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Panchkula News: लुधियाना में धान खरीद में पनग्रेन सबसे आगे
Wed, 29 Oct 2025 01:03 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
Updated Wed, 29 Oct 2025 01:03 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। चालू खरीद सीजन के दौरान लुधियाना में धान खरीद और उठाव कार्यों में पनग्रेन अग्रणी खाद्य एजेंसी के रूप में उभरी है। 27 अक्तूबर तक, पनग्रेन ने 2,99,045 मीट्रिक टन धान की खरीद और 2,58,772 मीट्रिक टन का उठाव किया है।
मार्कफेड 1,71,000 मीट्रिक टन खरीद और 1,54,500 मीट्रिक टन उठाव के साथ दूसरे स्थान पर है। पनसप 1,12,802 मीट्रिक टन खरीद और 1,08,539 मीट्रिक टन उठाव के साथ तीसरे स्थान पर है। पीएसडब्ल्यूसी ने 80,514 मीट्रिक टन धान की खरीद और 71,707 मीट्रिक टन का उठाव किया है।
खाद्य, नागरिक एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक में डीसी हिमांशु जैन ने यह भी बताया कि किसानों को 1,545 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने किसानों की उपज का एक-एक दाना खरीदने के लिए जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
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गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने के लिए, जैन ने किसानों से आग्रह किया कि वे मंडियों में लाने से पहले अपने धान को अच्छी तरह सुखा लें और सरकार द्वारा निर्धारित नमी के स्तर को पूरा करें। उन्होंने किसानों से धान की पराली को जलाने के बजाय आधुनिक कृषि मशीनरी का उपयोग करके उसका प्रबंधन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि धान की पराली किसानों के लिए उपयोगी है, क्योंकि अगर इसे अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से खेत में डाला जाए तो यह अवशेष मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
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लुधियाना। चालू खरीद सीजन के दौरान लुधियाना में धान खरीद और उठाव कार्यों में पनग्रेन अग्रणी खाद्य एजेंसी के रूप में उभरी है। 27 अक्तूबर तक, पनग्रेन ने 2,99,045 मीट्रिक टन धान की खरीद और 2,58,772 मीट्रिक टन का उठाव किया है।
मार्कफेड 1,71,000 मीट्रिक टन खरीद और 1,54,500 मीट्रिक टन उठाव के साथ दूसरे स्थान पर है। पनसप 1,12,802 मीट्रिक टन खरीद और 1,08,539 मीट्रिक टन उठाव के साथ तीसरे स्थान पर है। पीएसडब्ल्यूसी ने 80,514 मीट्रिक टन धान की खरीद और 71,707 मीट्रिक टन का उठाव किया है।
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खाद्य, नागरिक एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक में डीसी हिमांशु जैन ने यह भी बताया कि किसानों को 1,545 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने किसानों की उपज का एक-एक दाना खरीदने के लिए जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
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गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने के लिए, जैन ने किसानों से आग्रह किया कि वे मंडियों में लाने से पहले अपने धान को अच्छी तरह सुखा लें और सरकार द्वारा निर्धारित नमी के स्तर को पूरा करें। उन्होंने किसानों से धान की पराली को जलाने के बजाय आधुनिक कृषि मशीनरी का उपयोग करके उसका प्रबंधन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि धान की पराली किसानों के लिए उपयोगी है, क्योंकि अगर इसे अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से खेत में डाला जाए तो यह अवशेष मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।