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Panchkula News: पंजाब में 1 जून से धान की रोपाई, सीधी बुआई में किसानों ने नहीं दिखाई रुचि

Thu, 29 May 2025 10:58 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 29 May 2025 10:58 PM IST
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Paddy transplantation will start from June 1 in Punjab, farmers did not show interest in direct sowing
अमर उजाला ब्यूरो
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चंडीगढ़। पंजाब में 1 जून से धान की रोपाई शुरू होनी है, जिसके लिए पंजाब सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। किसानों को आठ घंटे बिजली दी जाएगी, लेकिन धान की सीधी बुआई में किसानों ने अधिक रुचि नहीं दिखाई है।
अब तक 17,897 एकड़ में ही धान की सीधी बुआई हो पाई है, जबकि इस बार कृषि विभाग ने 5 लाख एकड़ एरिया में सीधी बुआई का लक्ष्य रखा है, जबकि पिछली बार 2.53 लाख एकड़ में धान की सीधी बुआई हुई थी। 15 मई से सीधी बुआई की प्रक्रिया शुरू हुई थी, बावजूद इसके अधिकतर किसान आगे नहीं आए।
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सरकार की तरफ से सब्सिडी भी दी जाती है। सीधी बुआई में पानी की खपत कम होती है। प्रदेश का भूजल स्तर लगातार गिर रहा है। 118 ब्लॉक रेड जोन में हैं। यही कारण है कि सरकार सीधी बुआई के लिए किसानों को प्रोत्साहित कर रही है। साथ ही नहरी पानी की आपूर्ति को भी मजबूत कर रही है, ताकि भूजल के स्तर में सुधार किया जा सके। विभाग का दावा है कि आने वाले दिनों में सीधी बुआई के अच्छे नतीजे देखने को मिलेंगे, लेकिन अब जब धान की रोपाई शुरू होने जा रही है तो किसान का जोर सिर्फ उसी पर अधिक रहेगा।
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धान की सीधी बुआई के लिए जिन मशीनों पर सब्सिडी दी जा रही है, उनमें डीएसआर ड्रिल, नर्सरी शीडर और लक्की शीडर ड्रिल शामिल हैं। इसके अलावा सीधी बुआई करने वाले किसानों को 1,500 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि प्रदान दी जाती है। डीएसआर तकनीक में अधिक लेबर की भी जरूरत नहीं होती और फसल भी 7 से 8 आठ दिन जल्दी पक जाती है, लेकिन इन सब फायदों के बावजूद किसान डीएसआर तकनीक को नहीं अपना रहे हैं। वर्ष 2023 में भी सीधी बुआई का क्षेत्र सिर्फ 1.72 लाख एकड़ था। भूजल निष्कर्षण में प्रदेश टॉप पर है। कृषि में सबसे अधिक भूजल का उपयोग हो रहा है, जो 87 प्रतिशत है।
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