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प्री प्राइमरी के बच्चों को सिर्फ आधा घंटा ही ऑनलाइन शिक्षा
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चंडीगढ़। हरियाणा सरकार स्कूली बच्चों पर ऑनलाइन शिक्षा का मानसिक दबाव कम करने जा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग ने केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के मद्देनजर बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई का नया टाइम फ्रेमवर्क लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्री प्राइमरी के बच्चों को अभिभावकों के साथ रोजाना आधा घंटा ही ऑनलाइन शिक्षा दी जाएगी। पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों की रोजाना 30 से 45 मिनट की दो ही कक्षाएं लगेंगी। नौवीं से बारहवीं के बच्चों की रोजाना 30 से 45 मिनट की चार कक्षाएं लगाई जाएंगी।
स्कूल शिक्षा विभाग की नई व्यवस्था के तहत सभी स्कूलों के मुखिया शिक्षकों को 6 से 8 घंटे तक ऑनलाइन गतिविधियों में व्यस्त नहीं रख सकेंगे। शिक्षक सिर्फ दो से तीन घंटे ही अपने विषयों की ऑनलाइन गतिविधियां कराएंगे। शिक्षक रोजाना बच्चों और उनके अभिभावकों के साथ आइडिया को शेयर कर सकें, अच्छे से पढ़ा सकें, इसलिए यह निर्णय लिया गया है। सरकार ऑनलाइन शिक्षा को इस सत्र में बच्चों के लिए बोझिल नहीं बनाना चाहती। ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने केलिए स्कूल मुखिया शिक्षकों को लैपटॉप, टैब भी मुहैया कराएंगे।
मैसेज ग्रुप से जुड़ेंगे शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक
कक्षा अनुसार मैसेज ग्रुप बनाया जाएगा। जिस पर शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक जुड़ेंगे। छोटी कक्षाओं के बच्चों की ओर से उनके अभिभावक मैसेज ग्रुप में शिक्षकों के साथ संवाद करेंगे। शिक्षकों की ओर से बच्चों और उनके अभिभावकों पर ऑनलाइन शिक्षा केलिए किसी तरह का अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा। शिक्षक, अभिभावकों के साथ बातचीत कर यह प्रयास करेंगे कि बच्चे कम से कम समय मोबाइल पर बिताएं। जिससे कि उनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले विपरीत प्रभावों को रोका जा सके। अभिभावकों व बच्चों को जरूरी सूचना व सुझाव देने के लिए ईमेल और चैट ग्रुप भी इस्तेमाल में ला सकते हैं। स्कूल मुखिया सप्ताह में एक बार शिक्षकों व अभिभावकों के साथ वर्चुअल बैठक जरूर करेंगे। इसके अलावा बच्चों की पढ़ाई का फीडबैक समय-समय पर अभिभावकों को देना होगा।
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गूगल मीट पर कर सकेंगे सवाल-जवाब
इस शैक्षणिक सत्र में बच्चों को गूगल मीट के जरिए पढ़ाई कराने की पूरी तैयारी चल रही है। स्कूल मुखिया अपने-अपने क्षेत्र में शिक्षकों व स्कूल प्रबंधन समितियों के माध्यम से अभिभावकों के मोबाइल में गूगल मीट एप डाउनलोड करा रहे हैं। गूगल मीट से पढ़ाई होने पर बच्चे, शिक्षकों से सवाल-जवाब कर सकेंगे। अभी ऑनलाइन पढ़ाई में छात्रों को सिर्फ पठन-पाठन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है और चैनल पर प्रसारित कार्यक्रम से पढ़ने की सीख दी जा रही है। सभी अभिभावकों के मोबाइल पर गूगल मीट डाउनलोड होते ही नए मोड से पढ़ाई शुरू हो जाएगी।
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स्कूल शिक्षा विभाग की नई व्यवस्था के तहत सभी स्कूलों के मुखिया शिक्षकों को 6 से 8 घंटे तक ऑनलाइन गतिविधियों में व्यस्त नहीं रख सकेंगे। शिक्षक सिर्फ दो से तीन घंटे ही अपने विषयों की ऑनलाइन गतिविधियां कराएंगे। शिक्षक रोजाना बच्चों और उनके अभिभावकों के साथ आइडिया को शेयर कर सकें, अच्छे से पढ़ा सकें, इसलिए यह निर्णय लिया गया है। सरकार ऑनलाइन शिक्षा को इस सत्र में बच्चों के लिए बोझिल नहीं बनाना चाहती। ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने केलिए स्कूल मुखिया शिक्षकों को लैपटॉप, टैब भी मुहैया कराएंगे।
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मैसेज ग्रुप से जुड़ेंगे शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक
कक्षा अनुसार मैसेज ग्रुप बनाया जाएगा। जिस पर शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक जुड़ेंगे। छोटी कक्षाओं के बच्चों की ओर से उनके अभिभावक मैसेज ग्रुप में शिक्षकों के साथ संवाद करेंगे। शिक्षकों की ओर से बच्चों और उनके अभिभावकों पर ऑनलाइन शिक्षा केलिए किसी तरह का अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा। शिक्षक, अभिभावकों के साथ बातचीत कर यह प्रयास करेंगे कि बच्चे कम से कम समय मोबाइल पर बिताएं। जिससे कि उनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले विपरीत प्रभावों को रोका जा सके। अभिभावकों व बच्चों को जरूरी सूचना व सुझाव देने के लिए ईमेल और चैट ग्रुप भी इस्तेमाल में ला सकते हैं। स्कूल मुखिया सप्ताह में एक बार शिक्षकों व अभिभावकों के साथ वर्चुअल बैठक जरूर करेंगे। इसके अलावा बच्चों की पढ़ाई का फीडबैक समय-समय पर अभिभावकों को देना होगा।
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गूगल मीट पर कर सकेंगे सवाल-जवाब
इस शैक्षणिक सत्र में बच्चों को गूगल मीट के जरिए पढ़ाई कराने की पूरी तैयारी चल रही है। स्कूल मुखिया अपने-अपने क्षेत्र में शिक्षकों व स्कूल प्रबंधन समितियों के माध्यम से अभिभावकों के मोबाइल में गूगल मीट एप डाउनलोड करा रहे हैं। गूगल मीट से पढ़ाई होने पर बच्चे, शिक्षकों से सवाल-जवाब कर सकेंगे। अभी ऑनलाइन पढ़ाई में छात्रों को सिर्फ पठन-पाठन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है और चैनल पर प्रसारित कार्यक्रम से पढ़ने की सीख दी जा रही है। सभी अभिभावकों के मोबाइल पर गूगल मीट डाउनलोड होते ही नए मोड से पढ़ाई शुरू हो जाएगी।