फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   Parole is necessary to reform the criminal and maintain his interest in life: High Court

अपराधी को सुधारने और उसकी जीवन मेंं रुचि बनाए रखने के लिए पैरोल जरूरी: हाईकोर्ट

Fri, 07 Jun 2024 04:24 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 07 Jun 2024 04:24 AM IST
विज्ञापन
Parole is necessary to reform the criminal and maintain his interest in life: High Court
चंडीगढ़। किसी अपराधी को सुधारने और उसकी जीवन में रुचि बनी रहे इसके लिए उसे पैरोल के माध्यम से समाज से जोड़े रखना जरूरी है। एक से अधिक मामला दर्ज होने और रिहाई पर अपराध करने की केवल संभावना के आधार पर पैरोल से इन्कार नहीं किया जा सकता। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यह अहम टिप्पणी करते हुए कुलविंदर सिंह उर्फ तैना की पैरोल निवेदन खारिज करने के आदेश को रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने फिरोजपुर के डीएम को चार सप्ताह के भीतर पैरोल निवेदन पर फिर से निर्णय लेने का आदेश दिया है। अपने आदेश में हाईकोर्ट ने कहा कि पैरोल का उद्देश्य अपराधी का पुनर्वास और उसके परिवार, दोस्तों और समुदाय के साथ निरंतरता बनाए रखना है। इसके साथ ही पैरोल के जरिये कैदी को निरंतर कैदी जीवन के हानिकारक प्रभावों से बचाया जा सकता है। पैरोल कैदी में आत्मविश्वास की भावना विकसित करती है और उसे अहसास दिलाती है कि जेल से परे बेहतर जीवन है। ऐसे में किसी कैदी को दोषी ठहराने के बाद जेल में कैद रहने के दौरान वह पैरोल पर अस्थायी रिहाई का हकदार है, हालांकि यह एक रियायत है, अधिकार नहीं। कैदी के खिलाफ विभिन्न मामलों का दर्ज होना पैरोल से इन्कार करने का पर्याप्त आधार नहीं है। केवल इस आशंका के आधार पर कि कैदी बाहर जाने के बाद अपराध में लिप्त हो सकता है पैरोल से इन्कार नहीं किया जा सकता। इन्कार करने के लिए पुख्ता सामग्री होनी चाहिए।
विज्ञापन

हाईकोर्ट ने यह फैसला फिरोजपुर के डीएम के आदेश के खिलाफ अपील पर सुनाया है। डीएम ने पैरोल पर कुलविंदर सिंह की रिहाई की स्थिति में नशे की बिक्री की संभावना के चलते उसे यह लाभ देने से इन्कार कर दिया था। याचिकाकर्ता एनडीपीएस के मामले में 11 साल के कठोर कारावास की सजा भुगत रहा है। हाईकोर्ट ने कहा कि इस प्रश्न पर विचार करना कि क्या याचिकाकर्ता को पैरोल पर रिहा करने से राज्य की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था के रखरखाव को खतरा हो सकता है, स्पष्ट रूप से सक्षम प्राधिकारी की ओर से नहीं किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed