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Panchkula News: पंचकूला बनेगा आईआईएम छात्रों की केस स्टडी, 21 से 25 सितंबर तक जमीनी हकीकत परखेंगे
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शिक्षा, रोजगार, प्रशासनिक तालमेल और जेन जी की बदलती जीवनशैली का अध्ययन करेगी 15 से 20 छात्रों की टीम
मोरनी, पिंजौर, बरवाला और रायपुररानी में स्टेकहोल्डर मीटिंग कर विभागीय कार्यप्रणाली की होगी पड़ताल
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) रोहतक के 15 से 20 छात्रों का दल 21 से 25 सितंबर तक पंचकूला में फील्ड विजिट करेगा। प्रथम वर्ष के पीजी प्रोग्राम में शामिल रूरल इंगेजमेंट प्रोग्राम के तहत होने वाली इस विजिट में छात्र जिले की शिक्षा व्यवस्था, रोजगार, प्रशासन और विभागों के बीच तालमेल की जमीनी हकीकत परखेंगे। साथ ही जेन जी के लाइफस्टाइल, स्क्रीन टाइम, सोशल मीडिया, ओटीटी, फैशन, ऑनलाइन शॉपिंग और कॅरिअर की आकांक्षाओं को भी समझने का प्रयास करेंगे।
जिले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के साथ मोरनी जैसा पहाड़ी ब्लॉक होने के कारण पंचकूला को अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। कार्यक्रम के लिए जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (डीडीपीओ) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। नोडल अफसर विशाल पराशर टीम के ठहरने और भोजन की व्यवस्था देखेंगे। वहीं पिंजौर, मोरनी, बरवाला और रायपुररानी के बीडीपीओ अपने-अपने ब्लॉक में लाइजन अधिकारी की भूमिका निभाते हुए स्टेकहोल्डर मीटिंग करवाएंगे।
शिक्षा का स्तर बेहतर है तो क्या रोजगार में बदल रहा है
कार्यक्रम के पहले दिन की थीम एजुकेशन, स्किल्स, एंप्लॉयमेंट एंड इंस्टीट्यूशनल ट्रस्ट रखी गई है। जिला रोजगार अधिकारी, जिला उच्च शिक्षा-सह-प्राचार्य राजकीय पीजी महिला कॉलेज सेक्टर-14, जिला शिक्षा अधिकारी और आईटीआई सेक्टर-14, रायपुररानी व बिटना-पिंजौर के प्राचार्यों को छात्रों के साथ संवाद के लिए लगाया गया है। टीम यह अध्ययन करेगी कि जिले में शिक्षा का स्तर बेहतर होने के बावजूद क्या इसका लाभ रोजगार में बदल रहा है। स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के बीच कितना अंतर है, इसकी भी पड़ताल की जाएगी। छात्रों को संबंधित आंकड़े और विभागों की कार्यप्रणाली का रिकॉर्ड उपलब्ध करवाया जाएगा। इसी दिन टीम की उपायुक्त पंचकूला के साथ औपचारिक बैठक होगी। डीडीपीओ को बैठक के समन्वय के साथ अटल सेवा केंद्र, सरल और अंत्योदय सरल केंद्रों के दौरे की व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। इसके जरिए कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से प्रशासन की आम लोगों तक पहुंच का अध्ययन किया जाएगा।
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आठ विभागों के साथ जेन जी और डिजिटल बाजार का होगा अध्ययन
फील्ड विजिट के दौरान सिविल सर्जन, महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, जिला रोजगार अधिकारी, एचएसआरएलएम की जिला प्रोग्राम मैनेजर और रेडक्रॉस सचिव समेत आठ विभागों को जोड़ा गया है। इनके माध्यम से टीम विभागों के बीच आपसी समन्वय का अध्ययन करेगी। इसके बाद आईआईएम की टीम जेन जी और डिजिटल बाजार की बदलती प्रवृत्तियों को समझने पर फोकस करेगी। इसमें युवाओं के लाइफस्टाइल, स्क्रीन टाइम, सोशल मीडिया, ओटीटी, फैशन, ऑनलाइन शॉपिंग और करियर की आकांक्षाओं को समझने का प्रयास किया जाएगा।
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मोरनी, पिंजौर, बरवाला और रायपुररानी में स्टेकहोल्डर मीटिंग कर विभागीय कार्यप्रणाली की होगी पड़ताल
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) रोहतक के 15 से 20 छात्रों का दल 21 से 25 सितंबर तक पंचकूला में फील्ड विजिट करेगा। प्रथम वर्ष के पीजी प्रोग्राम में शामिल रूरल इंगेजमेंट प्रोग्राम के तहत होने वाली इस विजिट में छात्र जिले की शिक्षा व्यवस्था, रोजगार, प्रशासन और विभागों के बीच तालमेल की जमीनी हकीकत परखेंगे। साथ ही जेन जी के लाइफस्टाइल, स्क्रीन टाइम, सोशल मीडिया, ओटीटी, फैशन, ऑनलाइन शॉपिंग और कॅरिअर की आकांक्षाओं को भी समझने का प्रयास करेंगे।
जिले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के साथ मोरनी जैसा पहाड़ी ब्लॉक होने के कारण पंचकूला को अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। कार्यक्रम के लिए जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (डीडीपीओ) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। नोडल अफसर विशाल पराशर टीम के ठहरने और भोजन की व्यवस्था देखेंगे। वहीं पिंजौर, मोरनी, बरवाला और रायपुररानी के बीडीपीओ अपने-अपने ब्लॉक में लाइजन अधिकारी की भूमिका निभाते हुए स्टेकहोल्डर मीटिंग करवाएंगे।
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शिक्षा का स्तर बेहतर है तो क्या रोजगार में बदल रहा है
कार्यक्रम के पहले दिन की थीम एजुकेशन, स्किल्स, एंप्लॉयमेंट एंड इंस्टीट्यूशनल ट्रस्ट रखी गई है। जिला रोजगार अधिकारी, जिला उच्च शिक्षा-सह-प्राचार्य राजकीय पीजी महिला कॉलेज सेक्टर-14, जिला शिक्षा अधिकारी और आईटीआई सेक्टर-14, रायपुररानी व बिटना-पिंजौर के प्राचार्यों को छात्रों के साथ संवाद के लिए लगाया गया है। टीम यह अध्ययन करेगी कि जिले में शिक्षा का स्तर बेहतर होने के बावजूद क्या इसका लाभ रोजगार में बदल रहा है। स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के बीच कितना अंतर है, इसकी भी पड़ताल की जाएगी। छात्रों को संबंधित आंकड़े और विभागों की कार्यप्रणाली का रिकॉर्ड उपलब्ध करवाया जाएगा। इसी दिन टीम की उपायुक्त पंचकूला के साथ औपचारिक बैठक होगी। डीडीपीओ को बैठक के समन्वय के साथ अटल सेवा केंद्र, सरल और अंत्योदय सरल केंद्रों के दौरे की व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। इसके जरिए कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से प्रशासन की आम लोगों तक पहुंच का अध्ययन किया जाएगा।
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आठ विभागों के साथ जेन जी और डिजिटल बाजार का होगा अध्ययन
फील्ड विजिट के दौरान सिविल सर्जन, महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, जिला रोजगार अधिकारी, एचएसआरएलएम की जिला प्रोग्राम मैनेजर और रेडक्रॉस सचिव समेत आठ विभागों को जोड़ा गया है। इनके माध्यम से टीम विभागों के बीच आपसी समन्वय का अध्ययन करेगी। इसके बाद आईआईएम की टीम जेन जी और डिजिटल बाजार की बदलती प्रवृत्तियों को समझने पर फोकस करेगी। इसमें युवाओं के लाइफस्टाइल, स्क्रीन टाइम, सोशल मीडिया, ओटीटी, फैशन, ऑनलाइन शॉपिंग और करियर की आकांक्षाओं को समझने का प्रयास किया जाएगा।