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गांवों के विकास के लिए नए प्रयोग और नई योजनाएं तैयार करें अधिकारी ः बबली
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चंडीगढ़। हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों को और अधिक विकसित करने की दिशा में तेजी से काम किया जाए। इसके लिए नए प्रयोग और नई योजनाएं तैयार की जाएं, ताकि ग्रामीणों को घर द्वार पर ही सरकार की सेवाओं का लाभ मिल सके।
विकास एवं पंचायत मंत्री वीरवार को विकास एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों के साथ विभाग की योजनाओं की प्रगति के संबंध में समीक्षा बैठक कर रहे थे। मंत्री ने कहा कि इस वित्त वर्ष में गांवों के विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से बजट खर्च किया जाए। कार्यों में भ्रष्टाचार जैसी संभावनाओं को बिल्कुल खत्म किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत मकान व प्लॉट का सही मालिकाना हक देने के उद्देश्य से प्रॉपर्टी कार्ड जारी किए जा रहे हैं। इसमें आने वाले विवादों का भी मौके पर ही समाधान किया जाए। गांवों में साफ-सफाई व्यवस्था को और अधिक मजबूत करते हुए गंदे पानी की निकासी के लिए उचित योजना बनाई जाए।
उन्होंने कहा कि गांवों में सामुदायिक केंद्र, ई-लाइब्रेरी, गंदे पानी की निकासी व इसका ट्रीटमेंट प्लांट लगाने, गांवों में गंदगी रोकने सहित अनेक काम हैं, इन्हें सूचीबद्ध किया जाए। प्रदेश के सभी 143 खंडों तथा 6 हजार 225 ग्राम पंचायतों को और आगे लेकर जाना है। जब तक ग्राम पंचायतों के चुनाव नहीं होते, तब तक खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी की मार्फत विकास कार्य करवाए जाएं। इस अवसर पर विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अमित झा, महानिदेशक आरसी बिधान, ग्रामीण विकास हरियाणा के निदेशक सुजान सिंह उपस्थित थे।
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विकास एवं पंचायत मंत्री वीरवार को विकास एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों के साथ विभाग की योजनाओं की प्रगति के संबंध में समीक्षा बैठक कर रहे थे। मंत्री ने कहा कि इस वित्त वर्ष में गांवों के विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से बजट खर्च किया जाए। कार्यों में भ्रष्टाचार जैसी संभावनाओं को बिल्कुल खत्म किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत मकान व प्लॉट का सही मालिकाना हक देने के उद्देश्य से प्रॉपर्टी कार्ड जारी किए जा रहे हैं। इसमें आने वाले विवादों का भी मौके पर ही समाधान किया जाए। गांवों में साफ-सफाई व्यवस्था को और अधिक मजबूत करते हुए गंदे पानी की निकासी के लिए उचित योजना बनाई जाए।
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उन्होंने कहा कि गांवों में सामुदायिक केंद्र, ई-लाइब्रेरी, गंदे पानी की निकासी व इसका ट्रीटमेंट प्लांट लगाने, गांवों में गंदगी रोकने सहित अनेक काम हैं, इन्हें सूचीबद्ध किया जाए। प्रदेश के सभी 143 खंडों तथा 6 हजार 225 ग्राम पंचायतों को और आगे लेकर जाना है। जब तक ग्राम पंचायतों के चुनाव नहीं होते, तब तक खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी की मार्फत विकास कार्य करवाए जाएं। इस अवसर पर विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अमित झा, महानिदेशक आरसी बिधान, ग्रामीण विकास हरियाणा के निदेशक सुजान सिंह उपस्थित थे।
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