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पुनर्वास मामला : सरकार की कथनी-करनी में अंतर, गुमराह कर रहे अधिकारी
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पंचकूला। प्रदेश सरकार ने पुनर्वास योजना के तहत राजीव-इंदिरा कॉलोनी के लोगों को प्लॉट देने का सपना दिखाया। यह सपना आजतक पूरा नहीं हो पाया है। प्रधानमंत्री का नारा ‘सबका साथ-सबका विकास’ का है, लेकिन प्रदेश सरकार के नेता इस नारे के विपरीत कार्य कर रहे हैं। वह विकास कार्यों में भी पक्षपात करते हैं। यह आरोप राजीव-इंदिरा कॉलोनी के निवासियों ने लगाए हैं। रविवार को अमर उजाला कार्यालय में राजीव-इंदिरा कॉलोनी पुनर्वास योजना को लेकर संवाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें करीब 14 लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
संवाद में महिलाएं और पुरुष दोनों ही शामिल रहे। इस दौरान लोगों ने बड़ी बेबाकी से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि प्लॉट की मांग को लेकर एक सप्ताह के अंदर वे बैठक करेंगे, इसमें रणनीति तैयार कर आगे कदम बढ़ाएंगे। अब वह भी किसानों की तरह ही प्लॉट के लिए आंदोलन करेंगे। संवाद कार्यक्रम में वार्ड नंबर-7 की पार्षद ऊषा रानी, डॉ. राम प्रसाद, मोहम्मद नासिर, उमेद सिंह, सुनील सरोहा, राजेश नन्हा, आरती देवी, राम सरन, राजीव भुक्कल, पन्ना लाल, राम प्रताप यादव, इंद्रजीत चौधरी, नंदलाल सरोज और एडवोकेट एसके त्रिपाठी शामिल हुए।
विभागीय अधिकारी कर रहे गुमराह
पिछले 25 साल से हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारी राजीव-इंदिरा कॉलोनी के लोगों को गुमराह कर रहे हैं। पहले अधिकारियों ने प्लॉट के नाम में लाखों रुपये जमा करवाए। इसके बाद उन्होंने लोगों से फ्लैट की स्कीम का झांसा देकर रुपये जमा करवा लिए। आज तक न तो किसी को प्लॉट मिला और न ही फ्लैट। जबकि, सरकार ने प्लॉट देने का वादा किया था। - ऊषा रानी, पार्षद वार्ड नंबर-7
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डिप्टी सीएम प्लॉट दिलाएं, नहीं तो समर्थन वापस लें
जजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला का कहना है कि वे गरीबों और किसानों के साथ हैं। उनके इस बयान का स्वागत करते हैं। प्रदेश में भाजपा-जजपा की गठबंधन सरकार है। यदि वह गरीबों के सच्चे हितैषी हैं तो तत्काल प्रभाव से कॉलोनी के लोगों को दो-दो मरले का प्लॉट दिलाएं। प्रदेश में उपमुख्यमंत्री उनका बेटा है। यदि उनकी बात सरकार नहीं मानती है तो अपना समर्थन वापस ले लें। - डॉ. रामप्रसाद, निवासी इंदिरा कॉलोनी।
करनाल की तर्ज पर सरकार दे प्लॉट
जिस तरह मुख्यमंत्री ने अपने विधानसभा क्षेत्र करनाल के झुग्गी-झोपड़ी वालों को दो-दो मरले के प्लॉट दिए हैं उसी तरह राजीव-इंदिरा कालोनी के लोगों को भी प्लॉट दिया जाए। एक ही प्रदेश में दो तरह की योजना लागू करना उचित नहीं है। भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री दावा करते हैं कि सबका साथ, सबका विकास। लेकिन, यह सच साबित होता दिखाई नहीं दे रहा है। यदि ऐसा नहीं है तो अभी तक कालोनी के लोगों को प्लॉट क्यों नहीं दिया गया। - राम सरन, निवासी इंदिरा कालोनी।
कॉलोनी के लोग अनदेखी का शिकार
