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मांगों को लेकर जेबीटी टीचर्स का अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 25 May 2016 01:26 AM IST
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टीचर्स ने विरोध जताने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया।
- फोटो : अमर उजाला
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अपनी मांगों को लेकर पिछले दस दिन से सेक्टर-5 में धरने पर बैठे चयनित जेबीटी टीचर्स ने विरोध जताने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में सेक्टर-5 में सफाई अभियान चलाया। इसमें सेक्टर में फैली गंदगी को साफ किया गया।
शिक्षकों का कहना था कि शायद अधिकारियों को याद आ जाए कि उनकी मांगे क्या है। यह सफाई अभियान हरियाणा पात्र अध्यापक संघ की के प्रधान राजेंद्र शर्मा की अध्यक्षता में किया। सफाई अभियान में महिलाओं ने भी हिस्सा लिया।
चयनित जेबीटी टीचरों का कहना है कि सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए हर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें आश्वासन दिया जाता है। जबकि प्रदेश में शिक्षकों को तैनात करने की जरूरत है। टीचर्स का कहना है कि वह लोकतांत्रिक तरीके से अपनी जायज मांग रख रहे हैं।
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जब तक नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए जाते तब तक उनका महापड़ाव जारी रहेगा। 30 मार्च 2012 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने 9770 जेबीटी की 322 दिन में भर्ती करने का आदेश दिया था, लेकिन यह भर्ती लगातार लटकती रही।
इस भर्ती की चयन सूची को जारी हुए लगभग 21 माह हो चुके हैं। वर्तमान भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इन चयनित जेबीटी को 29 मार्च 2015 को 76 दिन में नियुक्ति का वादा किया था। शिक्षा विभाग दो बार हाईकोर्ट में हलफनामा दे चुका है कि वर्तमान में हरियाणा के स्कूलों में लगभग 16 हजार पद रिक्त हैं।
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शिक्षकों का कहना था कि शायद अधिकारियों को याद आ जाए कि उनकी मांगे क्या है। यह सफाई अभियान हरियाणा पात्र अध्यापक संघ की के प्रधान राजेंद्र शर्मा की अध्यक्षता में किया। सफाई अभियान में महिलाओं ने भी हिस्सा लिया।
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चयनित जेबीटी टीचरों का कहना है कि सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए हर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें आश्वासन दिया जाता है। जबकि प्रदेश में शिक्षकों को तैनात करने की जरूरत है। टीचर्स का कहना है कि वह लोकतांत्रिक तरीके से अपनी जायज मांग रख रहे हैं।
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जब तक नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए जाते तब तक उनका महापड़ाव जारी रहेगा। 30 मार्च 2012 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने 9770 जेबीटी की 322 दिन में भर्ती करने का आदेश दिया था, लेकिन यह भर्ती लगातार लटकती रही।
इस भर्ती की चयन सूची को जारी हुए लगभग 21 माह हो चुके हैं। वर्तमान भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इन चयनित जेबीटी को 29 मार्च 2015 को 76 दिन में नियुक्ति का वादा किया था। शिक्षा विभाग दो बार हाईकोर्ट में हलफनामा दे चुका है कि वर्तमान में हरियाणा के स्कूलों में लगभग 16 हजार पद रिक्त हैं।