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प्रदेश में सबसे अधिक पंचकूला में लिंगानुपात बढ़कर हुआ 982
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पंचकूला। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पंचकूला को पोषण एवं लिंगानुपात क्षेत्र में राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया है।
जनवरी 2020 में जिले का लिंगानुपात बढ़कर 982 हो गया है, जो प्रदेश में सबसे उच्च पायदान पर है। सीएम ने जिले के नागरिकों एवं अधिकारियों को बधाई दी है। यह पुरस्कार जनसहयोग से ही संभव हो पाया है। उपायुक्त ने बताया कि जिले में कुपोषण के साथ लिंगानुपात की स्थिति बेहतर हुई है। इन दोनों अभियानों को चलाने में जिले के नागरिकों ने सराहनीय योगदान दिया है। जिले को इन दोनों कार्यक्रमों के सफल आयोजन में पुरस्कृत किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पंचकूला को कन्या भ्रूण हत्या रोकने और लिंगानुपात में अग्रणी रहने पर पुरस्कार से नवाजा है। जनता के सहयोग और लोगों को जागरूक करने के कारण ही सकारात्मक नतीजे प्राप्त हो पा रहे हैं।
2019 में लिंगानुपात था 963
उपायुक्त ने बताया कि जिले में वर्ष 2018 में 1000 लड़कों के पीछे 922 लड़कियों का जन्म हुआ था। इस वर्ष जनवरी से लेकर जून 2019 तक कन्या जन्मदर 978 रहा है। जिले का 2014 में 1000 लड़कों पर 916, 2015 के दौरान 909, 2016 में बढ़कर 923, 2017 में यह 911 पहुंच गया। इसी तरह 2018 में बढ़कर 922 हो गया। जनवरी 2019 से दिसंबर 2019 तक जिले का लिंगानुपात 963 हो गया।
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जनवरी 2020 में जिले का लिंगानुपात बढ़कर 982 हो गया है, जो प्रदेश में सबसे उच्च पायदान पर है। सीएम ने जिले के नागरिकों एवं अधिकारियों को बधाई दी है। यह पुरस्कार जनसहयोग से ही संभव हो पाया है। उपायुक्त ने बताया कि जिले में कुपोषण के साथ लिंगानुपात की स्थिति बेहतर हुई है। इन दोनों अभियानों को चलाने में जिले के नागरिकों ने सराहनीय योगदान दिया है। जिले को इन दोनों कार्यक्रमों के सफल आयोजन में पुरस्कृत किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पंचकूला को कन्या भ्रूण हत्या रोकने और लिंगानुपात में अग्रणी रहने पर पुरस्कार से नवाजा है। जनता के सहयोग और लोगों को जागरूक करने के कारण ही सकारात्मक नतीजे प्राप्त हो पा रहे हैं।
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2019 में लिंगानुपात था 963
उपायुक्त ने बताया कि जिले में वर्ष 2018 में 1000 लड़कों के पीछे 922 लड़कियों का जन्म हुआ था। इस वर्ष जनवरी से लेकर जून 2019 तक कन्या जन्मदर 978 रहा है। जिले का 2014 में 1000 लड़कों पर 916, 2015 के दौरान 909, 2016 में बढ़कर 923, 2017 में यह 911 पहुंच गया। इसी तरह 2018 में बढ़कर 922 हो गया। जनवरी 2019 से दिसंबर 2019 तक जिले का लिंगानुपात 963 हो गया।
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