चंडीगढ़। साझा मुलाजिम मंच पंजाब व यूटी की ओर से वीरवार को चंडीगढ़ सेक्टर-17 प्लाजा में विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान मंच के नेताओं और सदस्यों ने पंजाब सरकार की ओर से 18 नवंबर को पुरानी पेंशन स्कीम के बारे में जारी किए गए अधूरे नोटिफिकेशन की प्रतियों को फाड़कर कचरा पेटियों में डाल दिया। इस विरोध प्रदर्शन में विभिन्न निदेशालयों के साथ-साथ पंजाब सिविल सचिवालय के कर्मचारियों ने भाग लिया। साझा मुलाजिम मंच के संयोजक, सह संयोजक व अन्य पदाधिकारी- दविंदर सिंह बेनीपाल, जसमिंदर सिंह, संदीप सिंह बराड़, राम धालीवाल और सुखचैन सिंह ने पत्रकारों को बताया कि पंजाब सरकार की ओर से जारी अधिसूचना केवल एक लिखित आश्वासन से ज्यादा कुछ भी नहीं है।
उन्होंने कहा कि पंजाब की आप सरकार ने यह आश्वासन पत्र केवल गुजरात चुनाव के मद्देनजर जारी किया है। उन्होंने कहा कि बिना सीएसआर नियमों में संशोधन किए और विस्तृत पेंशन नीति का उल्लेख किए, जानबूझकर अधूरी अधिसूचना जारी की गई है। इस अधिसूचना में किसी तारीख का जिक्र नहीं है कि पुरानी पेंशन स्कीम कब लागू होगी। मंच के पदाधिकारियों ने मांग की कि सरकार गुजरात चुनाव से पहले पुरानी पेंशन बहाली संबंधी आवश्यक संशोधनों को पूरा करते हुए नियमानुसार अधिसूचना जारी करे, ताकि 2004 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों को लाभ मिल सके। विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले सचिवालय कर्मचारी संघों की ओर से जसप्रीत सिंह रंधावा, मिथुन चावला, सुशील फौजी, इंद्रपाल सिंह भंगू और संदीप ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों को मूर्ख नहीं समझना चाहिए, क्योंकि वही दैनिक नियमों का मसौदा तैयार करते हैं और जानते हैं कि अधिसूचना जारी करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया क्या है।