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सड़कें बनाने में ठेकेदार लापरवाह, बीच में छोड़ा काम, लोग परेशान
ब्यूरो, अमर उजाला, पंचकूला
Updated Wed, 13 Jul 2016 10:36 AM IST
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पंचकूला सेक्टर 19 की एंट्रेस पर टूटी सड़का।
- फोटो : अमर उजाला
वार्ड नंबर 13 में पड़ने वाले सेक्टर 19 की सड़कों का निर्माण लटकने की वजह से स्थानीय निवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस सेक्टर में नगर निगम की ओर से 24 लाख से आंतरिक सड़कों का निर्माण शुरू किया गया। लेकिन ठेकेदार बीच में काम छोड़कर चला गया। ऐसे ही गांव अभयपुर की सड़कों का काम भी ठेकेदार ने बीच में ही छोड़ा हुआ है। निगम ने ठेकेदार को भुगतान भी कर दिया है। अब सेक्टर 19 की बची सड़कों का आलम यह है कि यहां बारिश होते ही जलभराव की स्थिति होती है। बारिश का पानी गड्ढों में भर जाता है। इससे वाहन चालकों को ये गड्ढे दिखाई नहीं देते और वह हादसे का शिकार हो जाते हैं।
नगर निगम ने सेक्टर 19 की आंतरिक सड़कों के निर्माण का ठेका 24 लाख में गेंदाराम फर्म के ठेकेदार गुरमीत सिंह को 5 जनवरी को दिया था। इसे 5 मई तक पूरा करना था। ठेके का समय बीते एक माह से भी अधिक हो गया है। लेकिन निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ। ठेकेदार की लापरवाही का खामियाजा सेक्टरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। ऐसे ही वार्ड नंबर 13 में पड़ने वाले गांव अभयपुर का भी ठेका करण नाम के ठेकेदार को दिया गया था। ठेकेदार करण ने भी सड़कों का काम बीच में ही छोड़ा हुआ है। इस कारण गांव के लोग परेशानियों से जूझ रहे हैं।
ड्रेनेज सिस्टम की सही नहीं की लेवलिंग
सेक्टर-19 में हुडा की लापरवाही के कारण भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सेक्टर में ड्रेनेज सिस्टम तो बनवाए गए है, परंतु इनकी लेवलिंग सही से नहीं की गई है। इस वजह से बारिश का पानी ड्रेनेज सिस्टम तक पहुंच ही नहीं पाता और सड़कों पर जलभराव हो जाता है। कई बार तो लोगों के घरों में भी पानी घुस जाता है। लोगों का कहना है कि हुडा की लापरवाही का खामियाजा हमें भुगतना पड़ रहा है।
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कोट
सड़कें न बनने के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गड्ढों की वजह से वाहन भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। जिसे ठीक कराने के लिए हमें ही भुगतान करना पड़ रहा है। ठेकेदार की लापरवाही से हमें ही परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
-ज्योति, सेक्टर-19
नगर निगम को ठेकेदार को ठेका देते वक्त जांच पड़ताल करनी चाहिए। ऐसे ठेकेदार का ठेका रद्द कर देना चाहिए, जो कार्य को बीच में छोड़ देते हैं। निगम को किसी जिम्मेदार ठेकेदार को कार्य सौंपना चाहिए।
-अंकुर गुलाटी, सेक्टर-19
सेक्टर 19 में कई सड़कें ऐसी हैं, जहां घरों से ज्यादा गली में गड्ढे हैं। इन टूटी सड़कों के कारण रोजाना हादसों मे वृद्धि हो रही है। बारिश के बाद हादसे और अधिक होते हैं।
-कृष्ण गोयल, सेक्टरवासी
नगर निगम के कमिश्नर को इस बारे में शिकायत की थी। लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। साथ ही नगर निगम के जेई, एसई को भी ठेकेदार की लापरवाही के बारे में बताया है। लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकला है। सेक्टर की आंतरिक सड़कों के निर्माण का ठेका 24 लाख में दिया गया था, लेकिन उतना काम नहीं हुआ है।
-रविकांत स्वामी, पार्षद वार्ड नंबर-13
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नगर निगम ने सेक्टर 19 की आंतरिक सड़कों के निर्माण का ठेका 24 लाख में गेंदाराम फर्म के ठेकेदार गुरमीत सिंह को 5 जनवरी को दिया था। इसे 5 मई तक पूरा करना था। ठेके का समय बीते एक माह से भी अधिक हो गया है। लेकिन निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ। ठेकेदार की लापरवाही का खामियाजा सेक्टरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। ऐसे ही वार्ड नंबर 13 में पड़ने वाले गांव अभयपुर का भी ठेका करण नाम के ठेकेदार को दिया गया था। ठेकेदार करण ने भी सड़कों का काम बीच में ही छोड़ा हुआ है। इस कारण गांव के लोग परेशानियों से जूझ रहे हैं।
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ड्रेनेज सिस्टम की सही नहीं की लेवलिंग
सेक्टर-19 में हुडा की लापरवाही के कारण भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सेक्टर में ड्रेनेज सिस्टम तो बनवाए गए है, परंतु इनकी लेवलिंग सही से नहीं की गई है। इस वजह से बारिश का पानी ड्रेनेज सिस्टम तक पहुंच ही नहीं पाता और सड़कों पर जलभराव हो जाता है। कई बार तो लोगों के घरों में भी पानी घुस जाता है। लोगों का कहना है कि हुडा की लापरवाही का खामियाजा हमें भुगतना पड़ रहा है।
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सड़कें न बनने के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गड्ढों की वजह से वाहन भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। जिसे ठीक कराने के लिए हमें ही भुगतान करना पड़ रहा है। ठेकेदार की लापरवाही से हमें ही परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
-ज्योति, सेक्टर-19
नगर निगम को ठेकेदार को ठेका देते वक्त जांच पड़ताल करनी चाहिए। ऐसे ठेकेदार का ठेका रद्द कर देना चाहिए, जो कार्य को बीच में छोड़ देते हैं। निगम को किसी जिम्मेदार ठेकेदार को कार्य सौंपना चाहिए।
-अंकुर गुलाटी, सेक्टर-19
सेक्टर 19 में कई सड़कें ऐसी हैं, जहां घरों से ज्यादा गली में गड्ढे हैं। इन टूटी सड़कों के कारण रोजाना हादसों मे वृद्धि हो रही है। बारिश के बाद हादसे और अधिक होते हैं।
-कृष्ण गोयल, सेक्टरवासी
नगर निगम के कमिश्नर को इस बारे में शिकायत की थी। लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। साथ ही नगर निगम के जेई, एसई को भी ठेकेदार की लापरवाही के बारे में बताया है। लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकला है। सेक्टर की आंतरिक सड़कों के निर्माण का ठेका 24 लाख में दिया गया था, लेकिन उतना काम नहीं हुआ है।
-रविकांत स्वामी, पार्षद वार्ड नंबर-13