NIRF रैंकिंग: टॉप 100 में पंजाब के दो विश्वविद्यालय, जीएनडीयू 51वें और पीयू 64वें स्थान पर काबिज
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अमृतसर स्थित श्री गुरु नानक देव जी यूनिवर्सिटी (जीएनडीयू) ने पंजाब की अव्वल स्टेट पब्लिक यूनिवर्सिटी और एनआईआरएफ रैंकिंग-2020 में हिस्सा लेने वाली सभी केंद्रीय, सार्वजनिक और निजी विश्वविद्यालयों में 51वां स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही जीएनडीयू को देश की स्टेट फंडिंग वाले विश्वविद्यालयों की सूची में 18वां स्थान प्राप्त हुआ है।
नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ)-2020 की रैंकिंग केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ द्वारा गुरुवार को नई दिल्ली में जारी की गई। पंजाब के उच्च शिक्षा मंत्री तृप्त राजिन्दर सिंह बाजवा ने जीएनडीयू को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों को राज्य की सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में पढ़ने के लिए उत्साहित और प्रेरित करेगी। उच्च शिक्षा सचिव राहुल भंडारी ने बताया कि इस साल पंजाब की दो राज्य सरकारी विश्वविद्यालय एनआईआरएफ-2020 रैंकिंग में पहले 100 में शामिल हुई हैं।
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इस तरह होती है एनआईआरएफ की रैंकिंग
एनआईआरएफ पांच मापदंडों पर विभिन्न संस्थाओं की दर्जाबंदी करता है। इनमें टीचिंग और लर्निंग रिसोर्स, रिसर्च और प्रोफेशनल प्रैक्टिस, ग्रेजुएशन के नतीजे, ओवरऑल इनक्लूसिविटी और परसेप्शन शामिल हैं। इस साल श्री गुरु नानक देव जी यूनिवर्सिटी द्वारा पांच में से तीन मापदंडों (शोध एवं पेशेवर अभ्यास, ग्रेजुएशन नतीजे और धारणा) में सुधार किया गया।
पंजाबी यूनिवर्सिटी 64वें स्थान पर
पटियाला स्थित पंजाबी यूनिवर्सिटी ने नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क में लंबी छलांग मारी है। राष्ट्रीय स्तर के विश्वविद्यालयों की अकादमिक रेटिंग की ताजा सूची में पीयू अब देश में 64वें स्थान पर पहुंच गई है। जबकि पिछले साल इस रैंकिंग में पीयू का नाम 150 से 500 वाली सूची में शामिल था। पीयू की उपलब्धि पर वीसी डॉ. बीएस घुम्मन ने खुशी जताई है।
वीसी ने कहा कि वह इसका सेहरा फैकल्टी, गैर अध्यापन वर्ग, छात्रों, शोधकर्ताओं, अधिकारियों और गर्वनिंग बॉडीज को देते हैं। साथ ही उन्होंने विभिन्न शोध कार्यों के लिए फंड मुहैया कराने वाली भारत सरकार की विभिन्न संस्थानों व पंजाब सरकार का भी धन्यवाद किया। वीसी ने कहा कि इस रैंकिंग की बदौलत अब पंजाबी यूनिवर्सिटी ऐसी अकादमिक फंडिंग के योग्य हो जाएगी जो सर्वोत्तम 100 विश्वविद्यालयों को हासिल होती है।
आगे कहा कि पीयू की स्थापना का मूल उद्देश्य पंजाबी भाषा, साहित्य और सभ्याचार के प्रचार व प्रसार था। इस दिशा में किया गया विश्वविद्यालय का काम विश्व भर में जाना जाता है। राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग में भाषा, साहित्य और सभ्याचार के हवाले से हुए ऐसे कामों ने भी उचित भूमिका निभाई है, जो गौरव वाली बात है।