जिन लोगों ने पंचकूला को बसाने में अहम भूमिका निभाई वह आज सरकार की अनदेखी का शिकार हैं। इतना ही नहीं सरकार अब लोगों को बेघर करने पर उतारू हो गई है। यदि राजीव-इंदिरा कॉलोनी के लोगों को फ्लैट में शिफ्ट किया गया तो वह रोजी-रोटी के लिए तरस जाएंगे। वह एक छोटे से फ्लैट में अपने परिवार के साथ कैसे गुजारा करेंगे। इसलिए सरकार लोगों को बुढ़नपुर में प्लॉट देकर बसाए। - मोहम्मद नासिर, निवासी इंदिरा कॉलोनी।
फ्लैट की कीमत अदा नहीं कर पाएंगे लोग
कॉलोनी के लोग फ्लैट की कीमत किसी भी सूरत में अदा नहीं कर पाएंगे। क्योंकि यह लोग दिनभर मेहनत करके जो पैसा कमाते हैं उसी में परिवार का पालन-पोषण करते हैं। ऐसे में एक फ्लैट की कीमत साढ़े 11 लाख रुपये कैसे अदा कर सकते हैं। इतना ही नहीं कॉलोनी के लोगों का फ्लैट में गुजारा भी नहीं हो सकता है। यदि सरकार प्लॉट देती है तो वह उसके ऊपर एक और छत डालकर परिवार का गुजारा कर सकते हैं। - सुनील सरोह, निवासी इंदिरा कॉलोनी।
आशियाना फ्लैटों की हालत दयनीय
सरकार द्वारा जिन लोगों को आशियाना फ्लैट में बसाया गया है वह किस हालात में जीवन यापन कर रहे है, उनसे ज्यादा कोई और नहीं बता सकता है। फ्लैट्स को बने अभी 11 साल से अधिक नहीं हुए हैं, लेकिन स्थिति बदतर हो गई है। फ्लैट में सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। यदि कॉलोनी के लोगों को भी फ्लैट में बसाया गया तो उनकी भी हालत यही होगी। -राजीव भुक्कल, निवासी राजीव कॉलोनी।
फ्लैट नहीं, प्लॉट दिया जाए
फ्लैट देकर सरकार लोगों को उजाड़ना चाहती है। क्योंकि, जिस जगह फ्लैट बनाने की योजना है वह शहर से दूर है। गरीब लोगों को सेक्टर-28 से लेबर चौक आने में काफी समय निकल जाएगा। इसके अलावा कॉलोनी की जो महिलाएं हैं वह कोठियों में काम करके परिवार चलाती हैं। वह भी बेरोजगार हो जाएंगी। इसलिए कॉलोनी के लोगों को सेक्टर-20, सेक्टर-28 में न बसाकर बुढ़नपुर में ही प्लॉट दिया जाए। - उमेद सिंह, निवासी राजीव कॉलोनी।
बेघर करने पर उतारू प्रदेश सरकार
प्रदेश सरकार राजीव-इंदिरा कॉलोनी के लोगों को फ्लैट में शिफ्ट करके उनको बेघर करना चाहती है। यदि ऐसा हुआ तो उनके सामने मुसीबत खड़ी हो जाएगी। सेक्टर वासियों को भी कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ेगा। अधिकांश सेक्टरों में कॉलोनी के लोग ही काम करते हैं। सेक्टर-28 और सेक्टर-20 से लेबर चौक आने में लोगों को दिक्कत होगी। - राजेश नन्हा, निवासी इंदिरा कॉलोनी।
फ्लैट में नहीं होगा परिवार का बसर
फ्लैट में परिवार के लोगों का बसर नहीं होगा। यदि सरकार उन्हें बुढ़नपुर में प्लॉट देती है तो वह उसके ऊपर कमरा बनाकर किसी तरह से भी गुजारा कर सकते हैं। उन्हें कमरा बनाने में भी ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। लेबर का काम वह खुद कर लेंगे और मटीरियल भी उनके पास है। लेकिन, फ्लैट की कीमत अदा करने में उनके पसीने छूट जाएंगे। सरकार फ्लैट नहीं प्लॉट देकर बसाए। -आरती देवी, राजीव कॉलोनी।
35 साल से संघर्ष कर रहे हैं लोग
राजीव-इंदिरा कॉलोनी के लोग 35 साल से मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भजन लाल ने उन्हें प्लॉट देने का वादा किया था। उनके आदेश पर विभागीय अधिकारियों ने प्रोजेक्ट तैयार किया। सर्वे करवाकर लाभार्थियों की पहचान की। इतना ही नहीं बड़ी संख्या में लोगों से पैसे भी जमा करवाए गए। लेकिन आजतक एक भी व्यक्ति को प्लॉट नहीं मिला। - पन्ना लाल, निवासी इंदिरा कॉलोनी।
जीरो से शुरू करनी पड़ेगी जिंदगी
