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Panchkula News: पंचकूला के पजल मॉडल से बदलेगी हरियाणा की शिक्षा
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सबहेड: 13,900 विद्यार्थियों पर सफल प्रयोग के बाद प्रदेशभर के स्कूलों में लागू करने पर जोर, निपुणोदय 2.0 में दर्ज होगी पहल की कहानी
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला, 14 अक्टूबर। प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों को रटने के बजाय समझकर सीखने के लिए प्रोत्साहित करने की पंचकूला की पहल को अब प्रदेश स्तर पर पहचान मिलेगी। निपुण हरियाणा मिशन के तहत प्रकाशित होने वाली शैक्षणिक पत्रिका निपुणोदय के दूसरे संस्करण निपुणोदय 2.0 में जिला स्तरीय पजल एवं पैटर्न चैंपियनशिप-2026 की सफलता की कहानी शामिल की जाएगी। इस प्रतियोगिता में जिले के करीब 13,900 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य पहली से तीसरी कक्षा के बच्चों में तार्किक चिंतन, पैटर्न पहचानने, समस्या समाधान और गणितीय समझ विकसित करना था।
पंचकूला में आयोजित समारोह में हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने निपुणोदय 2.0 के कवर पेज का अनावरण किया। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा में इस नवाचार की सराहना करते हुए प्रदेश के स्कूलों में पजल एवं पैटर्न आधारित गतिविधियों को व्यापक स्तर पर लागू करने पर जोर दिया।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि जब बच्चे रटने के बजाय समझने और तर्क करने लगते हैं, तो उनका सीखना अधिक स्थायी होता है। पजल और पैटर्न जैसी गतिविधियां बच्चों के लिए गणितीय अवधारणाओं को सहज, रोचक और व्यावहारिक बनाती हैं। खेल-खेल में सीखने का यह तरीका बच्चों को वास्तविक जीवन की समस्याओं का समाधान खोजने के लिए भी तैयार करता है।
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प्रतियोगिता का आयोजन विद्यालय स्तर से शुरू होकर क्लस्टर, खंड और जिला स्तर तक किया गया। इसमें विद्यार्थियों को पहेलियां सुलझाने, पैटर्न पहचानने और स्वयं समाधान खोजने के अवसर मिले। इससे बच्चों में तार्किक क्षमता और गणित के प्रति रुचि बढ़ाने का प्रयास किया गया।
जिले की अभिनव पहल को मिलेगी जगह
जिला एफएलएन समन्वयक असिंद्र कुमार ने बताया कि निपुण हरियाणा मिशन के तहत प्रकाशित होने वाले निपुणोदय के दूसरे संस्करण में जिला स्तरीय पजल एवं पैटर्न चैंपियनशिप की यात्रा, उद्देश्य और विद्यार्थियों पर पड़े सकारात्मक प्रभाव को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें शिक्षकों की तैयारी, विद्यार्थियों के उत्साह और जिला स्तरीय आयोजन से मिले अनुभवों को भी शामिल किया जाएगा। यह पहल दूसरे जिलों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला, 14 अक्टूबर। प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों को रटने के बजाय समझकर सीखने के लिए प्रोत्साहित करने की पंचकूला की पहल को अब प्रदेश स्तर पर पहचान मिलेगी। निपुण हरियाणा मिशन के तहत प्रकाशित होने वाली शैक्षणिक पत्रिका निपुणोदय के दूसरे संस्करण निपुणोदय 2.0 में जिला स्तरीय पजल एवं पैटर्न चैंपियनशिप-2026 की सफलता की कहानी शामिल की जाएगी। इस प्रतियोगिता में जिले के करीब 13,900 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य पहली से तीसरी कक्षा के बच्चों में तार्किक चिंतन, पैटर्न पहचानने, समस्या समाधान और गणितीय समझ विकसित करना था।
पंचकूला में आयोजित समारोह में हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने निपुणोदय 2.0 के कवर पेज का अनावरण किया। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा में इस नवाचार की सराहना करते हुए प्रदेश के स्कूलों में पजल एवं पैटर्न आधारित गतिविधियों को व्यापक स्तर पर लागू करने पर जोर दिया।
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शिक्षा मंत्री ने कहा कि जब बच्चे रटने के बजाय समझने और तर्क करने लगते हैं, तो उनका सीखना अधिक स्थायी होता है। पजल और पैटर्न जैसी गतिविधियां बच्चों के लिए गणितीय अवधारणाओं को सहज, रोचक और व्यावहारिक बनाती हैं। खेल-खेल में सीखने का यह तरीका बच्चों को वास्तविक जीवन की समस्याओं का समाधान खोजने के लिए भी तैयार करता है।
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प्रतियोगिता का आयोजन विद्यालय स्तर से शुरू होकर क्लस्टर, खंड और जिला स्तर तक किया गया। इसमें विद्यार्थियों को पहेलियां सुलझाने, पैटर्न पहचानने और स्वयं समाधान खोजने के अवसर मिले। इससे बच्चों में तार्किक क्षमता और गणित के प्रति रुचि बढ़ाने का प्रयास किया गया।
जिले की अभिनव पहल को मिलेगी जगह
जिला एफएलएन समन्वयक असिंद्र कुमार ने बताया कि निपुण हरियाणा मिशन के तहत प्रकाशित होने वाले निपुणोदय के दूसरे संस्करण में जिला स्तरीय पजल एवं पैटर्न चैंपियनशिप की यात्रा, उद्देश्य और विद्यार्थियों पर पड़े सकारात्मक प्रभाव को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें शिक्षकों की तैयारी, विद्यार्थियों के उत्साह और जिला स्तरीय आयोजन से मिले अनुभवों को भी शामिल किया जाएगा। यह पहल दूसरे जिलों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।