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Panchkula: सेक्टर 14 के ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम के कैमरे बंद, चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर उठे गंभीर सवाल
Mon, 11 May 2026 11:22 AM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला
Published by: Nivedita
Updated Mon, 11 May 2026 11:22 AM IST
सार
जिस स्थान पर ईवीएम रखी जाती है, वहां 24×7 सीसीटीवी निगरानी और कड़ी सुरक्षा घेरा अनिवार्य है। ऐसे में कैमरों का बंद होना केवल तकनीकी खामी है या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा, इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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सेक्टर 14 के स्ट्रांग रूम में बंद पड़े सीसीटीवी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंचकूला नगर निगम चुनाव के बीच प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। सेक्टर 14 स्थित ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा में तैनात सीसीटीवी कैमरों के बंद होने से हड़कंप मच गया है। जहां मतदान के बाद भविष्य की किस्मत बंद है, वहां निगरानी तंत्र का इस तरह ठप होना प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
लोकतंत्र के इस सबसे महत्वपूर्ण पर्व में पारदर्शिता को लेकर अब संशय के बादल मंडराने लगे हैं। नियमों के मुताबिक, जिस स्थान पर ईवीएम रखी जाती है, वहां 24×7 सीसीटीवी निगरानी और कड़ी सुरक्षा घेरा अनिवार्य है। ऐसे में कैमरों का बंद होना केवल तकनीकी खामी है या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा, इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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जानकारी के अनुसार स्ट्रांग रूम का मुख्य कैमरा सुबह करीब 9:30 बजे से 11 बजे तक बंद रहा, जिससे वहां मौजूद प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में चिंता का माहौल बन गया।
कैमरा बंद होने की सूचना मिलते ही मेयर पद की कांग्रेस उम्मीदवार सुधा भारद्वाज अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने अधिकारियों के समक्ष आपत्ति जताते हुए कहा कि ईवीएम की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। मौके पर मौजूद उम्मीदवारों और समर्थकों ने मांग की कि स्ट्रांग रूम की निगरानी व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी रखी जाए और कैमरा बंद होने के कारणों की जांच की जाए।
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लोकतंत्र के इस सबसे महत्वपूर्ण पर्व में पारदर्शिता को लेकर अब संशय के बादल मंडराने लगे हैं। नियमों के मुताबिक, जिस स्थान पर ईवीएम रखी जाती है, वहां 24×7 सीसीटीवी निगरानी और कड़ी सुरक्षा घेरा अनिवार्य है। ऐसे में कैमरों का बंद होना केवल तकनीकी खामी है या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा, इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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विपक्ष और प्रत्याशियों में भारी रोष
इस घटना के बाद प्रत्याशियों और विभिन्न राजनीतिक दलों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली को आड़े हाथों लिया है। मुख्य सवाल यह उठाए जा रहे हैं कि आखिर कैमरे कब से बंद हैं और इसकी जानकारी समय रहते सार्वजनिक क्यों नहीं की गई। सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक के लिए किस अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है। कैमरों के बंद रहने के दौरान क्या वैकल्पिक सुरक्षा और निगरानी की कोई पुख्ता व्यवस्था थी।
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जानकारी के अनुसार स्ट्रांग रूम का मुख्य कैमरा सुबह करीब 9:30 बजे से 11 बजे तक बंद रहा, जिससे वहां मौजूद प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में चिंता का माहौल बन गया।
कैमरा बंद होने की सूचना मिलते ही मेयर पद की कांग्रेस उम्मीदवार सुधा भारद्वाज अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने अधिकारियों के समक्ष आपत्ति जताते हुए कहा कि ईवीएम की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। मौके पर मौजूद उम्मीदवारों और समर्थकों ने मांग की कि स्ट्रांग रूम की निगरानी व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी रखी जाए और कैमरा बंद होने के कारणों की जांच की जाए।