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सिद्धू के पंजाब मॉडल की एनआरआई विंग ने की वकालत
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चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू के पंजाब मॉडल की एनआरआई विंग ने वकालत की है। विंग की ओर से कहा गया है कि मॉडल में एनआरआई को लेकर विशेष बिंदुओं को शामिल किया गया है। इन पर दूसरे राजनीतिक दलों को भी अमल करना चाहिए। पंजाब के लिए एनआरआई मूल्यवान संपत्ति के जैसे हैं, इसके बाद भी हमेशा ही इनकी अनदेखी की जाती है जिसको लेकर उनमें निराशा है।
एनआरआई विंग के सलाहकार करण रंधावा ने कहा कि अभी तक सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने एनआरआई को अपने निजी और राजनीतिक हितों के लिए धन स्रोत के रूप में इस्तेमाल किया है। आज तक किसी भी पार्टी ने उन्हें पंजाब की सामाजिक और आर्थिक प्रगति के लिए उपयोगी मंच प्रदान नहीं किया है। रंधावा ने कहा कि दुनिया भर के एनआरआई कोऑर्डिनेटर पंजाब सरकार के साथ काम करने के इच्छुक हैं ताकि उनके मुद्दों को हल किया जा सके और राज्य की प्रगति में योगदान दिया जा सके।
पंजाब सरकार के एनआरआई कोऑर्डिनेटरों ने एक रोडमैप तैयार किया है और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से इसे अपने घोषणापत्र का हिस्सा बनाने का आग्रह किया है। सभी एनआरआई कोऑर्डिनेटरों ने नवजोत सिंह सिद्धू का धन्यवाद किया है कि उन्होंने एनआरआई कोऑर्डिनेटरों के रोडमैप को अपने पंजाब मॉडल में स्थान दिया हैं। नवजोत सिंह सिद्धू पहले नेता है जिन्होंने प्रवासियों की समस्याओं को समझ कर उनके लिए पंजाब मॉडल तैयार किया है। सभी दलों को सिद्धू का एनआरआई पंजाब मॉडल अपने चुनावी घोषणा पत्र का हिस्सा बनाना चाहिए। यह मॉडल न केवल प्रवासियों के लंबे समय से लंबित मुद्दे को हल करने में मदद करेगा बल्कि उन्हें पंजाब के विकास में योगदान करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इनमें से सबसे महत्वपूर्ण इन मुद्दों के लिए एक फास्ट ट्रैक जुडीशियल ट्रिब्यूनल स्थापित करना है ताकि उनकी शिकायतों को तेजी से हल किया जा सके और वे बिना किसी झिझक के पंजाब में अधिक निवेश करने की दिशा में आगे बढ़ सकें।
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एनआरआई विंग के सलाहकार करण रंधावा ने कहा कि अभी तक सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने एनआरआई को अपने निजी और राजनीतिक हितों के लिए धन स्रोत के रूप में इस्तेमाल किया है। आज तक किसी भी पार्टी ने उन्हें पंजाब की सामाजिक और आर्थिक प्रगति के लिए उपयोगी मंच प्रदान नहीं किया है। रंधावा ने कहा कि दुनिया भर के एनआरआई कोऑर्डिनेटर पंजाब सरकार के साथ काम करने के इच्छुक हैं ताकि उनके मुद्दों को हल किया जा सके और राज्य की प्रगति में योगदान दिया जा सके।
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पंजाब सरकार के एनआरआई कोऑर्डिनेटरों ने एक रोडमैप तैयार किया है और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से इसे अपने घोषणापत्र का हिस्सा बनाने का आग्रह किया है। सभी एनआरआई कोऑर्डिनेटरों ने नवजोत सिंह सिद्धू का धन्यवाद किया है कि उन्होंने एनआरआई कोऑर्डिनेटरों के रोडमैप को अपने पंजाब मॉडल में स्थान दिया हैं। नवजोत सिंह सिद्धू पहले नेता है जिन्होंने प्रवासियों की समस्याओं को समझ कर उनके लिए पंजाब मॉडल तैयार किया है। सभी दलों को सिद्धू का एनआरआई पंजाब मॉडल अपने चुनावी घोषणा पत्र का हिस्सा बनाना चाहिए। यह मॉडल न केवल प्रवासियों के लंबे समय से लंबित मुद्दे को हल करने में मदद करेगा बल्कि उन्हें पंजाब के विकास में योगदान करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इनमें से सबसे महत्वपूर्ण इन मुद्दों के लिए एक फास्ट ट्रैक जुडीशियल ट्रिब्यूनल स्थापित करना है ताकि उनकी शिकायतों को तेजी से हल किया जा सके और वे बिना किसी झिझक के पंजाब में अधिक निवेश करने की दिशा में आगे बढ़ सकें।
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