सरकार को अपने वादे पर खरा उतरना चाहिए और लोगों को प्लॉट देकर बसाना चाहिए। यदि उन्हें फ्लैट में बसाया गया तो जीवन की शुरूआत नए सिरे से करनी पड़ेगी। कोरोना महामारी के प्रभाव से अभी लोग निकल नहीं पाए हैं। वह परिवार का पालन करने के लिए नौकरी की तलाश कर रहे हैं। ऐसे में यदि फ्लैट में बसाया गया तो वह इतनी बढ़ी रकम की भरपाई कैसे करेंगे। - राम प्रताप यादव, निवासी इंदिरा कॉलोनी।
पक्षपात की राजनीति अच्छी नहीं
पक्षपात की राजनीति अच्छी नहीं होती है। मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश का एक होता है। उनको एक ही नजरिए से सभी को देखना चाहिए। जब मुख्यमंत्री अपने गृह क्षेत्र करनाल में झुग्गी-झोपड़ी वालों को दो-दो मरले का प्लॉट दे सकते हैं, तो राजीव-इंदिरा कॉलोनी के लोगों को देने में क्या परेशानी है। यदि वह सभी का एक सामान्य विकास चाहते हैं तो उन्हें भी लोगों को बुढ़नपुर में प्लॉट देकर बसाया जाए। - इंद्रजीत चौधरी, निवासी इंदिरा कॉलोनी
लोगों को बुढ़नपुर में दिया जाए प्लॉट
एचएसवीपी राजीव-इंदिरा कॉलोनी के लोगों को बुढ़नपुर के साथ खाली पड़ी जमीन पर प्लॉट का कब्जा दे। क्योंकि, विभाग ने आज से करीब 25 साल पहले बुढ़नपुर के साथ खाली पड़ी जमीन पर प्लॉट काटे थे। 306 लोगों को अलॉटमेंट लेटर भी जारी कर दिया था। लेकिन, आजतक किसी भी व्यक्ति को प्लॉट का कब्जा नहीं दिया गया। प्लॉट को लेकर अब आमने-सामने की लड़ाई लड़ेंगे। - नंदलाल सरोज, निवासी राजीव कॉलोनी।
कॉलोनी के लोगों का केस मजबूत
राजीव-इंदिरा कॉलोनी के लोगों को पुनर्वास योजना के तहत बुढ़नपुर में ही फ्लैट देकर बसाना चाहिए। इसके लिए कॉलोनी के लोगों को सरकार से बातचीत करनी चाहिए। यदि बातचीत से मांग पूरी नहीं होती है तो फिर आगे धरना-प्रदर्शन की रणनीति बनानी चाहिए। इसके बाद भी यदि समस्या का समाधान नहीं होता है तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाना चाहिए। कॉलोनी के लोगों का केस मजबूत है और न्याय जरूर मिलेगा। - एडवोकेट एसके त्रिपाठी, सेक्टर-28 पंचकूला
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संवाद में महिलाएं और पुरुष दोनों ही शामिल रहे। इस दौरान लोगों ने बड़ी बेबाकी से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि प्लॉट की मांग को लेकर एक सप्ताह के अंदर वे बैठक करेंगे, इसमें रणनीति तैयार कर आगे कदम बढ़ाएंगे। अब वह भी किसानों की तरह ही प्लॉट के लिए आंदोलन करेंगे। संवाद कार्यक्रम में वार्ड नंबर-7 की पार्षद ऊषा रानी, डॉ. राम प्रसाद, मोहम्मद नासिर, उमेद सिंह, सुनील सरोहा, राजेश नन्हा, आरती देवी, राम सरन, राजीव भुक्कल, पन्ना लाल, राम प्रताप यादव, इंद्रजीत चौधरी, नंदलाल सरोज और एडवोकेट एसके त्रिपाठी शामिल हुए।
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विभागीय अधिकारी कर रहे गुमराह
पिछले 25 साल से हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारी राजीव-इंदिरा कॉलोनी के लोगों को गुमराह कर रहे हैं। पहले अधिकारियों ने प्लॉट के नाम में लाखों रुपये जमा करवाए। इसके बाद उन्होंने लोगों से फ्लैट की स्कीम का झांसा देकर रुपये जमा करवा लिए। आज तक न तो किसी को प्लॉट मिला और न ही फ्लैट। जबकि, सरकार ने प्लॉट देने का वादा किया था। - ऊषा रानी, पार्षद वार्ड नंबर-7
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डिप्टी सीएम प्लॉट दिलाएं, नहीं तो समर्थन वापस लें
जजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला का कहना है कि वे गरीबों और किसानों के साथ हैं। उनके इस बयान का स्वागत करते हैं। प्रदेश में भाजपा-जजपा की गठबंधन सरकार है। यदि वह गरीबों के सच्चे हितैषी हैं तो तत्काल प्रभाव से कॉलोनी के लोगों को दो-दो मरले का प्लॉट दिलाएं। प्रदेश में उपमुख्यमंत्री उनका बेटा है। यदि उनकी बात सरकार नहीं मानती है तो अपना समर्थन वापस ले लें। - डॉ. रामप्रसाद, निवासी इंदिरा कॉलोनी।
करनाल की तर्ज पर सरकार दे प्लॉट
जिस तरह मुख्यमंत्री ने अपने विधानसभा क्षेत्र करनाल के झुग्गी-झोपड़ी वालों को दो-दो मरले के प्लॉट दिए हैं उसी तरह राजीव-इंदिरा कालोनी के लोगों को भी प्लॉट दिया जाए। एक ही प्रदेश में दो तरह की योजना लागू करना उचित नहीं है। भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री दावा करते हैं कि सबका साथ, सबका विकास। लेकिन, यह सच साबित होता दिखाई नहीं दे रहा है। यदि ऐसा नहीं है तो अभी तक कालोनी के लोगों को प्लॉट क्यों नहीं दिया गया। - राम सरन, निवासी इंदिरा कालोनी।
कॉलोनी के लोग अनदेखी का शिकार
जिन लोगों ने पंचकूला को बसाने में अहम भूमिका निभाई वह आज सरकार की अनदेखी का शिकार हैं। इतना ही नहीं सरकार अब लोगों को बेघर करने पर उतारू हो गई है। यदि राजीव-इंदिरा कॉलोनी के लोगों को फ्लैट में शिफ्ट किया गया तो वह रोजी-रोटी के लिए तरस जाएंगे। वह एक छोटे से फ्लैट में अपने परिवार के साथ कैसे गुजारा करेंगे। इसलिए सरकार लोगों को बुढ़नपुर में प्लॉट देकर बसाए। - मोहम्मद नासिर, निवासी इंदिरा कॉलोनी।
फ्लैट की कीमत अदा नहीं कर पाएंगे लोग
कॉलोनी के लोग फ्लैट की कीमत किसी भी सूरत में अदा नहीं कर पाएंगे। क्योंकि यह लोग दिनभर मेहनत करके जो पैसा कमाते हैं उसी में परिवार का पालन-पोषण करते हैं। ऐसे में एक फ्लैट की कीमत साढ़े 11 लाख रुपये कैसे अदा कर सकते हैं। इतना ही नहीं कॉलोनी के लोगों का फ्लैट में गुजारा भी नहीं हो सकता है। यदि सरकार प्लॉट देती है तो वह उसके ऊपर एक और छत डालकर परिवार का गुजारा कर सकते हैं। - सुनील सरोह, निवासी इंदिरा कॉलोनी।
आशियाना फ्लैटों की हालत दयनीय
सरकार द्वारा जिन लोगों को आशियाना फ्लैट में बसाया गया है वह किस हालात में जीवन यापन कर रहे है, उनसे ज्यादा कोई और नहीं बता सकता है। फ्लैट्स को बने अभी 11 साल से अधिक नहीं हुए हैं, लेकिन स्थिति बदतर हो गई है। फ्लैट में सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। यदि कॉलोनी के लोगों को भी फ्लैट में बसाया गया तो उनकी भी हालत यही होगी। -राजीव भुक्कल, निवासी राजीव कॉलोनी।
फ्लैट नहीं, प्लॉट दिया जाए
फ्लैट देकर सरकार लोगों को उजाड़ना चाहती है। क्योंकि, जिस जगह फ्लैट बनाने की योजना है वह शहर से दूर है। गरीब लोगों को सेक्टर-28 से लेबर चौक आने में काफी समय निकल जाएगा। इसके अलावा कॉलोनी की जो महिलाएं हैं वह कोठियों में काम करके परिवार चलाती हैं। वह भी बेरोजगार हो जाएंगी। इसलिए कॉलोनी के लोगों को सेक्टर-20, सेक्टर-28 में न बसाकर बुढ़नपुर में ही प्लॉट दिया जाए। - उमेद सिंह, निवासी राजीव कॉलोनी।
बेघर करने पर उतारू प्रदेश सरकार
