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विरोध : नशा कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग, गृहमंत्री को भेजा ज्ञापन
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कालका। कालका-पिंजौर और दून क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार की रोकथाम के लिए पुलिस द्वारा की जा रही खानापूर्ति से लोगों में नाराजगी है। चिट्टा, स्मैक, कोकीन के कारोबार को रोकने के लिए कांग्रेस छात्र इकाई एनएसयूआई आरटीआई सेल के राष्ट्रीय कन्वीनर दीपांशु बंसल के नेतृत्व में बजरंग दल के सह संयोजक संजय लोहट, बीजेपी बूथ प्रधान महेश शर्मा टिंकू, सितार चंद वाल्मीकि जिला प्रधान शिवालिक विकास मंच एससी सेल, श्याम लाल ठाकुर राष्ट्रीय संगठन मंत्री क्षत्रिय महासेना समेत युवाओं के प्रतिनिधिमंडल ने एक बैठक कर कड़ी आपत्ति दर्ज की है। युवाओं ने सारे मामले की विस्तृत जानकारी प्रदेश के गृहमंत्री अनिल विज को पत्र के मार्फत भेजी है। इसके साथ ही सूबे के डीजीपी, पुलिस कमिश्नर पंचकूला को भी मामले में सख्त कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
सीमांत क्षेत्र होने के कारण नशा कारोबारियों के हौसले हैं बुलंद
दीपांशु बंसल का कहना है कि शहर और गांवों के सरेआम नशा कारोबारी और ड्रग्स पेडलर चिट्टा, स्मैक, कोकीन जैसे नशीले पदार्थ बेच रहे हैं। खास बात यह भी है कि जब स्थानीय लोग इस बारे में संबंधित अधिकारियों को जानकारी देते हैं तो उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है। शिकायत देने वालों को ही प्रूफ देने के लिए कहकर टाल दिया जाता है। नाराज लोगों ने गृहमंत्री अनिल विज को बताया है कि कालका और पिंजौर, हिमाचल, चंडीगढ़ और पंजाब से सटा हुआ बॉर्डर क्षेत्र है। सीमावर्ती गांवों में पुलिस बल तैनात नहीं रहता है। इस कारण नशा कारोबारी आसानी से पंजाब, हिमाचल और चंडीगढ़ से इलाके में नशा लेकर आते हैं। इसके साथ ही अनेकों बार बड़े अपराधों को भी अंजाम देकर निकल जाते हैं।
स्पेशल टास्क फोर्स बनाने की मांग
गृहमंत्री अनिल विज को लिखे पत्र में दीपांशु बंसल का कहना है कि पिंजौर, कालका और दून क्षेत्र में बढ़ते नशा कारोबारियों की रोकथाम के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया जाना बेहद जरूरी है। प्रदेश सरकार स्पेशल टास्क फोर्स का गठन करेगी तो क्षेत्र के लोग फोर्स का साथ देगी। इससे नशा कारोबारियों पर काबू पाया जा सकेगा।
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सीमांत क्षेत्र होने के कारण नशा कारोबारियों के हौसले हैं बुलंद
दीपांशु बंसल का कहना है कि शहर और गांवों के सरेआम नशा कारोबारी और ड्रग्स पेडलर चिट्टा, स्मैक, कोकीन जैसे नशीले पदार्थ बेच रहे हैं। खास बात यह भी है कि जब स्थानीय लोग इस बारे में संबंधित अधिकारियों को जानकारी देते हैं तो उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है। शिकायत देने वालों को ही प्रूफ देने के लिए कहकर टाल दिया जाता है। नाराज लोगों ने गृहमंत्री अनिल विज को बताया है कि कालका और पिंजौर, हिमाचल, चंडीगढ़ और पंजाब से सटा हुआ बॉर्डर क्षेत्र है। सीमावर्ती गांवों में पुलिस बल तैनात नहीं रहता है। इस कारण नशा कारोबारी आसानी से पंजाब, हिमाचल और चंडीगढ़ से इलाके में नशा लेकर आते हैं। इसके साथ ही अनेकों बार बड़े अपराधों को भी अंजाम देकर निकल जाते हैं।
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स्पेशल टास्क फोर्स बनाने की मांग
गृहमंत्री अनिल विज को लिखे पत्र में दीपांशु बंसल का कहना है कि पिंजौर, कालका और दून क्षेत्र में बढ़ते नशा कारोबारियों की रोकथाम के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया जाना बेहद जरूरी है। प्रदेश सरकार स्पेशल टास्क फोर्स का गठन करेगी तो क्षेत्र के लोग फोर्स का साथ देगी। इससे नशा कारोबारियों पर काबू पाया जा सकेगा।
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