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Panchkula News: आठ हजार लोगों की सुरक्षा में तैनात हैं केवल एक पुलिस कर्मचारी
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जीरकपुर। शहर की आबादी जिस रफ्तार से बढ़ रही है, उससे ज्यादा रफ्तार से जुर्म बढ़ रहे हैं। इस समय जीरकपुर की आबादी करीब साढ़े छह लाख तक पहुंच चुकी है। इन लोगों की सुरक्षा के लिए शहर में दो थाने और एक पुलिस चौकी है। अगर तैनात पुलिसकर्मियों की बात करें तो जीरकपुर थाने में मात्र 40 पुलिस ही तैनात हैं। ढकोली थाने में केवल 27 जबकि बलटाना चौकी में मात्र 12 कर्मियो का स्टाफ है। इस प्रकार साढ़े छह लाख की आबादी पर 79 पुलिस कर्मचारी तैनात हैं। शहर के बीच से हाईवे गुजरने की वजह से आए दिन यहां वीआईपी गतिविधियां चलती रहती हैं। चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के वीआईपी यहां से गुजरते रहते हैं। इन लोगों की सुरक्षा में भी आए दिन इन पुलिस कर्मियों को ही लगाया जाता है। दूसरी तरफ जुर्म की बात करें तो वर्ष 2024 में थाना जीरकपुर में कुल 550 मामले दर्ज हुए थे। इसके अलावा वर्ष 2025 में मात्र छह माह में ही यह संख्या 350 पहुंच चुकी है। यह 2024 के मुकाबले कहीं अधिक है।किराएदारों की पुलिस वेरिफिकेशन का काम भी बहुत धीमी गति से चल रहा है। आंकड़ों की बात की जाए तो दिसंबर 2023 में जब जीरकपुर शहर की आबादी करीब छह लाख थी, उस समय तक कुल 6400 किरायेदारों की ही पुलिस वेरिफिकेशन हुई थी। इस समय जीरकपुर में बड़े मुजरिम, गैंगस्टर, नशा तस्कर अपना अड्डा बना चुके हैं। सरहदी शहर होने के कारण यहां पर जुर्म और मुजरिम दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं लेकिन कमी है तो सिर्फ पुलिसकर्मियों की। संवाद
सुरक्षा की नहीं है चिंता
सरकार को लोगों की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है। ऐसे लोग जिन्हें आम लोगों ने चुनकर विधानसभा या लोकसभा में भेजा है उनकी सुरक्षा के लिए दो से लेकर एक हजार तक सुरक्षाकर्मी तैनात किए हैं, जबकि जीरकपुर शहर में मात्र एक पुलिसकर्मी ही 8000 लोगों की सुरक्षा के लिए तैनात किया हुआ है। -यादविंदर शर्मा, पार्षद
किराएदारों का वेरिफिकेशन हो
जीरकपुर में कम संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए हुए हैं। इस कारण शहर में जुर्म दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। शहर में किरायेदारों की पुलिस वेरिफिकेशन सही तरीके से न होने के कारण यह शहर मुजरिमों के लिए छिपने की सबसे सुरक्षित जगह बना हुआ है। यहां पर पुलिस थानों की संख्या बढ़ाई जाए और किरायेदारों की पुलिस वेरिफिकेशन की तरफ ध्यान दिया जाए। -जयपाल सिंह, समाजसेवी, लोहगढ़
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सरकार इस तरफ ध्यान दे
जीरकपुर थाने में पुलिसकर्मियों की संख्या का इतना कम होना चिंता का विषय है। सरकार को नेताओं की सुरक्षा में कटौती करके थानों में कर्मचारियों को तैनात करना चाहिए और मुजरिमों को काबू करने की तरफ ध्यान केंद्रित करना चाहिए। जब मुजरिमों पर काबू पा लिया जाएगा तो नेताओं की सुरक्षा के लिए इतनी ज्यादा पुलिसकर्मियों की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। - जसविंदर सिंह, समाजसेवी।
मेरे पास इस संबंध में ऑफिशल डाटा नहीं है। थानों में तैनात पुलिसकर्मियों के अलावा सीआईए, पीसीआर और अन्य टीमें भी समय-समय पर जीरकपुर में तैनात की जाती हैं। - मनप्रीत सिंह, एसपी रूरल, मोहाली।
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सुरक्षा की नहीं है चिंता
सरकार को लोगों की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है। ऐसे लोग जिन्हें आम लोगों ने चुनकर विधानसभा या लोकसभा में भेजा है उनकी सुरक्षा के लिए दो से लेकर एक हजार तक सुरक्षाकर्मी तैनात किए हैं, जबकि जीरकपुर शहर में मात्र एक पुलिसकर्मी ही 8000 लोगों की सुरक्षा के लिए तैनात किया हुआ है। -यादविंदर शर्मा, पार्षद
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किराएदारों का वेरिफिकेशन हो
जीरकपुर में कम संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए हुए हैं। इस कारण शहर में जुर्म दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। शहर में किरायेदारों की पुलिस वेरिफिकेशन सही तरीके से न होने के कारण यह शहर मुजरिमों के लिए छिपने की सबसे सुरक्षित जगह बना हुआ है। यहां पर पुलिस थानों की संख्या बढ़ाई जाए और किरायेदारों की पुलिस वेरिफिकेशन की तरफ ध्यान दिया जाए। -जयपाल सिंह, समाजसेवी, लोहगढ़
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सरकार इस तरफ ध्यान दे
जीरकपुर थाने में पुलिसकर्मियों की संख्या का इतना कम होना चिंता का विषय है। सरकार को नेताओं की सुरक्षा में कटौती करके थानों में कर्मचारियों को तैनात करना चाहिए और मुजरिमों को काबू करने की तरफ ध्यान केंद्रित करना चाहिए। जब मुजरिमों पर काबू पा लिया जाएगा तो नेताओं की सुरक्षा के लिए इतनी ज्यादा पुलिसकर्मियों की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। - जसविंदर सिंह, समाजसेवी।
मेरे पास इस संबंध में ऑफिशल डाटा नहीं है। थानों में तैनात पुलिसकर्मियों के अलावा सीआईए, पीसीआर और अन्य टीमें भी समय-समय पर जीरकपुर में तैनात की जाती हैं। - मनप्रीत सिंह, एसपी रूरल, मोहाली।