फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   People submitted a memorandum to the EO demanding rehabilitation

35 साल से पुनर्वास का इंतजार: एक-एक मरला प्लॉट की मांग, ईओ को सौंपा ज्ञापन

Mon, 03 Aug 2026 09:26 PM IST
शाहिल शर्मा माई सिटी रिपोर्टर, पंचकूला
माई सिटी रिपोर्टर, पंचकूला Published by: शाहिल शर्मा Updated Mon, 03 Aug 2026 09:26 PM IST
सार

कॉलोनीवासियों ने बताया कि वर्ष 1994 में सरकार ने पुनर्वास योजना के तहत सर्वे कराया था, जिसमें 4149 परिवार पात्र पाए गए थे लेकिन अब तक प्लॉट नहीं मिला।

विज्ञापन
People submitted a memorandum to the EO demanding rehabilitation
ईओ को सौंपा ज्ञापन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पुनर्वास की मांग को लेकर राजीव और इंदिरा कॉलोनी के सैकड़ों निवासी सोमवार को एचएसवीपी मुख्यालय पहुंचे। पूर्व पार्षद उषा रानी की अध्यक्षता में लोगों ने संपदा अधिकारी (ईओ) सुरेंद्र लाठर को ज्ञापन सौंपकर करनाल की तर्ज पर एक-एक मरला प्लॉट आवंटित करने की मांग उठाई। मामले पर चर्चा के लिए ईओ ने 6 अगस्त को सेक्टर-17 स्थित कम्युनिटी सेंटर में बैठक बुलाई है।
विज्ञापन


कॉलोनीवासियों ने बताया कि वर्ष 1994 में सरकार ने पुनर्वास योजना के तहत सर्वे कराया था, जिसमें 4149 परिवार पात्र पाए गए थे। लोगों का दावा है कि हजारों परिवारों ने प्लॉट के लिए निर्धारित राशि भी जमा कराई थी और 306 परिवारों को अलॉटमेंट पत्र जारी हुए, लेकिन आज तक कब्जा नहीं मिला।
विज्ञापन


निवासियों ने बुढ़नपुर गुरुद्वारा के पास चिन्हित जमीन पर प्लॉट देने की मांग करते हुए कहा कि यह क्षेत्र लेबर चौक के नजदीक होने के कारण रोजगार की दृष्टि से उपयुक्त है। उन्होंने मांग की कि पुनर्वास होने तक उनके मकानों पर कोई कार्रवाई या तोड़फोड़ न की जाए। उषा रानी ने कहा कि 35 वर्षों से लंबित इस मामले का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed