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गैस डिलीवरी में धांधली: सिलेंडर से गैस चोरी कर ग्रामीणों को ठगा
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोरनी। गैस सिलेंडर डिलीवरी के नाम पर उपभोक्ताओं के साथ हो रही धोखाधड़ी का एक मामला वीरवार को सामने आया। काजड गांव के एक युवक को कम मात्रा वाला गैस वाला सिलिंडर डिलीवर किया गया।
युवक ने ऑनलाइन सिलेंडर बुक करवाने के बाद पूरे पैसे चुकाए थे। लेकिन, जब सिलेंडर का वजन किया गया तो उसमें लगभग 3 किलो गैस कम पाई गई। जब युवक ने इस धांधली की शिकायत डिलीवरी कर्मी से की, तो उसने गलती मानते हुए तुरंत 200 रुपए रिफंड कर दिए। यह सिलेंडर आशीर्वाद गैस एजेंसी की डिलीवरी सेवा के तहत दिया गया था। इस घटना ने गांव के अन्य उपभोक्ताओं में भी आक्रोश पैदा कर दिया है, क्योंकि यह समस्या एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि अधिकतर उपभोक्ता इस तरह की धोखा-धड़ी का शिकार हो सकते हैं।
ग्रामीणों में आक्रोश
ग्रामीणों ने बताया कि हर घर में सिलेंडर तौलने की व्यवस्था नहीं होती, जिससे कई बार लोग बिना वजन किए ही सिलेंडर स्वीकार कर लेते हैं। इस वजह से उन्हें कम गैस वाले सिलेंडर मिल जाते हैं और उनकी कोई सुनवाई नहीं होती। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा है और अब इस पर रोक लगाने की सख्त जरूरत है।
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प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से इस धोखाधड़ी के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि जल्द ही वे इस मामले की शिकायत पंचकूला के उपायुक्त को सौंपेंगे। मांग करेंगे कि इस प्रकार की धोखाधड़ी को रोकने के लिए ठोस प्रबंध किए जाएं। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि गैस सिलेंडर की गुणवत्ता और वजन की जांच के लिए गांवों में भी उचित व्यवस्था की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को सही मात्रा में गैस मिल सके।
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मोरनी। गैस सिलेंडर डिलीवरी के नाम पर उपभोक्ताओं के साथ हो रही धोखाधड़ी का एक मामला वीरवार को सामने आया। काजड गांव के एक युवक को कम मात्रा वाला गैस वाला सिलिंडर डिलीवर किया गया।
युवक ने ऑनलाइन सिलेंडर बुक करवाने के बाद पूरे पैसे चुकाए थे। लेकिन, जब सिलेंडर का वजन किया गया तो उसमें लगभग 3 किलो गैस कम पाई गई। जब युवक ने इस धांधली की शिकायत डिलीवरी कर्मी से की, तो उसने गलती मानते हुए तुरंत 200 रुपए रिफंड कर दिए। यह सिलेंडर आशीर्वाद गैस एजेंसी की डिलीवरी सेवा के तहत दिया गया था। इस घटना ने गांव के अन्य उपभोक्ताओं में भी आक्रोश पैदा कर दिया है, क्योंकि यह समस्या एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि अधिकतर उपभोक्ता इस तरह की धोखा-धड़ी का शिकार हो सकते हैं।
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ग्रामीणों में आक्रोश
ग्रामीणों ने बताया कि हर घर में सिलेंडर तौलने की व्यवस्था नहीं होती, जिससे कई बार लोग बिना वजन किए ही सिलेंडर स्वीकार कर लेते हैं। इस वजह से उन्हें कम गैस वाले सिलेंडर मिल जाते हैं और उनकी कोई सुनवाई नहीं होती। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा है और अब इस पर रोक लगाने की सख्त जरूरत है।
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प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से इस धोखाधड़ी के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि जल्द ही वे इस मामले की शिकायत पंचकूला के उपायुक्त को सौंपेंगे। मांग करेंगे कि इस प्रकार की धोखाधड़ी को रोकने के लिए ठोस प्रबंध किए जाएं। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि गैस सिलेंडर की गुणवत्ता और वजन की जांच के लिए गांवों में भी उचित व्यवस्था की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को सही मात्रा में गैस मिल सके।