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परेशानी : मोरनी और रायतन-दून के गांवों में मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलने से परेशान रहते हैं लोग, कालका विधायक प्रदीप चौधरी ने कहा-इमरजेंसी सेवाओं की जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को नेटवर्क की तलाश में भटकने पड़ता है

Mon, 26 Jul 2021 01:48 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 26 Jul 2021 01:48 AM IST
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Problem: People are troubled due to non-availability of mobile network in the villages of Morni and Raitan-Doon, Kalka MLA Pradeep Chaudhary said - Villagers have to wander in search of network when emergency services are needed
पंचकूला/मोरनी। मोरनी ब्लॉक और विधानसभा के रायतन-दून के कई गांवों में आज भी मोबाइल नेटवर्क की कनेक्टिविटी न मिलने से ग्रामीण परेशान हैं। सोशल मीडिया और संचार क्रांति के इस दौर में मोबाइल नेटवर्क के अभाव में शासन की ऑनलाइन योजनाओं और सुविधाओं का लाभ भी ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। उक्त शब्द कालका से कांग्रेस पार्टी के विधायक प्रदीप चौधरी ने कहें। उन्होंने बताया की इमरजेंसी सेवाओं की जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को नेटवर्क की तलाश में भटकना पड़ता है। मोबाइल कंपनियों के टावर भी आए दिन बंद होने से मोबाइल उपभोक्ता परेशान होते हैं।
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मोरनी के ज्यादातर गांवों में मोबाइल नेटवर्क चुनौती बना हुआ है। इसके साथ ही खोल फतेह सिंह, खोल मोल्लां, प्रेमपुरा, डखरोग, खोई, बघारनी, जनोली, कजियाना, नंदपुर, केदारपुर समेत अन्य गांवों में मोबाइल नेटवर्क की काफी दिक्कत है। आधुनिकता के इस दौर में गांव-गांव मोबाइल नेटवर्क पहुंचाने के सरकार के दावे यहां खोखले साबित हो रहे हैं। ग्राम पंचायतों में भी इंटरनेट की सुविधा नहीं होने से ऑनलाइन योजनाओं के लाभ से ग्रामीण वंचित हैं। मोरनी क्षेत्र पहाड़ियों से घिरा होने के कारण दूर-दूर तक नेटवर्क नहीं मिलता है। यदि किसी को बहुत जरूरी बात करनी हो तो पहाड़ी पर जाना पड़ता है। इमरजेंसी होने पर सुबह का इंतजार करना पड़ता है।
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इमरजेंसी नंबर तक नहीं मिलते
सबसे ज्यादा परेशान बीमार और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस बुलाने में आती है। यदि ऐसे हालात रहे तो डिजिटल इंडिया का सपना कैसे पूरा होगा। विधायक प्रदीप चौधरी ने बताया की भोज टिप्परा, भोज प्लासरा, भोज मटौर, भोज राजपुरा सहित अन्य क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क नहीं होना एक गंभीर समस्या बन चुकी है। एक ओर जहां सरकार ऑनलाइन प्रक्रिया को बढ़ावा दे रही है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल और नेटवर्क ही नहीं मिल पा रहा है। इतना ही नही विभिन्न परीक्षाओं और योजनाओं की प्रक्रिया ऑनलाइन हो चुकी है और ऐसे में मोबाइल टावरों की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री से पुरजोर अपील गई कि वो इस समस्या का अति शीघ्रता से समाधान करने के लिए ठोस कदम उठाएं।
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