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चंडीगढ़ में अब नहीं मिलेंगे कमरे, 'मौत' के पीजी के संचालक नीतेश बंसल को भेजा गया जेल

Wed, 26 Feb 2020 12:47 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Wed, 26 Feb 2020 12:47 PM IST
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PG owner Nitesh Bansal sent to jail
पीजी की चेकिंग करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ सेक्टर-32डी स्थित मौत के पीजी के संचालक नीतेश बंसल का दो दिन का रिमांड खत्म होने पर पुलिस ने मंगलवार को जिला अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे 14 दिन के न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि गौरव अनेजा और नीतेश पोपली का अभी तक सुराग नहीं लग सका है। सेक्टर-34 थाना पुलिस ने आरोपी नीतेश को शनिवार को गिरफ्तार किया था।
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पीजी 3325 के संचालक नीतेश बंसल को पुलिस ने नवंबर और फरवरी में धारा 188 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। हालांकि, अदालत में जुर्माना भरने के बाद उसे छोड़ दिया गया। शनिवार शाम करीब चार बजे सेक्टर-32डी पीजी में लैपटॉप चार्जिंग के दौरान अचानक आग लग गई। तेजी से कमरे में धुआं फैलने से पीजी में मौजूद छात्राओं का दम घुटने लगा।
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इस दौरान कुछ छात्राएं वहां से भागने में कामयाब हो गईं, जबकि पांच छात्राएं फेमिना, जेसमीन, रिया, मुस्कान और पाक्षी धुएं और आग में फंस गईं। अपनी सूझबूझ से फेमिना और जेसमीन पड़ोसी के घर में पीजी से छलांग लगाकर खुद की जान बचाने में कामयाब हो गई, जबकि हादसे में कोटकपूरा (पंजाब) के सत्य बाजार निवासी पाक्षी ग्रोवर (20), कपूरथला (पंजाब) निवासी रिया अरोड़ा (19) की धुएं में दम घुटने और हिसार के लक्ष्मी नगर निवासी मुस्कान (21) की झुलसने से मौत हो गई।
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सेक्टर-34 थाना पुलिस ने कोठी मालिक गौरव अनेजा और पीजी संचालक नीतेश बंसल व नीतेश पोपली के खिलाफ आईपीसी 304, 336 और 34 के तहत मामला दर्ज कर नीतेश बंसल को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में पिछले डेढ़ साल से अवैध रूप से गर्ल्स पीजी चलाया जा रहा था। कोठी मालिक गौरव अनेजा से नीतेश बंसल 90 हजार रुपये प्रतिमाह पर कोठी किराये पर लेकर पीजी चलाने लगा। पीजी में करीब 10 से ज्यादा कमरे हैं और इसमें 34 छात्राएं रहती थीं। पुलिस का दावा है कि बाकी के आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

संचालक अवैध पीजी बंद करने में जुटे, स्टूडेंट्स लिए अब कोई कमरा नहीं

चंडीगढ़ सेक्टर-32डी स्थित एक अवैध पीजी में आग लगने से तीन छात्राओं की मौत के बाद संचालक अपने-अपने पीजी बंद करने में जुटे हुए हैं। मंगलवार को जब सेक्टरों में पीजी की पड़ताल शुरू कि पता लगा कि अब स्टूडेंट्स के लिए कोई कमरा नहीं है। हैरानी की बात है कि 10 से 15 हजार किराया देने के बावजूद कोई भी संचालक कमरा देने को राजी नहीं हुआ। सभी जगह यह जवाब मिला कि कमरा खाली नहीं है। मालिकों ने तुरंत प्रभाव से लड़कियों को पीजी खाली करने के आदेश दिए हैं।

इस दौरान जब आरोपी नितेश बंसल के पीजी हाउस नंबर-3370 में उपस्थित लड़कियों से बातचीत करने की कोशिश की गई तो पहले उन्होंने जवाब देने से मना किया। जब उन्हें रिपोर्टर ने कहा कि उन्हें अपने लिए पीजी देखना है, तब एक लड़की ने बताया कि वे आज ही पीजी खाली कर रहे हैं। इस मौके पर लड़की ने नीचे सीढ़ियों के दरवाजे को अंदर से ताला लगाया हुआ था। लड़की दरवाजे की जाली के अंदर से झांक कर ही रिपोर्टर से बातचीत कर रही थी।

सेक्टर-32 का मंगलवार को दौरा कर वहां के पीजी में रहने वाली लड़कियों से बातचीत करने पर सामने आया कि सेक्टर में चलने वाले सभी पीजी बंद हो रहे हैं। वहां रहने वाले सभी स्टूडेंट्स को पीजी संचालकों ने कमरे खाली करने को कहा है। पीजी में लगी आग के बाद से स्टूडेंट्स में भी दहशत है। इसके साथ अचानक पीजी खाली करने के आदेश के बाद नया कमरा खोजना की चिंता भी सता रही है।

सेक्टर-32 में घूमते-घूमते जब हाउस नंबर-3370 की सीढ़ियों पर खड़ी लड़की से पीजी के बारे में पूछा गया तो उसने बताया यह नितेश बंसल का पीजी है। अब यहां कोई सीट नहीं है क्योंकि बंसल ने सभी लड़कियों को पीजी खाली करने के निर्देश दिए हैं। इस मौके पर लड़की ने दरवाजा खोलकर तीन लड़कियों को बाहर निकाला। उसके बाद दोबारा सीढ़ियों का दरवाजे को अंदर से ताला लगा लिया।
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