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जहरीली शराब कांड: विपक्ष के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह पर अपनों का हमला, कार्रवाई की मांग
Tue, 04 Aug 2020 11:12 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Tue, 04 Aug 2020 11:12 AM IST
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कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : ANI
जहरीली शराब मामले में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर विपक्ष के बाद अब अपनों ने हमला बोला है। सोमवार को राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा और शमशेर सिंह दूलो ने सूबे के गवर्नर वीपी सिंह बदनौर को मांग पत्र सौंपकर, राज्य में हुई मौतों के मामलों पर तुरंत एक्शन लेने और सभी दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की है। दोनों प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
रविवार को आम आदमी पार्टी सुप्रीमो अरविंदर केजरीवाल द्वारा जहरीली शराब मामले की सीबीआई जांच की मांग पर भड़के कैप्टन अमरिंदर सिंह का साथ देने सोमवार को कई कैबिनेट मंत्री भी मैदान में कूद गए। बलबीर सिद्धू, अरुणा चौधरी, राणा सोढी, सुंदर श्याम अरोड़ा, आशू ने मुख्यमंत्री के सुर में सुर मिलाते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। शाम होते ही माहौल बदल गया। मौजूदा राज्यसभा सांसद और पूर्व पार्टी प्रधान प्रताप बाजवा और शमशेर दूलो अपनी ही सरकार को नाकाम साबित करते हुए गर्वनर के पास पहुंच गए।
हालांकि दोनों वरिष्ठ नेताओं ने अपने मांग पत्र में कैप्टन अमरिंदर सिंह का उल्लेख नहीं किया लेकिन उनके गवर्नर के पास मदद के लिए पहुंचना प्रदेश की कांग्रेस सरकार के लिए नई मुसीबत खड़ी करने के लिए पर्याप्त है, क्योंकि इससे विपक्ष को कैप्टन सरकार पर वार करने का और सशक्त मौका हाथ लग गया है। वहीं, बाजवा और दूलो के मांग पत्र को लेकर देर रात तक न तो कैप्टन की ही कोई प्रतिक्रिया आई और न ही किसी कैबिनेट मंत्री ने मुंह खोला।
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रविवार को आम आदमी पार्टी सुप्रीमो अरविंदर केजरीवाल द्वारा जहरीली शराब मामले की सीबीआई जांच की मांग पर भड़के कैप्टन अमरिंदर सिंह का साथ देने सोमवार को कई कैबिनेट मंत्री भी मैदान में कूद गए। बलबीर सिद्धू, अरुणा चौधरी, राणा सोढी, सुंदर श्याम अरोड़ा, आशू ने मुख्यमंत्री के सुर में सुर मिलाते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। शाम होते ही माहौल बदल गया। मौजूदा राज्यसभा सांसद और पूर्व पार्टी प्रधान प्रताप बाजवा और शमशेर दूलो अपनी ही सरकार को नाकाम साबित करते हुए गर्वनर के पास पहुंच गए।
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हालांकि दोनों वरिष्ठ नेताओं ने अपने मांग पत्र में कैप्टन अमरिंदर सिंह का उल्लेख नहीं किया लेकिन उनके गवर्नर के पास मदद के लिए पहुंचना प्रदेश की कांग्रेस सरकार के लिए नई मुसीबत खड़ी करने के लिए पर्याप्त है, क्योंकि इससे विपक्ष को कैप्टन सरकार पर वार करने का और सशक्त मौका हाथ लग गया है। वहीं, बाजवा और दूलो के मांग पत्र को लेकर देर रात तक न तो कैप्टन की ही कोई प्रतिक्रिया आई और न ही किसी कैबिनेट मंत्री ने मुंह खोला।
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मामला कांग्रेस प्रधान सोनिया गांधी के ध्यान में भी लाएंगे
