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पैनोरमिक कोच : ट्रायल के लिए कालका पहुंची आरडीएसओ की टीम
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संवाद न्यूज एजेंसी कालका। पैनोरमिक कोचों का ट्रायल लेने के लिए शुक्रवार रात को आरडीएसओ (अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन) की टीम कालका पहुंच गई है। आरसीएफ कपूरथला की टीम पहले ही पहुंच चुकी है। शनिवार को उक्त टीमों ने वर्कशाप में खड़े इन चारों पैनोरमिक कोचों का निरीक्षण किया।
रेलवे सूत्रों की माने तो सोमवार को अलग-अलग तरह के इन चारों पैनोरमिक कोचों का ट्रायल प्रारंभ कर दिया जाएगा। इससे पहले रविवार को चारों कोचों को शिमला ले जाया जाएगा। कोचों का पहला ट्रायल शिमला से शोघी के बीच होगा। यहां यह भी बता दें कि एक पैनोरमिक कोच की अनुमानित लागत 1.3 करोड़ रुपये के लगभग है।
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इन कोचों का होगा ट्रायल
जिन चार कोचों का ट्रायल आरडीएसओ की टीम ने करना है। उनमें से एक एसी एग्जीक्यूटिव चेयरकार, दूसरा एसी चेयरकार, तीसरा नान एसी चेयरकार और चौथी लगेज कार शामिल है। ट्रायल सफल होने के बाद ही इन्हें सात डिब्बों के रैक के तौर पर कालका-शिमला रेलमार्ग पर चलाया जाएगा। इससे पहले दिसंबर 2022 में पहले दो शेल यानी खाली कोचों का ट्रायल किया गया था। इसमें सीटें नहीं थीं, मात्र ढांचे को ही कालका-शिमला सेक्शन पर दौड़ाया गया था। इन शेल (खाली कोचों) का ट्रायल पूरी तरह से सफल रहा था।
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चारों कोचों में यह है सीटों की व्यवस्था
एक्जीक्यूटिव चेयरकार- 12
चेयरकार- 24
नॉन एसी चेयरकार - 30
चौथा पावर कार कम लगेज वैन है जिसमें गार्ड व पावर रहेगी।
स्विट्जरलैंड की बर्निना एक्सप्रेस की होगी अनुभूति
कालका-शिमला रेलमार्ग पर जब पैनोरमिक कोचों वाली ट्रेन गुजरेगी तो स्विट्जरलैंड की बर्निना एक्सप्रेस की अनुभूति होगी। इन कोचों की लुक स्विट्जरलैंड की बर्निना एक्सप्रेस की तरह है जोकि एक पहाड़ी रेल ट्रैक पर चलती है। इन कोचों में पैनोरमिक वाइड व्यू विंडो डिजाइन होगा ताकि यात्री पहाड़ों और घाटियों की सुंदरता का अनुभव कर सकें। यह कोच सीसीटीवी और फायर अलार्म जैसी आधुनिक सुरक्षा सुविधाओं से भी लैस होंगे। इस तरह के कोचों की प्रत्येक ट्रेन में 6 यात्री कोच और एक पावर/सामान/गार्ड वैन सहित सात कोच होंगे।