{"_id":"65e77b4c1bd450263e0bb034","slug":"orders-to-register-corruption-case-against-three-policemen-including-sho-panchkula-news-c-71-1-mli1004-112320-2024-03-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: एसएचओ सहित तीन पुलिसवालों पर भ्रष्टाचार का केस दर्ज करने के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: एसएचओ सहित तीन पुलिसवालों पर भ्रष्टाचार का केस दर्ज करने के आदेश
विज्ञापन
मोहाली। मोहाली कोर्ट ने विजिलेंस ब्यूरो मोहाली को सोहाना थाने के एसएचओ रह चुके सुमित मोर, हेड कांस्टेबल मलकीत सिंह, हेड कांस्टेबल गुलाब सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 8, 9, 13 और आईपीसी की धारा 166, 166ए, 201, 217, 218, 221, 223, 379ए व 120बी के तहत मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। मामला वर्ष 2023 का है, जब सुमित मोर सोहाना थाने में एसएचओ थे और हेड कांस्टेबल मलकीत सिंह, गुलाब सिंह भी वहीं कार्यरत थे। तीनों पुलिस अधिकारियों पर 57 वर्षीय गुरमीत सिंह निवासी गांव महराज जिला बठिंडा ने धोखाधड़ी के मामले में पकड़े गए आरोपियों से पैसे लेकर उन्हें बिना किसी कार्रवाई के छोड़ने का आरोप लगाया था और उनके खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए मोहाली अदालत में याचिका दायर की थी। फैसला सुनाते हुए एडिशनल सेशन जज ने अब उनके खिलाफ केस दर्ज करने के लिए विजिलेंस को निर्देश दिए हैं। वहीं, एसएचओ सुमित मोर से जब बात की तो उन्होंने कहा कि आरोप झूठे हैं। वह मामले को हाईकोर्ट में चैलेंज करेंगे।
शिकायतकर्ता ने 19 जुलाई 2023 को हरदीप सिंह नामक व्यक्ति के साथ ग्राम कंबाला में 14 एकड़ जमीन के संबंध में समझौता किया था। शिकायतकर्ता ने 1.25 लाख की बयाना राशि का भुगतान हरदीप सिंह को चेक के माध्यम से किया गया था। दोनों के बीच एग्रीमेंट सोहाना में हुआ था। शिकायतकर्ता को बाद में पता चला कि हरदीप सिंह ने उसे धोखा दिया है, क्योंकि वह भू-माफिया का सिर्फ बेनामीदार है। उसने कई लोगों के साथ मिलकर धोखाधड़ी की गतिविधियों को अंजाम देने के लिए गिरोह बनाया है। उसने 25 जुलाई को सोहाना थाने में हरदीप सिंह खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की, बल्कि शिकायतकर्ता को किसी और दिन आने के लिए कहा। 27 जुलाई को सब इंस्पेक्टर बलवीर सिंह, हेड कांस्टेबल मलकीत सिंह व गुलाब सिंह सोहाना में स्टांप विक्रेता की दुकान पर पहुंचे और हरदीप सिंह और उसके साथी को काबू कर लिया। आरोपियों को पकड़ते समय शिकायतकर्ता व उसके कुछ लोगों ने वीडियो बनाया तो हेड कांस्टेबल गुलाब सिंह ने उनके मोबाइल छीन लिए और सोहाना थाने आकर उनके मोबाइल से सभी वीडियो डिलीट कर दिए।
पुलिस अधिकारियों को पूछताछ में पता चला कि इस मामले के पीछे पूर्व डीजीपी संजीव गुप्ता का हाथ है तो पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों को बिना कार्रवाई किए छोड़ दिया। जबकि शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि इस गिरोह ने जाली वसीयत बनाई है और वसीयत बनाते समय जिस अवतार सिंह को खड़ा किया था, उसके खिलाफ वर्ष 2019 में सोहाना थाने में पहले ही धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामला दर्ज है। उन्होंने पुलिस को बताया कि जिस जमीन का वह सौदा कर रहे हैं, उसके असल मालिक अवतार सिंह व नरिंदर सिंह हैं। दोनों कीनिया में रहते हैं और अवतार सिंह की 25 सितंबर 1976 में कीनिया में ही सड़क हादसे में मौत हो गई थी।