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रजिस्ट्री घोटाला ः राजस्व अधिकारियों को अंतिम मौका, 15 दिन में जवाब नहीं तो होगी कार्रवाई
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चंडीगढ़। नियम-7ए का उल्लंघन कर प्रदेशभर में रजिस्ट्री करने वाले तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को हरियाणा सरकार ने जवाब देने के लिए अंतिम मौका दिया है। आगामी 15 तक वे जवाब दे सकते हैं। अगर इस दौरान किसी का जवाब नहीं आया तो उसे एक्स पार्टी मानकर सीधे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई में जुर्माने से लेकर नौकरी से बर्खास्तगी तक संभव है।
हरियाणा में लॉकडाउन से समय रजिस्ट्रियों में गड़बड़ी की शिकायतें आई थी। इसके बाद सरकार ने 3 अप्रैल, 2017 से 13 अगस्त 2021 तक पंजीकृत दस्तावेजों की जांच कराई। जांच में 64577 रजिस्ट्रियों में नियमों का उल्लंघन पाया गया। इस आधार पर फरवरी माह में राजस्व विभाग के एसीएस ने गड़बड़ी के आरोप में शामिल कुल 133 सब-रजिस्ट्रार, 97 संयुक्त सब-रजिस्ट्रार, 156 लिपिकों और 400 से अधिक पटवारियों को नोटिस भेजे थे। नोटिस का जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया गया था। अधिकतर तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों समेत राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने नोटिस का जवाब नहीं दिया। अब उन सभी राजस्व अधिकारियों व कर्मचारियों को विभाग की ओर से अंतिम मौका दिया गया है। अगर उनका जवाब नहीं आता है तो उनके खिलाफ अंडर रूल 7 के तहत कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसमें चार्जशीट के बाद अधिकतम जुर्माने के साथ साथ नौकरी से बर्खास्तगी तक संभव है। वर्ष 2010 से 2016 तक जमीन की रजिस्ट्रियों में 7-ए के उल्लंघनों की जांच के भी आदेश दिए जा चुके हैं। रिपोर्ट आने के बाद इससे संबंधित अधिकारियों को भी नोटिस जारी किए जाएंगे।
सख्ती बरतते ही हड़ताल की चेतावनी
सरकार की तरफ से सख्ती बरते जाने के कारण पटवारी एवं कानूननो एसोसिएशन ने 17 व 18 फरवरी को प्रदेशभर में हड़ताल भी कर दी थी। इसके बाद डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के साथ बैठक के बाद पटवारियों ने हड़ताल खत्म की थी। पटवारियों व कानूनगो का तर्क था कि रजिस्ट्री घोटाले में उनकी कोई भूमिका नहीं है। अब एक बार फिर से द रेवेन्यु आफिसर एसोसिएशन ने मांगों को लेकर 16 व 17 मई को हड़ताल की चेतावनी दी है।
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राजस्व अधिकारियों व कर्मचारियों को जवाब देने के लिए 15 दिन का अंतिम मौका दिया है। इस दौरान किसी का का जवाब नहीं आया तो समझा जाएगा कि संबंधित अधिकारी को अपना बचाव में कुछ भी नहीं कहना है। इसलिए इनके खिलाफ आगामी कार्रवाई की जाएगी। -पीके दास, एसीएस, राजस्व विभाग।
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हरियाणा में लॉकडाउन से समय रजिस्ट्रियों में गड़बड़ी की शिकायतें आई थी। इसके बाद सरकार ने 3 अप्रैल, 2017 से 13 अगस्त 2021 तक पंजीकृत दस्तावेजों की जांच कराई। जांच में 64577 रजिस्ट्रियों में नियमों का उल्लंघन पाया गया। इस आधार पर फरवरी माह में राजस्व विभाग के एसीएस ने गड़बड़ी के आरोप में शामिल कुल 133 सब-रजिस्ट्रार, 97 संयुक्त सब-रजिस्ट्रार, 156 लिपिकों और 400 से अधिक पटवारियों को नोटिस भेजे थे। नोटिस का जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया गया था। अधिकतर तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों समेत राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने नोटिस का जवाब नहीं दिया। अब उन सभी राजस्व अधिकारियों व कर्मचारियों को विभाग की ओर से अंतिम मौका दिया गया है। अगर उनका जवाब नहीं आता है तो उनके खिलाफ अंडर रूल 7 के तहत कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसमें चार्जशीट के बाद अधिकतम जुर्माने के साथ साथ नौकरी से बर्खास्तगी तक संभव है। वर्ष 2010 से 2016 तक जमीन की रजिस्ट्रियों में 7-ए के उल्लंघनों की जांच के भी आदेश दिए जा चुके हैं। रिपोर्ट आने के बाद इससे संबंधित अधिकारियों को भी नोटिस जारी किए जाएंगे।
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सख्ती बरतते ही हड़ताल की चेतावनी
सरकार की तरफ से सख्ती बरते जाने के कारण पटवारी एवं कानूननो एसोसिएशन ने 17 व 18 फरवरी को प्रदेशभर में हड़ताल भी कर दी थी। इसके बाद डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के साथ बैठक के बाद पटवारियों ने हड़ताल खत्म की थी। पटवारियों व कानूनगो का तर्क था कि रजिस्ट्री घोटाले में उनकी कोई भूमिका नहीं है। अब एक बार फिर से द रेवेन्यु आफिसर एसोसिएशन ने मांगों को लेकर 16 व 17 मई को हड़ताल की चेतावनी दी है।
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राजस्व अधिकारियों व कर्मचारियों को जवाब देने के लिए 15 दिन का अंतिम मौका दिया है। इस दौरान किसी का का जवाब नहीं आया तो समझा जाएगा कि संबंधित अधिकारी को अपना बचाव में कुछ भी नहीं कहना है। इसलिए इनके खिलाफ आगामी कार्रवाई की जाएगी। -पीके दास, एसीएस, राजस्व विभाग।