सिपाही परीक्षा पर हंगामा: सुरजेवाला बोले- सीएम व कैबिनेट 30 प्रश्न हल कर दिखाएं, मनोहर का जवाब- सिपाही बनने पर दूंगा परीक्षा
सीएम मनोहर लाल ने कहा कि मेरे पास खुद मेवात से चयनियत एसआई लड़की का फोन आया। उसके पिता अनपढ़ हैं और वह काबिलियत के दम पर नौकरी लगी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरिट और नौकरियों में पारदर्शिता ही उनकी प्राथमिकता है।
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हरियाणा पुलिस सिपाही पद को लेकर आए कठिन प्रश्न पत्र को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल समेत उनकी पूरी कैबिनेट को इस पेपर में से 30 प्रतिशत सवाल हल करने की चुनौती दी है।
पेपर को आउट आफ सिलेबस करार देते हुए सुरजेवाला ने दावा किया कि हरियाणा के आईएएस और आईपीएस भी इस पेपर को हल नहीं कर सकते हैं। वहीं, इसके पलटवार में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि अभी उनको परीक्षा देने की जरूरत नहीं है, जब सिपाही या एसआई बनना होगा तो वे परीक्षा देख लेंगे। एक शिफ्ट में चार अलग-अलग पेपर लेने के मैथ्ड को सीएम ने सही ठहराया है।
12वीं कक्षा तक की जगह पूछे जा रहे पीएचडी लेवल के सवाल
रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि नियमों के तहत सिपाही भर्ती के लिए परीक्षा में 12वीं कक्षा स्तर के सवाल पूछे जाने थे लेकिन परीक्षा में एमए और पीएचडी लेवल के सवाल पूछे जा रहे हैं। यह प्रदेश के आम युवा के साथ अन्याय और मजाक है। चंडीगढ़ में आयोजित प्रेसवार्ता में सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा सरकार सिपाही की नहीं जैसे इंटरपोल की भर्ती कर रही है।
हरियाणा सामान्य ज्ञान का मात्र एक सवाल पूछा गया है। सिपाही परीक्षा में सामाजिक, भौतिकी समेत आईपीसी की धाराओं के सवालों के स्थान पर हरियाणा को छोड़कर अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय स्तर के सामाजिक विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित के कठिन सवाल पूछे गए। यह परीक्षा के लिए निर्धारित सिलेबस से बाहर है। सुरजेवाला ने कहा कि, दूसरा जब पद एक तो परीक्षा एक क्यों नहीं है।
एक ही शिफ्ट में अलग-अलग 4 पेपर देना कितना सही है। ऐसे में इनका नार्मलाइलेजेशन कैसे हो सकता है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेता ने आयोग को बर्खास्त करने समेत इस पेपर को दोबारा से कराने की मांग की है।
सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि हरियाणा में पेपर लीक से लेकर नौकरियों में खुले तौर पर भ्रष्टाचार चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को कठिन पेपर देकर उनकी तौहीन की जा रही है और अपने लोगों को एडजेस्ट करने के लिए ओएमआर सीट खाली छुड़वाई जा रही हैं।
पेपर आसान हो या कठिन काबिल ही पास करेगा : मनोहर लाल
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग स्वतंत्र संस्था है। जहां तक सिपाही परीक्षा की बात है तो आयोग ने पैरामीटर के आधार पर ही पेपर दिया होगा। विपक्ष को हर चीज से दिक्कत है। पहले जब एक जैसा पेपर देते थे तो भी उनको आपत्ति थी, अब जब अलग अलग पेपर दे रहे हैं तो भी विरोध कर रहे हैं।
मीडिया से मुखातिब मनोहर लाल ने कठिन पेपर के सवाल पर सीएम ने कहा कि पेपर चाहे कैसा भी हो, आसान होगा तो सभी के लिए और कठिन होगा तो सभी के लिए है। क्योंकि दोनों ही पेपरों में केवल वे ही परीक्षार्थी मैरिट में आएंगे जो काबिल होंगे। अगर परीक्षा में कोई दिक्कत होगी तो इसको लेकर आयोग को सलाह दी जा सकती है। लेकिन बार बार आयोग के कार्य में दखल देना ठीक नहीं है।
एक अन्य सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों में भी पेपर लीक होते थे लेकिन उनको दबा दिया जाता था। हमने ऐसा नहीं किया, हमारी सरकार ने इनको उजागर किया और ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की।
कांग्रेस के दस साल राज में पेपरों को लेकर मात्र 5 एफआईआर हुई, वो भी बाद में रद्द हो गई। भाजपा सरकार में 42 एफआईआर की। पेपर लीक मामले में 48 लोगों को गिरफ्तार किया। गड़बड़ी करने के अन्य मामलों में 40 अन्य आरोपी पकड़े हैं। ऐसे माफिया को जड़ से खत्म किया जाएगा। मनोहर लाल ने बताया कि अब तक हमने 83 हजार नौकरियां दी हैं। एसआई महिला में 58 ऐसी लड़कियां हैं, जिनके घर में कोई नौकरी नहीं है। साथ ही अधिकतर ग्रामीण क्षेत्र हैं और हर जिले की लड़कियां हैं।