ने बिहार के मशहूर लिट्टी चोखा समेत फ्रेश कुल्फी को कम स्वाद चखा।
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पंचकूला। सेक्टर-5 के परेड ग्रांउड में सरस मेले का मंगलवार को समापन हो गया। 12 दिन तक चले इस मेले का मिलाजुला असर देखने को मिला। इस मेले में देशभर से स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी लगाकर बिक्री के लिए 200 स्टाॅल लगाए गए थे। मेले में देशभर से स्टॉल लगाने के लिए पहुंचे दुकानदारों ने कहा कि पहले दो दिन तक लगातार हुई बारिश ने काम खराब किया तो बाद में आशा के मुताबिक लोग नहीं पहुंचे। इससे मेले का मजा अधूरा रह गया और उनको निराशा हाथ लगी।
मेले में नहीं दिखा उत्साह
मेले में बेकरी का सामन बेच रहे शुभम ने बताया कि 12 दिनों तक चले इस मेले में किसी दिन बड़ी संख्या में पहुंचे तो किसी दिन मेले में आने वाले लोगों की संख्या कम रही। आंध्र प्रदेश से आचार का स्टॉल लगाने पहुंचे संस्था कुमार ने बताया कि मेले के पहले दो दिन बारिश की भेंट चढ़े। वहीं, बाकी दिन भी आशा के मुताबिक भीड़ देखने को नहीं मिली। मेले में हथकरघा का समान बेच रहे अनमोलक चंद्र ने कहा कि पहले दो दिन हुई बारिश के चलते स्टॉल में टेंट की ठीक व्यवस्था न होने के चलते काफी सारा सामान भीग गया। बाकी दिनों में लोगों का रुझान मिला -जुला रहा। बिहार से लिट्टी चोखा का स्टॉल लगाने के लिए पवन कुमार ने कहा कि मेले में लोगों ने बिहार के मशहूर लिट्टी चोखा समेत फ्रेश कुल्फी को कम स्वाद चखा।
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