Punjab News: पंजाब में कोरोना से बचाव की तैयारी, एक ही दिन में 1499 लोगों ने लगवाई बूस्टर डोज
कोरोना को लेकर एकाएक जागरूकता कहें या नए वैरिएंट का खौफ, पंजाब में बूस्टर डोज लगवाने में एक ही दिन में 732 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रविवार को जहां 180 लोगों ने बूस्टर डोज लगवाई, वहीं सोमवार को दूसरे ही दिन यह संख्या 1,499 तक पहुंच गई।
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वैश्विक स्तर पर कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी और नए वैरिएंट की दस्तक के बाद पंजाब के लोगों में कोविड की बूस्टर डोज लगवाने में जागरूकता बढ़ी है। हालांकि राज्य में कोरोना के नए मामले लगभग नगण्य हैं लेकिन लोग अब बूस्टर डोज लगवाकर खुद को सुरक्षित करना चाहते हैं।
कोरोना को लेकर एकाएक जागरूकता कहें या नए वैरिएंट का खौफ, पंजाब में बूस्टर डोज लगवाने में एक ही दिन में 732 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रविवार को जहां 180 लोगों ने बूस्टर डोज लगवाई, वहीं सोमवार को दूसरे ही दिन यह संख्या 1,499 तक पहुंच गई। हालांकि पंजाब में कोविड संक्रमण के मामलों में कमी आई है।
अब रोजाना 1,000 से ऊपर लोग कोविड की तीसरी खुराक लेने सामने आ रहे हैं। 23 दिसंबर को 1,616 लोगों ने बूस्टर डोज लगवाकर खुद को सुरक्षित किया, वहीं 780 लोगों ने पहली और दूसरी डोल लगवाई। 25 दिसंबर को कुल 100 लोगों ने कोविड की पहली और दूसरी डोज लगवाई, जबकि 180 लोगों ने बूस्टर डोज ली। सोमवार को 45 वर्ष से ऊपर के आयु वर्ग के 30, 18 से 44 वर्ष के वर्ग में 123 लोगों ने पहला टीका लगवाया। इसी तरह 18-44 आयु वर्ग में 333 युवाओं ने दूसरी डोज लगवाई, जबकि 15 से 17 वर्ष के किशोरों में 18 ने पहली और 100 ने दूसरी डोज लगवाई। सोमवार का बूस्टर डोज लगवाने वालों का आंकड़ा 1,499 रहा।
पटियाला: दो दिन में तीन केस, सेहत विभाग अलर्ट
पटियाला में दो दिन में तीन कोरोना संक्रमित केस आने और तीनों मरीजों में बुखार, खांसी आदि कोई लक्षण न दिखने पर सेहत विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग ने सरकारी माता कौशल्या अस्पताल में 37 बेड का विशेष आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया है। इसके अलावा नाभा, राजपुरा व समाना के सिविल अस्पतालों में भी कोरोना मरीजों के इलाज के लिए 30-30 बिस्तर रखे हैं।
सभी निजी क्लीनिकों, नर्सिंग होम्स व अस्पतालों को कोरोना के संदिग्ध मरीज के आने पर तुरंत सैंपलिंग कराने का निर्देश जारी किया गया है। रविवार को कोरोना के दो और सोमवार को कोरोना का एक पॉजिटिव केस सामने आया है। इन मरीजों की आयु 22 से 45 साल के बीच है। तीनों मरीजों में बुखार, खांसी व जुकाम के कोई लक्षण नहीं हैं।
विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इन मरीजों को बाहर जाना था, जिस वजह से कोरोना जांच कराई थी। फिलहाल इन्हें घर में आइसोलेट किया गया है। सेहत विभाग के जिला एपिडिमोलोजिस्ट डॉ. सुमित सिंह ने बताया कि सरकारी राजिंदरा अस्पताल में गंभीर कोरोना मरीजों के इलाज के लिए आईसीयू वार्ड स्थापित किया जा रहा है। इसमें लेवल-3 के मरीजों का इलाज किया जाएगा।
नहीं बढ़ रही सैंपलिंग, सोमवार को 170 का हुआ टेस्ट
कोरोना की रोकथाम के लिए जारी दिशानिर्देशों के बावजूद जिले में कोविड सैंपलिंग रफ्तार पकड़ नहीं पा रही है। सोमवार को भी केवल 170 संदिग्धों का टेस्ट किया गया है। डॉ. सुमित सिंह का कहना है कि केवल बुखार वाले मरीजों की ही सैंपलिंग हो रही है। हर संदिग्ध की सैंपलिंग करना संभव नहीं है।