फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab-Haryana High Court dismissed petition filed by wife of murderer for permission to establish matrimonial relations

पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट का इनकार: हत्यारे को वंश वृद्धि के लिए नहीं दी जा सकती अनुमति, पत्नी की याचिका खारिज

Fri, 28 Jan 2022 01:18 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Fri, 28 Jan 2022 01:18 AM IST
सार

हरियाणा सरकार ने इस मांग का विरोध करते हुए कहा कि याची के पति को हत्या के मामले में दोषी करार दे उम्रकैद की सजा सुनाई गई है और हत्या के अन्य मामले भी उस पर विचाराधीन हैं।

विज्ञापन
Punjab-Haryana High Court dismissed petition filed by wife of murderer for permission to establish matrimonial relations
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जेल में सजा काट रहे कातिल की पत्नी द्वारा वंश वृद्धि के लिए वैवाहिक संबंध स्थापित करने की अनुमति के लिए दाखिल की गई याचिका को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया है। याचिकाकर्ता पत्नी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया कि उसके पति को हत्या के मामले में दोषी करार देकर उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। 2018 से उसका पति गुरुग्राम की भोंडसी जेल में है और याचिकाकर्ता की कोई संतान नहीं है। ऐसे में उसे व उसके पति को वंश वृद्धि केलिए संबंध बनाने की अनुमति दी जाए। 

विज्ञापन


हरियाणा सरकार ने इस मांग का विरोध करते हुए कहा कि याची के पति को हत्या के मामले में दोषी करार दे उम्रकैद की सजा सुनाई गई है और हत्या के अन्य मामले भी उस पर विचाराधीन हैं। इस तरह केजघन्य अपराध के आरोपी को इस तरह की छूट नहीं दी जा सकती। इसके साथ ही हाईकोर्ट को बताया गया कि हरियाणा सरकार के जेल विभाग हरियाणा ने कैदियों को वैवाहिक संबंध स्थापित करने और फैमिली विजिट की व्यवस्था लिए विशेष पैरोल की अनुमति का फैसला लिया है। 
विज्ञापन


राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के रिटायर जज एचएस भल्ला की अध्यक्षता में जेल सुधार समिति गठित की है। समिति जेल के कैदियों के लिए वैवाहिक संबंध स्थापित करने व फैमिली विजिट की व्यवस्था तैयार करने के साथ ही यह भी तय करेगी कि कौन से कैदी इसके लिए पात्र हैं और कौन से नहीं। समिति अपना कार्य पूरा करने के बाद सरकार को सिफारिश भेजेगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि पति और पत्नी दोनों के जेल में होने की स्थिति में क्या व्यवस्था की जा सकती है। याची के पति के संदर्भ में सरकार ने कहा कि याची का पति भले ही आदतन खूंखार अपराधी है, लेकिन वह वैवाहिक संबंध स्थापित करने के लिए आवेदन कर सकता है। समिति की सिफारिश के बाद उसके आवेदन पर निर्णय लिया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed