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जनसमस्याओं को उजागर करना और सुझाव देना विपक्ष की जिम्मेदारी- हुड्डा
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चंडीगढ़। कोरोना की दूसरी लहर से पार पा रहे हरियाणा में अब ब्लैक फंगस से खतरनाक स्थिति पैदा हो रही है। रोजाना नए मरीज मिल रहे हैं। इधर, अम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन की भारी कमी के चलते कई कई दिनों से मेडिकल कॉलेजों में दाखिल मरीजों को इंजेक्शन नहीं लगाया जा रहा है। मरीजों के शरीर में तेजी से फंगस फैल रहा है। मरीजों के तीमारदार और डॉक्टर इंजेक्शन के लिए भागदौड़ कर रहे हैं, लेकिन सब लाचार हैं। क्योंकि सरकार के पास इंजेक्शन की पर्याप्त स्टाक नहीं है।
अग्रोहा में ऑपरेशन बंद, अन्य कॉलेजों में भी परेशानी
हिसार के अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में तो दवा नहीं होने के चलते ऑपरेशन तक बंद तक दिए गए। वहीं, प्रदेश के सबसे बड़े संस्थान पीजीआई में मरीजों को 4 दिन से पर्याप्त इंजेक्शन नहीं मिल रहे हैं। कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल और खानपुर मेडिकल कॉलेज सोनीपत में भी इंजेक्शन कम हैं। मरीजों को जरूरत के अनुसार इंजेक्शन नहीं लगाए जा रहे हैं, बल्कि इंजेक्शन में कटौती की गई है। रोजाना औसतन एक मरीज को 3 से 4 इंजेक्शन की जरूरत है, लेकिन दो से तीन दिन में एक इंजेक्शन मिल पा रहा है।
केस-1
ब्लैक फंगस ने दादा छीना, पिता और दादी को नहीं मिल रहा इंजेक्शन
अग्रोहा अस्पताल में दादा मांगेराम की तीन दिन पहले ब्लैक फंगस से मौत हो गई। अब दादी और मेरे पिता हरपाल सिंह ब्लैक फंगस संक्रमित हैं। वे सीएमसी हिसार में दाखिल हैं। उन्हें तीन दिन से इंजेक्शन नहीं मिल रहा है। फंगस लगातार आंख और दीमाग की तरफ बढ़ रहा है, हम जाएं तो जाएं कहां? कहीं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही, बाहर भी नहीं मिल रहा है इंजेक्शन। - मनीष पूनिया, मतलौडा, हिसार।
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केस-2
चार दिन से मरीज दाखिल, इंजेक्शन एक भी नहीं मिला
चार दिन से उसका रिशतेदार पीजीआई रोहतक में दाखिल है। उसे ब्लैक फंगस की शिकायत है, लेकिन 4 दिन से उसे एक भी इंजेक्शन नहीं लगा है। पीजीआई वाले कहते हैं हमारे पास दवा नहीं है। बाहर इंजेक्शन की कालाबाजारी हो रही है। एक इंजेक्शन की डिमांड 35 हजार रुपए तक की जा रही है। - कर्ण सिंह, निवासी रोहतक।
केस-3
तीन दिन से दाखिल है बेटा, एक इंजेक्शन लगा
बेटा पवन तीन दिन से कल्पना चावला मेडिकल कालेज में दाखिल है। उसे ब्लैक फंगस है। अभी तक उसे केवल एक इंजेक्शन लगा है। डॉक्टर बताते हैं कि इंजेक्शन कम हैं। इधर, बेटे को लगातार फंगस बढ़ रही है। ऐसे कैसे इलाज हो पाएगा। लगातार हमारा डर बढ़ रहा है। मार्केट में भी पता किया, लेकिन इंजेक्शन नहीं मिला। -प्रेम सिंह, राहड़ा, करनाल।
अधिकारी बोले- भेजी है डिमांड
इंजेक्शन की कमी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मेडिकल कॉलेजों के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने डिमांड भेजी है। पीजीआई रोहतक के निदेशक डॉ. रोहताश यादव कहते हैं कि डिमांड भेजी हुई है। उम्मीद है जल्द ही इंजेक्शन मिलेंगे। खानपुर मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. राजीव महेंदरू और कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के निदेशक डा. जेसी दुरेजा के भी शब्द कुछ ऐसे ही हैं। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के डा. प्रवीन कुमार ने माना कि उनके पास दवा का स्टॉक नहीं है। इसलिए ऑपरेशन बंद किए गए हैं। दवा आने के बाद शुरू किए जाएंगे।
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अग्रोहा में ऑपरेशन बंद, अन्य कॉलेजों में भी परेशानी
हिसार के अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में तो दवा नहीं होने के चलते ऑपरेशन तक बंद तक दिए गए। वहीं, प्रदेश के सबसे बड़े संस्थान पीजीआई में मरीजों को 4 दिन से पर्याप्त इंजेक्शन नहीं मिल रहे हैं। कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल और खानपुर मेडिकल कॉलेज सोनीपत में भी इंजेक्शन कम हैं। मरीजों को जरूरत के अनुसार इंजेक्शन नहीं लगाए जा रहे हैं, बल्कि इंजेक्शन में कटौती की गई है। रोजाना औसतन एक मरीज को 3 से 4 इंजेक्शन की जरूरत है, लेकिन दो से तीन दिन में एक इंजेक्शन मिल पा रहा है।
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केस-1
ब्लैक फंगस ने दादा छीना, पिता और दादी को नहीं मिल रहा इंजेक्शन
अग्रोहा अस्पताल में दादा मांगेराम की तीन दिन पहले ब्लैक फंगस से मौत हो गई। अब दादी और मेरे पिता हरपाल सिंह ब्लैक फंगस संक्रमित हैं। वे सीएमसी हिसार में दाखिल हैं। उन्हें तीन दिन से इंजेक्शन नहीं मिल रहा है। फंगस लगातार आंख और दीमाग की तरफ बढ़ रहा है, हम जाएं तो जाएं कहां? कहीं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही, बाहर भी नहीं मिल रहा है इंजेक्शन। - मनीष पूनिया, मतलौडा, हिसार।
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केस-2
चार दिन से मरीज दाखिल, इंजेक्शन एक भी नहीं मिला
चार दिन से उसका रिशतेदार पीजीआई रोहतक में दाखिल है। उसे ब्लैक फंगस की शिकायत है, लेकिन 4 दिन से उसे एक भी इंजेक्शन नहीं लगा है। पीजीआई वाले कहते हैं हमारे पास दवा नहीं है। बाहर इंजेक्शन की कालाबाजारी हो रही है। एक इंजेक्शन की डिमांड 35 हजार रुपए तक की जा रही है। - कर्ण सिंह, निवासी रोहतक।
केस-3
तीन दिन से दाखिल है बेटा, एक इंजेक्शन लगा
बेटा पवन तीन दिन से कल्पना चावला मेडिकल कालेज में दाखिल है। उसे ब्लैक फंगस है। अभी तक उसे केवल एक इंजेक्शन लगा है। डॉक्टर बताते हैं कि इंजेक्शन कम हैं। इधर, बेटे को लगातार फंगस बढ़ रही है। ऐसे कैसे इलाज हो पाएगा। लगातार हमारा डर बढ़ रहा है। मार्केट में भी पता किया, लेकिन इंजेक्शन नहीं मिला। -प्रेम सिंह, राहड़ा, करनाल।
अधिकारी बोले- भेजी है डिमांड
इंजेक्शन की कमी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मेडिकल कॉलेजों के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने डिमांड भेजी है। पीजीआई रोहतक के निदेशक डॉ. रोहताश यादव कहते हैं कि डिमांड भेजी हुई है। उम्मीद है जल्द ही इंजेक्शन मिलेंगे। खानपुर मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. राजीव महेंदरू और कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के निदेशक डा. जेसी दुरेजा के भी शब्द कुछ ऐसे ही हैं। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के डा. प्रवीन कुमार ने माना कि उनके पास दवा का स्टॉक नहीं है। इसलिए ऑपरेशन बंद किए गए हैं। दवा आने के बाद शुरू किए जाएंगे।