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श्री गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व मनाएगी पंजाब सरकार
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को ऐलान किया कि प्रदेश सरकार की ओर से नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी की 400वां प्रकाश पर्व बड़े पैमाने पर मनाया जाएगा, जिसके कार्यक्रम वर्ष भर चलेंगे। अगले साल 18 अप्रैल, 2021 को 400वां प्रकाश पर्व मनाने के लिए पंजाब सरकार इस साल 12 अप्रैल को 399वें प्रकाश पर्व के मौके पर बड़ा समारोह करवाकर साल भर मनाए जाने वाले समागमों की श्रंखला की शुरुआत करेगी।
कैप्टन ने अपने सरकारी आवास पर उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि पर्यटन व सांस्कृतिक मामलों का विभाग 399वें प्रकाश पर्व के अवसर पर ऐतिहासिक कस्बा बाबा बकाला में बड़ा समागम करके वर्ष भर के समागमों की शुरुआत करेगा, जिनका समापन 18 अप्रैल 2021 को 400वें प्रकाश पर्व के अवसर पर श्री आनंदपुर साहिब में होगा। कैप्टन ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी द्वारा धर्म, सच्चाई और विश्वास की आजादी को कायम रखने के लिए दी महान कुर्बानी को हम सभी को याद रखना चाहिए और गुरु जी की शिक्षाओं को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि श्री गुरु तेग बहादुर जी (12 अप्रेल 1621-11 नवंबर 1675) ने हिंदुओं/कश्मीरी पंडितों और गैर मुस्लिमों को जबरन इस्लाम धर्म परिवर्तन का विरोध किया और गुरु जी को 1675 में मुगल बादशाह के आदेश पर दिल्ली के चांदनी चौक में शहीद कर दिया गया था। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर अपनी अध्यक्षता में कार्यकारी कमेटी बनाने की भी मंजूरी दी, जो समागमों के व्यापक रूप को अंतिम रूप देगी। इसके अलावा गुरु जी के उपदेशों को फैलाने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा साल भर करवाए जाने वाले कार्यक्त्रस्मों का खाका बनाने और तालमेल स्थापित करने के लिए मुख्य सचिव के नेतृत्व में स्टीयरिंग कमेटी बनाने का भी फैसला लिया गया।
कैप्टन ने मंत्री चन्नी को दी बड़ी जिम्मेदारी
कैप्टन ने पर्यटन व सांस्कृतिक मामलों के मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को तीन शहरों- अमृतसर (गुरु जी का जन्म स्थान), बाबा बकाला (जहां गुरु जी अपने पैतृक घर में लंबे समय तक रहे) और श्री आनंदपुर साहिब (श्री गुरु तेग बहादुर जी द्वारा बसाया गया शहर) के सर्वपक्षीय विकास के लिए स्थानीय सांसदों और विधायकों को साथ लेकर व्यापक रूपरेखा बनाने के लिए कहा ताकि इस ऐतिहासिक मौके को बड़े पैमाने पर मनाने के लिए वित्तीय सहायता हासिल करने के उद्देश्य से प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जा सके। इसके साथ ही कैप्टन ने पर्यटन विभाग के सचिव से कहा कि श्री आनंदपुर साहिब में बाबा जीवन सिंह जी (भाई जैता जी) की यादगार को जल्द से जल्द मुकम्मल किया जाए ताकि ऐतिहासिक मौके पर यह संगतों को समर्पित किया जा सके। उल्लेखनीय है कि महान सिख जरनैल भाई जैता जी श्री गुरु तेग बहादुर जी का पावन शीश दिल्ली से आनंदपुर साहिब लाए थे।
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कैप्टन ने अपने सरकारी आवास पर उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि पर्यटन व सांस्कृतिक मामलों का विभाग 399वें प्रकाश पर्व के अवसर पर ऐतिहासिक कस्बा बाबा बकाला में बड़ा समागम करके वर्ष भर के समागमों की शुरुआत करेगा, जिनका समापन 18 अप्रैल 2021 को 400वें प्रकाश पर्व के अवसर पर श्री आनंदपुर साहिब में होगा। कैप्टन ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी द्वारा धर्म, सच्चाई और विश्वास की आजादी को कायम रखने के लिए दी महान कुर्बानी को हम सभी को याद रखना चाहिए और गुरु जी की शिक्षाओं को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि श्री गुरु तेग बहादुर जी (12 अप्रेल 1621-11 नवंबर 1675) ने हिंदुओं/कश्मीरी पंडितों और गैर मुस्लिमों को जबरन इस्लाम धर्म परिवर्तन का विरोध किया और गुरु जी को 1675 में मुगल बादशाह के आदेश पर दिल्ली के चांदनी चौक में शहीद कर दिया गया था। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर अपनी अध्यक्षता में कार्यकारी कमेटी बनाने की भी मंजूरी दी, जो समागमों के व्यापक रूप को अंतिम रूप देगी। इसके अलावा गुरु जी के उपदेशों को फैलाने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा साल भर करवाए जाने वाले कार्यक्त्रस्मों का खाका बनाने और तालमेल स्थापित करने के लिए मुख्य सचिव के नेतृत्व में स्टीयरिंग कमेटी बनाने का भी फैसला लिया गया।
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कैप्टन ने मंत्री चन्नी को दी बड़ी जिम्मेदारी
कैप्टन ने पर्यटन व सांस्कृतिक मामलों के मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को तीन शहरों- अमृतसर (गुरु जी का जन्म स्थान), बाबा बकाला (जहां गुरु जी अपने पैतृक घर में लंबे समय तक रहे) और श्री आनंदपुर साहिब (श्री गुरु तेग बहादुर जी द्वारा बसाया गया शहर) के सर्वपक्षीय विकास के लिए स्थानीय सांसदों और विधायकों को साथ लेकर व्यापक रूपरेखा बनाने के लिए कहा ताकि इस ऐतिहासिक मौके को बड़े पैमाने पर मनाने के लिए वित्तीय सहायता हासिल करने के उद्देश्य से प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जा सके। इसके साथ ही कैप्टन ने पर्यटन विभाग के सचिव से कहा कि श्री आनंदपुर साहिब में बाबा जीवन सिंह जी (भाई जैता जी) की यादगार को जल्द से जल्द मुकम्मल किया जाए ताकि ऐतिहासिक मौके पर यह संगतों को समर्पित किया जा सके। उल्लेखनीय है कि महान सिख जरनैल भाई जैता जी श्री गुरु तेग बहादुर जी का पावन शीश दिल्ली से आनंदपुर साहिब लाए थे।
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