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तीन साल में तीन बार बनी और टूटी पंचकूला की सड़क
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 20 Aug 2016 01:28 AM IST
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सेक्टर-19 स्थित रेलवे फाटक के सामने बनी सड़क
- फोटो : अमर उजाला
सेक्टर-19 स्थित रेलवे फाटक के सामने बनी सड़क पिछले कई वर्षों से बदहाली के आंसू बहा रही है। यह सड़क नगर निगम की ओर से तीन साल में तीन बार बनवाई जा चुकी है, लेकिन जब भी सड़क बनवाई गई अधिक समय तक नहीं टिक पाई। अब आलम ये है कि सड़क पर दो-दो फिट के गड्ढे हैं। इन गड्ढों की वजह से वाहन चालकों परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए सेक्टरवासी कई बार नगर निगम को शिकायत दे चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि नगर निगम की अनदेखी की वजह से लोग परेशान हैं।
जलभराव से नहीं टिक पाती सड़क
रेलवे क्रासिंग की यह सड़क जलभराव की वजह से टूट जाती है। हुडा ड्रेनेज सिस्टम की सफाई नहीं करवाता जाता, जिस कारण बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पाती है और जलभराव की स्थिति रहती है। इसके लिए स्थानीय लोग हुडा के सामने भी गुहार लगा चुके है लेकिन समस्या ज्यों की त्यों है।
जलभराव के कारण नहीं दिखई देते गड्ढे
बारिश के दिनों में यह दो-दो फुट के गड्ढों में पानी से भर जाता है। इस वजह से वाहन चालकों को गड्ढे दिखाई नहीं देते और हादसे का शिकार होते हैं। बारिश के दिनों में यहां हादसों की संख्या में वृद्धि हो जाती है।
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सेक्टर 19 के लोगों को इसी सड़क से होकर दफ्तर जाना होता है। साथ ही बच्चे भी इसी रास्ते से स्कूल जाते हैं। नतीजन सड़क की बदहाली के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। देवराज, निवासी सेक्टर-19 पंचकूला।
नगर निगम की ओर से बनाई गई इस सड़क पर बेहतर मैटेरियल का इस्तेमाल नहीं गया है, जिसकी वजह से सड़क टूट जाती है। कृष्ण गोयल, निवासी सेक्टर-19 पंचकूला।
सड़क पर 25 प्रतिशत तारकोल और 75 प्रतिशत मोबीऑयल का इस्तेमाल किया जाता है। जिसके चलते सड़क री-कारपेटिंग के कुछ माह बाद ही टूट जाती है। रविंदर राणा, निवासी सेक्टर-19 पंचकूला।
कोट्स
सड़क का निर्माण तीन वर्ष में तीन बार किया गया है। लेकिन फिर भी बदहाल है। इस सड़क पर बड़े बड़े गड्ढे पड़ चुके हैं। जिसकी वजह से आए दिन वाहन चालक गिरते रहते हैं। हरीशचंद्र, निवासी सेक्टर-19 पंचकूला।
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जलभराव से नहीं टिक पाती सड़क
रेलवे क्रासिंग की यह सड़क जलभराव की वजह से टूट जाती है। हुडा ड्रेनेज सिस्टम की सफाई नहीं करवाता जाता, जिस कारण बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पाती है और जलभराव की स्थिति रहती है। इसके लिए स्थानीय लोग हुडा के सामने भी गुहार लगा चुके है लेकिन समस्या ज्यों की त्यों है।
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जलभराव के कारण नहीं दिखई देते गड्ढे
बारिश के दिनों में यह दो-दो फुट के गड्ढों में पानी से भर जाता है। इस वजह से वाहन चालकों को गड्ढे दिखाई नहीं देते और हादसे का शिकार होते हैं। बारिश के दिनों में यहां हादसों की संख्या में वृद्धि हो जाती है।
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सेक्टर 19 के लोगों को इसी सड़क से होकर दफ्तर जाना होता है। साथ ही बच्चे भी इसी रास्ते से स्कूल जाते हैं। नतीजन सड़क की बदहाली के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। देवराज, निवासी सेक्टर-19 पंचकूला।
नगर निगम की ओर से बनाई गई इस सड़क पर बेहतर मैटेरियल का इस्तेमाल नहीं गया है, जिसकी वजह से सड़क टूट जाती है। कृष्ण गोयल, निवासी सेक्टर-19 पंचकूला।
सड़क पर 25 प्रतिशत तारकोल और 75 प्रतिशत मोबीऑयल का इस्तेमाल किया जाता है। जिसके चलते सड़क री-कारपेटिंग के कुछ माह बाद ही टूट जाती है। रविंदर राणा, निवासी सेक्टर-19 पंचकूला।
कोट्स
सड़क का निर्माण तीन वर्ष में तीन बार किया गया है। लेकिन फिर भी बदहाल है। इस सड़क पर बड़े बड़े गड्ढे पड़ चुके हैं। जिसकी वजह से आए दिन वाहन चालक गिरते रहते हैं। हरीशचंद्र, निवासी सेक्टर-19 पंचकूला।