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दो माह से आढ़तियों और मजदूरों के बकाया हैं एक हजार करोड़
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चंडीगढ़। धान सीजन को दो माह बीत जाने के बावजूद मंडी आढ़तियों और मजदूरों के 1000 करोड़ रुपये सरकार की तरफ बकाया हैं। इसके लिए आढ़ती एसोसिएशन भी कई बार आला अधिकारियों से मांग कर चुकी है, लेकिन इसका कोई समाधान नहीं किया गया।
इस बार तीन अक्तूबर से धान की खरीद सरकार ने शुरू की थी और 15 नवंबर से धान खरीद बंद कर दी थी। आढ़ती एसोसिएशन हरियाणा के पदाधिकारियों ने बताया कि आढ़तियों के लगभग 500 करोड़ रुपये व मजदूरों की मजदूरी भी 500 करोड़ रुपये हरियाणा सरकार की तरह बकाया हैं। आढ़तियों का कहना है कि अगर सरकार के व्यापारी, उद्योगपति व आम जनता की तरफ बाकी होता है तो सरकार उस रुपये को ब्याज व पेनल्टी सहित वसूल करती है। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल ने मांग की है कि आढ़तियों व मजदूरों की राशि ब्याज सहित जल्दी दी जाए।
कोट
सरकार दावे करती है कि 72 घंटे में पेमेंट कर रही है, लेकिन धान सीजन की एक हजार करोड़ की राशि अभी भी बकाया है। इसे तुरंत प्रभाव से जारी किया जाए। साथ ही अनाज उठान के बाद गेहूं और धान में घटती आती है, उसे ठेकेदार या अधिकारी से वसूला जाए, आढ़तियों से नहीं। - बजरंग गर्ग, अध्यक्ष, हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल।
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इस बार तीन अक्तूबर से धान की खरीद सरकार ने शुरू की थी और 15 नवंबर से धान खरीद बंद कर दी थी। आढ़ती एसोसिएशन हरियाणा के पदाधिकारियों ने बताया कि आढ़तियों के लगभग 500 करोड़ रुपये व मजदूरों की मजदूरी भी 500 करोड़ रुपये हरियाणा सरकार की तरह बकाया हैं। आढ़तियों का कहना है कि अगर सरकार के व्यापारी, उद्योगपति व आम जनता की तरफ बाकी होता है तो सरकार उस रुपये को ब्याज व पेनल्टी सहित वसूल करती है। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल ने मांग की है कि आढ़तियों व मजदूरों की राशि ब्याज सहित जल्दी दी जाए।
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सरकार दावे करती है कि 72 घंटे में पेमेंट कर रही है, लेकिन धान सीजन की एक हजार करोड़ की राशि अभी भी बकाया है। इसे तुरंत प्रभाव से जारी किया जाए। साथ ही अनाज उठान के बाद गेहूं और धान में घटती आती है, उसे ठेकेदार या अधिकारी से वसूला जाए, आढ़तियों से नहीं। - बजरंग गर्ग, अध्यक्ष, हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल।
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