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रेजिडेंस डाक्टरों ने पीजीआई इमरजेंसी की सेवाएं तीन घंटे ठप रखीं
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संसद भवन के बाहर एनएमसी बिल का विरोध कर रहे डाक्टरों को हिरासत में लिए जाने पर पीजीआई के रेजिडेंस डाक्टरों ने वीरवार को तीन घंटे इमरजेंसी की सेवाएं ठप रखीं। इसकी सूचना जब पीजीआई के आला अधिकारियों को मिली तो वे भी अलर्ट हो गए और रेजिडेंस डाक्टरों से बातचीत की। इसके साथ ही उन्होंने फेकल्टी को भी तैयार रहने के निर्देश जारी कर दिए। इस दौरान कई मरीजों को बिना इलाज के वापस भी भेजा गया। हालांकि गंभीर मरीजों को बिना रजिस्ट्रेशन पीजीआई में दाखिल कर इलाज किया गया। देर रात पीजीआई रेजिडेंस डाक्टरों के प्रेसिडेंट डा. उत्तम ठाकुर ने बताया कि दस बजे डाक्टर काम पर लौट आए थे।
सूत्रों ने बताया कि एनएमसी बिल को लेकर डाक्टरों में पहले से ही आक्रोश है। वीरवार को जब दिल्ली में डाक्टरों को गिरफ्तार किया तो वे और गुस्से में आ गए। सूचना मिलते ही पीजीआई के रेजिडेंस डाक्टरों ने शाम करीब सात बजे इमरजेंसी की सेवाएं ठप कर दीं। ट्रामा सेंटर, इमरजेंसी और आईसीयू से रेजिडेंस डाक्टर चले गए। जो अंदर दाखिल थे, उनका इलाज जारी रहा लेकिन किसी भी नए पेशेंट को इमरजेंसी में दाखिल नहीं किया गया। करीब 40-50 ऐसे मरीजों को वापस भेज दिया गया, जो ज्यादा गंभीर नहीं थे। उन्हें शुक्रवार को सवेरे आने को कहा गया। हालांकि यहां पर डाक्टरों ने उन मरीजों को दाखिल किया, जो काफी गंभीर थे, लेकिन उनका कार्ड नहीं बनाया।
इस बीच खबर पीजीआई प्रशासन तक पहुंच गई। पीजीआई डायरेक्टर प्रोफेसर जगतराम ने सभी आला अधिकारियों सहित पूरी फैकल्टी को अलर्ट कर दिया। उन्होंने फैकल्टी से कहा कि वे तैयार रहें। जरूरत पड़ने पर उन्हें इमरजेंसी, ट्रामा सेंटर व आईसीयू का मोर्चा संभालना पड़ सकता है। इस बीच प्रो. जगतराम ने पीजीआई एआरडी एसोसिएशन के प्रेसिडेंट डा. उत्तम ठाकुर से बातचीत की। उन्होंने हड़ताल वापस लेने का आग्रह किया। डा. उत्तम ठाकुर ने कहा कि जैसे ही दिल्ली के डाक्टरों को हिरासत से छोड़ दिया जाएगा, वे अपनी हड़ताल वापस ले लेंगे। साढ़े नौ बजे उन डाक्टरों को छोड़ दिया गया और रेजिडेंस डाक्टर करीब दस बजे वापस काम पर लौट आए।
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कोट
कुछ देर के लिए इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित हुई थीं। फेकल्टी अलर्ट पर थीं। दिल्ली में डाक्टरों को छोड़े जाने के बाद रेजिडेंस वापस काम पर लौट आए थे।
प्रोफेसर जगतराम, डायरेक्टर पीजीआई चंडीगढ़
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सूत्रों ने बताया कि एनएमसी बिल को लेकर डाक्टरों में पहले से ही आक्रोश है। वीरवार को जब दिल्ली में डाक्टरों को गिरफ्तार किया तो वे और गुस्से में आ गए। सूचना मिलते ही पीजीआई के रेजिडेंस डाक्टरों ने शाम करीब सात बजे इमरजेंसी की सेवाएं ठप कर दीं। ट्रामा सेंटर, इमरजेंसी और आईसीयू से रेजिडेंस डाक्टर चले गए। जो अंदर दाखिल थे, उनका इलाज जारी रहा लेकिन किसी भी नए पेशेंट को इमरजेंसी में दाखिल नहीं किया गया। करीब 40-50 ऐसे मरीजों को वापस भेज दिया गया, जो ज्यादा गंभीर नहीं थे। उन्हें शुक्रवार को सवेरे आने को कहा गया। हालांकि यहां पर डाक्टरों ने उन मरीजों को दाखिल किया, जो काफी गंभीर थे, लेकिन उनका कार्ड नहीं बनाया।
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इस बीच खबर पीजीआई प्रशासन तक पहुंच गई। पीजीआई डायरेक्टर प्रोफेसर जगतराम ने सभी आला अधिकारियों सहित पूरी फैकल्टी को अलर्ट कर दिया। उन्होंने फैकल्टी से कहा कि वे तैयार रहें। जरूरत पड़ने पर उन्हें इमरजेंसी, ट्रामा सेंटर व आईसीयू का मोर्चा संभालना पड़ सकता है। इस बीच प्रो. जगतराम ने पीजीआई एआरडी एसोसिएशन के प्रेसिडेंट डा. उत्तम ठाकुर से बातचीत की। उन्होंने हड़ताल वापस लेने का आग्रह किया। डा. उत्तम ठाकुर ने कहा कि जैसे ही दिल्ली के डाक्टरों को हिरासत से छोड़ दिया जाएगा, वे अपनी हड़ताल वापस ले लेंगे। साढ़े नौ बजे उन डाक्टरों को छोड़ दिया गया और रेजिडेंस डाक्टर करीब दस बजे वापस काम पर लौट आए।
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कुछ देर के लिए इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित हुई थीं। फेकल्टी अलर्ट पर थीं। दिल्ली में डाक्टरों को छोड़े जाने के बाद रेजिडेंस वापस काम पर लौट आए थे।
प्रोफेसर जगतराम, डायरेक्टर पीजीआई चंडीगढ़