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प्रिंस हत्याकांड: हरियाणा सरकार ने कहा तथ्यों में दम नहीं, इसलिए केस चलाने की नहीं दी इजाजत

Tue, 23 Feb 2021 02:05 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 23 Feb 2021 02:05 AM IST
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Prince murder case: Haryana government said no facts, hence not allowed to run the case
पंचकूला। प्रिंस हत्याकांड में कंडक्टर को फंसाने के आरोपी चार पुलिसकर्मियों पर केस चलाने की अनुमति न देने पर सीबीआई अदालत में हरियाणा सरकार के मुख्य गृह सचिव ने जवाब दाखिल किया। सोमवार को सीबीआई की अदालत में दाखिल जवाब में हरियाणा सरकार के मुख्य गृह सचिव की ओर से कहा गया कि मामले की जांच की गई है। इसमें केस की जांच हरियाणा सरकार और पुलिस के आलाधिकारियों की ओर से की गई। इसमें केस चलाने के लिए चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ दमदार तथ्य नहीं मिले।
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इसलिए चारों पुलिसकर्मियों पर हरियाणा सरकार की ओर से केस चलाने की अनुमति नहीं दी गई। इस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत में अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी। अदालत ने सीबीआई से कहा कि इस केस को आगे चलाना है या नहीं। इसकी जानकारी सीबीआई की ओर से दी जाए। चार पुलिसकर्मियों की ओर से कंडक्टर को गलत तरीके से फंसाने के मामले को लेकर सीबीआई कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार को फटकार लगाकर यह पूछा था कि केस चलाने की अनुमति क्यों नहीं दी गई। बिना अनुमति के चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ सीबीआई ने चार्जशीट दायर की है।
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अदालत ने सीबीआई को पिछली सुनवाई पर आदेश दिए थे कि तत्कालीन एसीपी बीरेम सिंह, भौंडसी पुलिस थाने के प्रभारी नरेंद्र खटाना, सब इंस्पेक्टर शमशेर सिंह और एएसआई सुभाष चंद के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए प्रदेश सरकार से अनुमति ले लें, ताकि इन पुलिस अधिकारियों का मामला अदालत में चलाया जा सके। इस मामले को लेकर सीबीआई की ओर से सीबीआई की विशेष अदालत में चार्जशीट दायर की जा चुकी है।
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यह था मामला
8 सितंबर 2017 को जिले के एक निजी स्कूल के छात्र प्रिंस की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में स्कूल के ही बस कंडक्टर अशोक को आरोपी मानकर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। प्रदेश सरकार ने जब इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी तो स्कूल के कक्षा 11वीं के छात्र भोलू को इस मामले में गिरफ्तार कर लिया था और कंडक्टर अशोक को क्लीन चिट दे दी थी।
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