{"_id":"641a1360b250c074ae06e0c4","slug":"ready-to-deal-with-every-situation-but-if-force-is-used-the-situation-will-be-worse-punjab-pkl-office-news-c-16-1-pkl1041-93953-2023-03-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"हर हालात से निपटने को तैयार, लेकिन बल प्रयोग किया तो बदतर होंगे हालात : पंजाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हर हालात से निपटने को तैयार, लेकिन बल प्रयोग किया तो बदतर होंगे हालात : पंजाब
विज्ञापन
चंडीगढ़। चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर कौमी इंसाफ मोर्चा के मार्ग बाधित करने के मामले में पंजाब सरकार ने जवाब दाखिल करते हुए बताया कि सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है और शांति से विवाद का निपटारा करने का प्रयास कर रही है। सरकार ने कहा कि खुफिया एजेंसियों से आई रिपोर्ट के अनुसार धरने में जत्थेबंदियां एकत्रित होने लगी हैं और यदि बल का इस्तेमाल किया गया तो राज्य में हालात बदतर हो सकते हैं। सरकार ने कहा कि इसका कारण इन जत्थेबंदियों की जड़ें पूरे पंजाब में फैला होना है।
अराइव सेफ सोसाइटी चंडीगढ़ के अध्यक्ष हरमन सिंह सिद्धू ने जनहित याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि सिख बंदियों को छुड़ाने की मांग को लेकर सात जनवरी से मोहाली में पक्के मोर्चे लगाए जा रहे हैं। याचिका में अपील की गई कि सरकार को आदेश दिया जाए कि मोहाली के वाईपीएस चौक, फेज-7, फेज-3 ए, में प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए अतिक्रमण को जल्द हटाया जाए। इस मोर्चे से आम लोगों को वहां से गुजरने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है और लोगों की जान-माल व स्वतंत्रता की सुरक्षा की जाए। कौमी इंसाफ मोर्चा से जुड़े सदस्य कानून व्यवस्था खराब कर सकते हैं और शांति व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। इससे ट्रैफिक जाम की स्थिति और राइट टू फ्री मूवमेंट भी प्रभावित हो रहा है।
पंजाब सरकार ने बताया कि स्थिति से निपटने के लिए पंजाब सरकार, चंडीगढ़ प्रशासन व कौमी इंसाफ मोर्चा के नेताओं के साथ बैठक की गई थी। बैठक में उन्होंने विश्वास दिलाया था कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण होगा। कोर्ट को बताया गया कि 8 फरवरी की घटना को छोड़ दिया जाए तो मोहाली में अभी तक प्रदर्शन शांतिपूर्ण है। धरने का बड़ा और प्रभावी हिस्सा चंडीगढ़ की सीमा में मौजूद है। सरकार ने बताया कि मामला धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है और इसलिए पुलिस बल प्रयोग से बच रही है। इस प्रकार के प्रदर्शन से सख्ती से निपटना सही नहीं है और ऐसे में शांतिपूर्वक विवाद के निपटारे का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
स्थिति से निपटने के लिए 2 कमांडेंट, 2 एसपी, 15 डीएसपी, 53 इंस्पेक्टर/एसआई, 818 गैर राजपत्रित अधिकारी व 135 महिला पुलिस की तैनाती की गई है। चंडीगढ़ पुलिस को कमांडो की 2 कंपनी दी गई हैं ताकि सीमा के उस ओर प्रदर्शनकारियों से निपटा जा सके। जेसीबी व रेत से भरे टिप्पर तैनात किए गए हैं ताकि बैरिकेट टूटने की स्थित में रेत से प्रदर्शनकारियों को रोका जा सके। अफवाहों को रोकने के लिए सोशल मीडिया सेल एक्टिव है और चेतावनी से जुड़ी फायरिंग के लिए हथियार के साथ टीम मौजूद है। मटोर को छोड़ कर बाकी सभी स्थानों पर ट्रैफिक सुचारु है।
विज्ञापन
अराइव सेफ सोसाइटी चंडीगढ़ के अध्यक्ष हरमन सिंह सिद्धू ने जनहित याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि सिख बंदियों को छुड़ाने की मांग को लेकर सात जनवरी से मोहाली में पक्के मोर्चे लगाए जा रहे हैं। याचिका में अपील की गई कि सरकार को आदेश दिया जाए कि मोहाली के वाईपीएस चौक, फेज-7, फेज-3 ए, में प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए अतिक्रमण को जल्द हटाया जाए। इस मोर्चे से आम लोगों को वहां से गुजरने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है और लोगों की जान-माल व स्वतंत्रता की सुरक्षा की जाए। कौमी इंसाफ मोर्चा से जुड़े सदस्य कानून व्यवस्था खराब कर सकते हैं और शांति व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। इससे ट्रैफिक जाम की स्थिति और राइट टू फ्री मूवमेंट भी प्रभावित हो रहा है।
विज्ञापन
पंजाब सरकार ने बताया कि स्थिति से निपटने के लिए पंजाब सरकार, चंडीगढ़ प्रशासन व कौमी इंसाफ मोर्चा के नेताओं के साथ बैठक की गई थी। बैठक में उन्होंने विश्वास दिलाया था कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण होगा। कोर्ट को बताया गया कि 8 फरवरी की घटना को छोड़ दिया जाए तो मोहाली में अभी तक प्रदर्शन शांतिपूर्ण है। धरने का बड़ा और प्रभावी हिस्सा चंडीगढ़ की सीमा में मौजूद है। सरकार ने बताया कि मामला धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है और इसलिए पुलिस बल प्रयोग से बच रही है। इस प्रकार के प्रदर्शन से सख्ती से निपटना सही नहीं है और ऐसे में शांतिपूर्वक विवाद के निपटारे का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
स्थिति से निपटने के लिए 2 कमांडेंट, 2 एसपी, 15 डीएसपी, 53 इंस्पेक्टर/एसआई, 818 गैर राजपत्रित अधिकारी व 135 महिला पुलिस की तैनाती की गई है। चंडीगढ़ पुलिस को कमांडो की 2 कंपनी दी गई हैं ताकि सीमा के उस ओर प्रदर्शनकारियों से निपटा जा सके। जेसीबी व रेत से भरे टिप्पर तैनात किए गए हैं ताकि बैरिकेट टूटने की स्थित में रेत से प्रदर्शनकारियों को रोका जा सके। अफवाहों को रोकने के लिए सोशल मीडिया सेल एक्टिव है और चेतावनी से जुड़ी फायरिंग के लिए हथियार के साथ टीम मौजूद है। मटोर को छोड़ कर बाकी सभी स्थानों पर ट्रैफिक सुचारु है।