प्रदेश सरकार राजीव-इंदिरा कॉलोनी के लोगों को फ्लैट में शिफ्ट करके उनको बेघर करना चाहती है। यदि ऐसा हुआ तो उनके सामने मुसीबत खड़ी हो जाएगी। सेक्टर वासियों को भी कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ेगा। अधिकांश सेक्टरों में कॉलोनी के लोग ही काम करते हैं। सेक्टर-28 और सेक्टर-20 से लेबर चौक आने में लोगों को दिक्कत होगी। - राजेश नन्हा, निवासी इंदिरा कॉलोनी।
फ्लैट में नहीं होगा परिवार का बसर
फ्लैट में परिवार के लोगों का बसर नहीं होगा। यदि सरकार उन्हें बुढ़नपुर में प्लॉट देती है तो वह उसके ऊपर कमरा बनाकर किसी तरह से भी गुजारा कर सकते हैं। उन्हें कमरा बनाने में भी ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। लेबर का काम वह खुद कर लेंगे और मटीरियल भी उनके पास है। लेकिन, फ्लैट की कीमत अदा करने में उनके पसीने छूट जाएंगे। सरकार फ्लैट नहीं प्लॉट देकर बसाए। -आरती देवी, राजीव कॉलोनी।
35 साल से संघर्ष कर रहे हैं लोग
राजीव-इंदिरा कॉलोनी के लोग 35 साल से मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भजन लाल ने उन्हें प्लॉट देने का वादा किया था। उनके आदेश पर विभागीय अधिकारियों ने प्रोजेक्ट तैयार किया। सर्वे करवाकर लाभार्थियों की पहचान की। इतना ही नहीं बड़ी संख्या में लोगों से पैसे भी जमा करवाए गए। लेकिन आजतक एक भी व्यक्ति को प्लॉट नहीं मिला। - पन्ना लाल, निवासी इंदिरा कॉलोनी।
जीरो से शुरू करनी पड़ेगी जिंदगी
सरकार को अपने वादे पर खरा उतरना चाहिए और लोगों को प्लॉट देकर बसाना चाहिए। यदि उन्हें फ्लैट में बसाया गया तो जीवन की शुरूआत नए सिरे से करनी पड़ेगी। कोरोना महामारी के प्रभाव से अभी लोग निकल नहीं पाए हैं। वह परिवार का पालन करने के लिए नौकरी की तलाश कर रहे हैं। ऐसे में यदि फ्लैट में बसाया गया तो वह इतनी बढ़ी रकम की भरपाई कैसे करेंगे। - राम प्रताप यादव, निवासी इंदिरा कॉलोनी।
पक्षपात की राजनीति अच्छी नहीं
पक्षपात की राजनीति अच्छी नहीं होती है। मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश का एक होता है। उनको एक ही नजरिए से सभी को देखना चाहिए। जब मुख्यमंत्री अपने गृह क्षेत्र करनाल में झुग्गी-झोपड़ी वालों को दो-दो मरले का प्लॉट दे सकते हैं, तो राजीव-इंदिरा कॉलोनी के लोगों को देने में क्या परेशानी है। यदि वह सभी का एक सामान्य विकास चाहते हैं तो उन्हें भी लोगों को बुढ़नपुर में प्लॉट देकर बसाया जाए। - इंद्रजीत चौधरी, निवासी इंदिरा कॉलोनी
लोगों को बुढ़नपुर में दिया जाए प्लॉट
एचएसवीपी राजीव-इंदिरा कॉलोनी के लोगों को बुढ़नपुर के साथ खाली पड़ी जमीन पर प्लॉट का कब्जा दे। क्योंकि, विभाग ने आज से करीब 25 साल पहले बुढ़नपुर के साथ खाली पड़ी जमीन पर प्लॉट काटे थे। 306 लोगों को अलॉटमेंट लेटर भी जारी कर दिया था। लेकिन, आजतक किसी भी व्यक्ति को प्लॉट का कब्जा नहीं दिया गया। प्लॉट को लेकर अब आमने-सामने की लड़ाई लड़ेंगे। - नंदलाल सरोज, निवासी राजीव कॉलोनी।
कॉलोनी के लोगों का केस मजबूत
राजीव-इंदिरा कॉलोनी के लोगों को पुनर्वास योजना के तहत बुढ़नपुर में ही फ्लैट देकर बसाना चाहिए। इसके लिए कॉलोनी के लोगों को सरकार से बातचीत करनी चाहिए। यदि बातचीत से मांग पूरी नहीं होती है तो फिर आगे धरना-प्रदर्शन की रणनीति बनानी चाहिए। इसके बाद भी यदि समस्या का समाधान नहीं होता है तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाना चाहिए। कॉलोनी के लोगों का केस मजबूत है और न्याय जरूर मिलेगा। - एडवोकेट एसके त्रिपाठी, सेक्टर-28 पंचकूला