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Panchkula News: पंचकूला में 130 प्लॉटों पर करोड़ों की एन्हांसमेंट राशि बकाया
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पंचकूला। शहर में 130 प्लॉटों पर करोड़ों रुपये की एन्हांसमेंट राशि बकाया है। इनमें रिहायशी प्लॉट, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियां, संस्थागत और औद्योगिक प्लॉट शामिल हैं। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) विवादों से समाधान योजना 2026 के तहत इन मामलों के जल्द निपटारे में जुटा है। प्राधिकरण ने कुल 147 प्लॉटों को योजना के दायरे में चिह्नित किया था। इनमें से अब तक केवल पांच अलॉटियों ने योजना का लाभ लेकर बकाया राशि चुकाई है, जबकि 12 प्लॉट तकनीकी और कानूनी कारणों से योजना से बाहर किए जा चुके हैं। ऐसे में 130 प्लॉटों पर एन्हांसमेंट चार्ज के रूप में कई करोड़ रुपये लंबित हैं।
प्राधिकरण ने अलॉटियों को अंतिम अवसर देते हुए योजना की अवधि 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ाई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तय समयसीमा तक योजना का लाभ नहीं लेने वालों से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसमें बकाया एन्हांसमेंट राशि की पूरी वसूली के साथ प्लॉट का अलॉटमेंट रद्द कर बहाली की कार्रवाई भी शामिल है।
छूट के बावजूद राशि ज्यादा होने की शिकायत
रेजिडेंट्स का कहना है कि ब्याज और पेनल्टी में 40 प्रतिशत तक की छूट के बावजूद सरकार की ओर से लगाया गया एन्हांसमेंट चार्ज काफी अधिक है। कई लोगों के लिए एकमुश्त भुगतान करना आसान नहीं है। कुछ इलाकों में आंतरिक सड़कों का निर्माण नहीं होने के कारण भी लोग भुगतान को लेकर असमंजस में हैं। वहीं कुछ अलॉटियों ने निवेश के उद्देश्य से प्लॉट लिए हैं और अभी निर्माण नहीं किया है।
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वन टाइम सेटलमेंट स्कीम
यह वन टाइम सेटलमेंट योजना है। इसके तहत सरकार पुराने विवादों को खत्म करने के लिए अलॉटियों को ब्याज और पेनल्टी में 40 प्रतिशत तक की रियायत दे रही है। पहले निर्धारित समयसीमा समाप्त होने के बाद योजना को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 तक किया गया है। इसका उद्देश्य उन अलॉटियों को भी मौका देना है, जो पहले की सेटलमेंट योजनाओं का लाभ नहीं ले सके। एचएसवीपी को उम्मीद है कि दिसंबर के अंत तक बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा हो जाएगा।
क्या होता है एन्हांसमेंट चार्ज
एन्हांसमेंट चार्ज वह अतिरिक्त राशि है, जो एचएसवीपी अपने अलॉटियों से वसूलता है। यह राशि उन किसानों और मूल भू-मालिकों को दिए जाने वाले बढ़े हुए मुआवजे से जुड़ी होती है, जिनकी जमीन शहर बसाने के लिए अधिग्रहित की गई थी। बाद में अदालतों के आदेश से मुआवजा बढ़ने पर उसका भार संबंधित प्लॉटों के अलॉटियों पर डाला जाता है।
डिजिटल हुई प्रक्रिया
एचएसवीपी ने एन्हांसमेंट से जुड़ी प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए इसे डिजिटल किया है। पात्र अलॉटी आधिकारिक पोर्टल पर प्लॉट आईडी और पासवर्ड से लॉगिन कर छूट और नेट देय राशि देख सकते हैं। वहीं से योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है।
अधिकारी कोट
योजना को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ रही है और धीरे-धीरे आवेदक सामने आ रहे हैं। उम्मीद है कि दिसंबर तक बड़ी संख्या में अलॉटी योजना का लाभ लेकर अपने विवाद समाप्त करेंगे। 31 दिसंबर तक भुगतान नहीं करने पर पूरी राशि वसूलने के साथ अलॉटमेंट रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।-सुरेंद्र लाठर, एचएसवीपी के कार्यकारी अधिकारी
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प्राधिकरण ने अलॉटियों को अंतिम अवसर देते हुए योजना की अवधि 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ाई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तय समयसीमा तक योजना का लाभ नहीं लेने वालों से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसमें बकाया एन्हांसमेंट राशि की पूरी वसूली के साथ प्लॉट का अलॉटमेंट रद्द कर बहाली की कार्रवाई भी शामिल है।
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छूट के बावजूद राशि ज्यादा होने की शिकायत
रेजिडेंट्स का कहना है कि ब्याज और पेनल्टी में 40 प्रतिशत तक की छूट के बावजूद सरकार की ओर से लगाया गया एन्हांसमेंट चार्ज काफी अधिक है। कई लोगों के लिए एकमुश्त भुगतान करना आसान नहीं है। कुछ इलाकों में आंतरिक सड़कों का निर्माण नहीं होने के कारण भी लोग भुगतान को लेकर असमंजस में हैं। वहीं कुछ अलॉटियों ने निवेश के उद्देश्य से प्लॉट लिए हैं और अभी निर्माण नहीं किया है।
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वन टाइम सेटलमेंट स्कीम
यह वन टाइम सेटलमेंट योजना है। इसके तहत सरकार पुराने विवादों को खत्म करने के लिए अलॉटियों को ब्याज और पेनल्टी में 40 प्रतिशत तक की रियायत दे रही है। पहले निर्धारित समयसीमा समाप्त होने के बाद योजना को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 तक किया गया है। इसका उद्देश्य उन अलॉटियों को भी मौका देना है, जो पहले की सेटलमेंट योजनाओं का लाभ नहीं ले सके। एचएसवीपी को उम्मीद है कि दिसंबर के अंत तक बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा हो जाएगा।
क्या होता है एन्हांसमेंट चार्ज
एन्हांसमेंट चार्ज वह अतिरिक्त राशि है, जो एचएसवीपी अपने अलॉटियों से वसूलता है। यह राशि उन किसानों और मूल भू-मालिकों को दिए जाने वाले बढ़े हुए मुआवजे से जुड़ी होती है, जिनकी जमीन शहर बसाने के लिए अधिग्रहित की गई थी। बाद में अदालतों के आदेश से मुआवजा बढ़ने पर उसका भार संबंधित प्लॉटों के अलॉटियों पर डाला जाता है।
डिजिटल हुई प्रक्रिया
एचएसवीपी ने एन्हांसमेंट से जुड़ी प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए इसे डिजिटल किया है। पात्र अलॉटी आधिकारिक पोर्टल पर प्लॉट आईडी और पासवर्ड से लॉगिन कर छूट और नेट देय राशि देख सकते हैं। वहीं से योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है।
अधिकारी कोट
योजना को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ रही है और धीरे-धीरे आवेदक सामने आ रहे हैं। उम्मीद है कि दिसंबर तक बड़ी संख्या में अलॉटी योजना का लाभ लेकर अपने विवाद समाप्त करेंगे। 31 दिसंबर तक भुगतान नहीं करने पर पूरी राशि वसूलने के साथ अलॉटमेंट रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।-सुरेंद्र लाठर, एचएसवीपी के कार्यकारी अधिकारी