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Panchkula News: पंजाब आबकारी विभाग अपनाएगा केरल के सॉफ्टवेयरः चीमा
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चंडीगढ़। शराब उत्पादन और बिक्री के मामले में पंजाब सरकार, केरल सरकार के पैटर्न को अपना सकती है। यह संकेत शनिवार को पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दिए। आबकारी विभाग के आला अधिकारियों के साथ केरल में आबकारी ढांचे का अध्ययन करके लौटे वित्त मंत्री ने बताया कि आबकारी विभाग के अधिकारियों ने केरल आबकारी विभाग द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे ईआरपी (सप्लाई चेन प्रबंधन) और पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) का अध्ययन किया है।उन्होंने बताया कि केरल दौरे का उद्देश्य राजस्व लीकेज को रोकने और आबकारी राजस्व को बढ़ाने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण तकनीकी उपायों के बारे में जानना था। इंटरप्राइजेस रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) सॉफ्टवेयर, पंजाब आबकारी विभाग को इसकी मुख्य गतिविधियों का एक एकीकृत और असली समय का दृश्य प्रदान करेगा जिसका एक केंद्रीय प्रणाली के जरिये आसानी से इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह सॉफ्टवेयर प्रशासन में और ज्यादा पार्दर्शिता लाने में भी सहायक होंगे।
चीमा ने बताया कि केरल दौरे के दौरान वहां की सरकार के अधिकारियों ने अपने आबकारी विभाग द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे तकनीकी उपायों के बारे में विस्तारपूर्वक प्रेजेंटेशन भी दी। हरपाल चीमा ने केरल के आबकारी मंत्री एमबी राजेश से भी मुलाकात की। उन्होंने केरल सरकार में अपने समकक्ष को अवगत कराया कि पंजाब सरकार आबकारी राजस्व इकट्ठा करने की प्रक्रिया को सुचारु बनाने और राजस्व का नुकसान रोकने के लिए नए सॉफ्टवेयर आधारित तकनीकी हल अपनाने को बहुत उत्सुक है। आबकारी विभाग अपनी कार्यकुशलता और ताकत को और बढ़ाने के लिए इन सॉफ्टवेयर समाधानों को अपनाने के लिए जरूरी कदम उठाएगा।
इस तरह महत्वपूर्ण है ईआरपी सॉफ्टवेयर
इंटरप्राइजेस रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) ऐसा सॉफ्टवेयर है, जो दिन-प्रतिदिन की व्यावसायिक गतिविधियों जैसे अकाउंटिंग, खरीद, प्रोजेक्ट प्रबंधन, जोखिम प्रबंधन और सप्लाई चेन के संचालन को व्यवस्थित करता है। इसके अलावा यह सॉफ्टवेयर वित्त, मानव संसाधन, विनिर्माण की प्रक्रियाओं को भी व्यविस्थत कर पूरे व्यवसाय का संचालन करने में सक्षम है। केरल आबकारी विभाग इस सॉफ्टवेयर के जरिये प्रदेश की ब्रेवरीज में शराब के उत्पादन, पैकेजिंग, सप्लाई के पूरे तंत्र पर नजर रखता है, जिससे राजस्व की लीकेज से बचाव होता है।
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पीओएस के जरिये दुकानों से शराब की बिक्री पर नजर
केरल आबकारी विभाग द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे पीओएस सॉफ्टवेयर की विशेषता यह है कि खुदरा दुकानों पर शराब की बिक्री के दौरान ग्राहकों द्वारा किए जाने वाले भुगतान को रिकार्ड पर लेने के साथ-साथ शराब की दुकान से हुई कुल बिक्री का भी हिसाब रखता है। इस सॉफ्टवेयर के जरिये शराब की अवैध बिक्री पर भी रोक लगी है।
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चीमा ने बताया कि केरल दौरे के दौरान वहां की सरकार के अधिकारियों ने अपने आबकारी विभाग द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे तकनीकी उपायों के बारे में विस्तारपूर्वक प्रेजेंटेशन भी दी। हरपाल चीमा ने केरल के आबकारी मंत्री एमबी राजेश से भी मुलाकात की। उन्होंने केरल सरकार में अपने समकक्ष को अवगत कराया कि पंजाब सरकार आबकारी राजस्व इकट्ठा करने की प्रक्रिया को सुचारु बनाने और राजस्व का नुकसान रोकने के लिए नए सॉफ्टवेयर आधारित तकनीकी हल अपनाने को बहुत उत्सुक है। आबकारी विभाग अपनी कार्यकुशलता और ताकत को और बढ़ाने के लिए इन सॉफ्टवेयर समाधानों को अपनाने के लिए जरूरी कदम उठाएगा।
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इस तरह महत्वपूर्ण है ईआरपी सॉफ्टवेयर
इंटरप्राइजेस रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) ऐसा सॉफ्टवेयर है, जो दिन-प्रतिदिन की व्यावसायिक गतिविधियों जैसे अकाउंटिंग, खरीद, प्रोजेक्ट प्रबंधन, जोखिम प्रबंधन और सप्लाई चेन के संचालन को व्यवस्थित करता है। इसके अलावा यह सॉफ्टवेयर वित्त, मानव संसाधन, विनिर्माण की प्रक्रियाओं को भी व्यविस्थत कर पूरे व्यवसाय का संचालन करने में सक्षम है। केरल आबकारी विभाग इस सॉफ्टवेयर के जरिये प्रदेश की ब्रेवरीज में शराब के उत्पादन, पैकेजिंग, सप्लाई के पूरे तंत्र पर नजर रखता है, जिससे राजस्व की लीकेज से बचाव होता है।
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पीओएस के जरिये दुकानों से शराब की बिक्री पर नजर
केरल आबकारी विभाग द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे पीओएस सॉफ्टवेयर की विशेषता यह है कि खुदरा दुकानों पर शराब की बिक्री के दौरान ग्राहकों द्वारा किए जाने वाले भुगतान को रिकार्ड पर लेने के साथ-साथ शराब की दुकान से हुई कुल बिक्री का भी हिसाब रखता है। इस सॉफ्टवेयर के जरिये शराब की अवैध बिक्री पर भी रोक लगी है।