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पुटा ने शिक्षकों से कहा, सदस्यता शुल्क अब कैश भी दे सकते हैं
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) की जनरल बॉडी मीटिंग में बढ़ाए गए वार्षिक सदस्यता शुल्क के मामले ने तूल पकड़ लिया है। शिक्षकों ने साफ कह दिया है कि उनकी सैलरी से शुल्क काटा तो उसका अंजाम अलग होगा। वहीं दूसरी ओर पुटा ने शनिवार को सभी सदस्यों को संदेश भेजा है कि वह सदस्यता शुल्क कैश भी जमा कर सकते हैं। साथ ही पुटा ने सालभर में कराए गए कार्यक्रमों का ब्योरा भी शिक्षकों को भेजा है। सूत्रों का कहना है कि शुल्क को लेकर शिक्षकों में आक्रोश बढ़ रहा है। यदि समय रहते इस प्रकरण को नहीं देखा गया तो पुटा दो हिस्सों में हो जाएगी। हालांकि शिक्षकों को समझाने का प्रयास चल रहे हैं।
जीबीएम की बैठक में पिछले दिनों वार्षिक सदस्यता शुल्क बढ़ाकर 200 से 500 रुपये कर दिया गया। इसकी भनक शिक्षकों को लगी तो उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। कह दिया कि अचानक इतना शुल्क बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ी। इसके अलावा उनकी सेलरी से यह सदस्यता शुल्क काटने की बात सामने आई तो शिक्षकों का गुस्सा और बढ़ गया। जानकारों का कहना है कि पुटा के कुछ पदाधिकारी शनिवार को शिक्षकों को समझाने में लगे रहे। साथ ही उन्हें एक मेल भी भेजा है। उसमें सदस्यता शुल्क कैश जमा कराने की भी बात कही है। साथ ही शिक्षकों से अनुरोध भी किया है कि वह एफडीओ को संदेश भेजे कि उनकी सेलरी से यह सदस्यता शुल्क काम दिया जाए।
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जीबीएम की बैठक में पिछले दिनों वार्षिक सदस्यता शुल्क बढ़ाकर 200 से 500 रुपये कर दिया गया। इसकी भनक शिक्षकों को लगी तो उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। कह दिया कि अचानक इतना शुल्क बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ी। इसके अलावा उनकी सेलरी से यह सदस्यता शुल्क काटने की बात सामने आई तो शिक्षकों का गुस्सा और बढ़ गया। जानकारों का कहना है कि पुटा के कुछ पदाधिकारी शनिवार को शिक्षकों को समझाने में लगे रहे। साथ ही उन्हें एक मेल भी भेजा है। उसमें सदस्यता शुल्क कैश जमा कराने की भी बात कही है। साथ ही शिक्षकों से अनुरोध भी किया है कि वह एफडीओ को संदेश भेजे कि उनकी सेलरी से यह सदस्यता शुल्क काम दिया जाए।
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