राज्यपाल से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए बाजवा और दूलो ने कहा कि वे जल्दी ही सारा मामला कांग्रेस प्रधान सोनिया गांधी के ध्यान में भी लाएंगे और इस मामले को लेकर संसद में भी आवाज बुलंद करेंगे। बाजवा ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह उनके और दूलो के भेजे पत्रों पर ध्यान देते तो आज सूबे में यह दुखद हादसा न होता। बाजवा ने कहा कि खन्ना में जो अवैध शराब की फैक्टरी पकड़ी गई थी, उसके दोषी आज तक पकड़े नहीं गए हैं।
बाजवा ने आगे कहा कि पंजाब में अवैध शराब का कारोबार लगातार जारी है और यह बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बड़े दुख की बात है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह अब तक पीड़ितों का हाल जानने भी नहीं गए। न तो मुख्यमंत्री खुद उन जिलों में गए और न ही डीजीपी या मुख्य सचिव को ही वहां भेजा। गौरतलब है कि प्रताप बाजवा और शमशेर सिंह दूलो समय-समय पर राज्य के विभिन्न मुद्दों को लेकर कैप्टन सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं। बाजवा लगभग हर मुद्दे पर कैप्टन को पत्र लिखकर न सिर्फ सवाल उठाते हैं बल्कि सुझाव भी देते रहते हैं।
जहरीली शराब के मुद्दे पर बाजवा ने कैप्टन को लिखा था पत्र
जहरीली शराब के मुद्दे पर भी बाजवा ने 1 अगस्त को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपील की थी कि इस मामले में हुई मौतों पर सरकार पीड़ितों को इंसाफ दिलाए। उन्होंने इस घटना को प्रशासनिक असफलता करार देते हुए कहा था कि ताजा घटनाएं सूबे में अफसरशाही-पुलिस और शराब माफिया के गठजोड़ का प्रतीक नजर आ रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से अपील करके मामले की जांच मौजूदा जज से करवाएं ताकि दोषियों को सजा मिल सके। उन्होंने संबंधित जिलों के एसएसपी को तुरंत बदलने और उनकी एक साल के लिए फील्ड पोस्टिंग और तरक्की पर रोक लगाने की मांग भी की थी। कैप्टन ने उनके पत्र पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और न ही कोई कार्रवाई की।
बाजवा ने आगे कहा कि पंजाब में अवैध शराब का कारोबार लगातार जारी है और यह बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बड़े दुख की बात है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह अब तक पीड़ितों का हाल जानने भी नहीं गए। न तो मुख्यमंत्री खुद उन जिलों में गए और न ही डीजीपी या मुख्य सचिव को ही वहां भेजा। गौरतलब है कि प्रताप बाजवा और शमशेर सिंह दूलो समय-समय पर राज्य के विभिन्न मुद्दों को लेकर कैप्टन सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं। बाजवा लगभग हर मुद्दे पर कैप्टन को पत्र लिखकर न सिर्फ सवाल उठाते हैं बल्कि सुझाव भी देते रहते हैं।
जहरीली शराब के मुद्दे पर बाजवा ने कैप्टन को लिखा था पत्र
जहरीली शराब के मुद्दे पर भी बाजवा ने 1 अगस्त को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपील की थी कि इस मामले में हुई मौतों पर सरकार पीड़ितों को इंसाफ दिलाए। उन्होंने इस घटना को प्रशासनिक असफलता करार देते हुए कहा था कि ताजा घटनाएं सूबे में अफसरशाही-पुलिस और शराब माफिया के गठजोड़ का प्रतीक नजर आ रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से अपील करके मामले की जांच मौजूदा जज से करवाएं ताकि दोषियों को सजा मिल सके। उन्होंने संबंधित जिलों के एसएसपी को तुरंत बदलने और उनकी एक साल के लिए फील्ड पोस्टिंग और तरक्की पर रोक लगाने की मांग भी की थी। कैप्टन ने उनके पत्र पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और न ही कोई कार्रवाई की।