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता ने मामले में एसएसपी मोहाली को भी शिकायत दी और उसके बाद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने 20 सितंबर 2023 को ऑर्डर के माध्यम से नोटिस ऑफ मोशन जारी किया था। शिकायतकर्ता के वकील ने दलील रखी कि पुलिस अधिकारियों ने पूर्व डीजीपी के प्रभाव में आकर सबूतों के साथ पकड़े गए आरोपी हरदीप सिंह व उसके साथियों से पैसे लेकर उन्हें छोड़ दिया था, जबकि उन्होंने अदालत में सबूत के तौर पर मौके पर बनाया वीडियो पेश किया। अदालत ने सुनवाई करते हुए विजिलेंस को पुलिस मुलाजिमों के खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता ने 19 जुलाई 2023 को हरदीप सिंह नामक व्यक्ति के साथ ग्राम कंबाला में 14 एकड़ जमीन के संबंध में समझौता किया था। शिकायतकर्ता ने 1.25 लाख की बयाना राशि का भुगतान हरदीप सिंह को चेक के माध्यम से किया गया था। दोनों के बीच एग्रीमेंट सोहाना में हुआ था। शिकायतकर्ता को बाद में पता चला कि हरदीप सिंह ने उसे धोखा दिया है, क्योंकि वह भू-माफिया का सिर्फ बेनामीदार है। उसने कई लोगों के साथ मिलकर धोखाधड़ी की गतिविधियों को अंजाम देने के लिए गिरोह बनाया है। उसने 25 जुलाई को सोहाना थाने में हरदीप सिंह खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की, बल्कि शिकायतकर्ता को किसी और दिन आने के लिए कहा। 27 जुलाई को सब इंस्पेक्टर बलवीर सिंह, हेड कांस्टेबल मलकीत सिंह व गुलाब सिंह सोहाना में स्टांप विक्रेता की दुकान पर पहुंचे और हरदीप सिंह और उसके साथी को काबू कर लिया। आरोपियों को पकड़ते समय शिकायतकर्ता व उसके कुछ लोगों ने वीडियो बनाया तो हेड कांस्टेबल गुलाब सिंह ने उनके मोबाइल छीन लिए और सोहाना थाने आकर उनके मोबाइल से सभी वीडियो डिलीट कर दिए।
विज्ञापन
पुलिस अधिकारियों को पूछताछ में पता चला कि इस मामले के पीछे पूर्व डीजीपी संजीव गुप्ता का हाथ है तो पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों को बिना कार्रवाई किए छोड़ दिया। जबकि शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि इस गिरोह ने जाली वसीयत बनाई है और वसीयत बनाते समय जिस अवतार सिंह को खड़ा किया था, उसके खिलाफ वर्ष 2019 में सोहाना थाने में पहले ही धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामला दर्ज है। उन्होंने पुलिस को बताया कि जिस जमीन का वह सौदा कर रहे हैं, उसके असल मालिक अवतार सिंह व नरिंदर सिंह हैं। दोनों कीनिया में रहते हैं और अवतार सिंह की 25 सितंबर 1976 में कीनिया में ही सड़क हादसे में मौत हो गई थी।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता ने मामले में एसएसपी मोहाली को भी शिकायत दी और उसके बाद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने 20 सितंबर 2023 को ऑर्डर के माध्यम से नोटिस ऑफ मोशन जारी किया था। शिकायतकर्ता के वकील ने दलील रखी कि पुलिस अधिकारियों ने पूर्व डीजीपी के प्रभाव में आकर सबूतों के साथ पकड़े गए आरोपी हरदीप सिंह व उसके साथियों से पैसे लेकर उन्हें छोड़ दिया था, जबकि उन्होंने अदालत में सबूत के तौर पर मौके पर बनाया वीडियो पेश किया। अदालत ने सुनवाई करते हुए विजिलेंस को पुलिस मुलाजिमों के खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।