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Punjab: अब जमीन के बंटवारे के लिए नहीं काटने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर, सरकार ने लांच की वेबसाइट
Sun, 16 Oct 2022 01:45 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sun, 16 Oct 2022 01:45 AM IST
सार
राजस्व मंत्री ब्रह्म शंकर जिंपा ने बताया कि इसका सबसे बड़ा लाभ संबंधी जमीन मालिक के साथ-साथ हिस्सेदार पारिवारिक सदस्यों के लिए यह रहेगा कि जमीन की सीमा-रेखा करवाना आसार हो जाएगा। इसके बाद संबंधित हिस्सेदार जोकि जमीन के नए मालिक होंगे, अपनी जमीन की खरीद-बिक्री कर सकेंगे।
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प्रॉपर्टी नीलामी
विस्तार
पंजाब सरकार ने जमीन के पारिवारिक विभाजन की प्रक्रिया को आम लोगों के लिए सरल बना दिया है। सरकार ने इस प्रक्रिया के लिए एक वेबसाइट शुरू की है, जिस पर जमीन के मालिक अपने पारिवारिक सदस्यों में अपनी जमीन के विभाजन के बारे में आवेदन दाखिल करेंगे। इस तरह जमीन मालिक को दफ्तरों के चक्कर भी नहीं काटने पड़ेंगे और जमीन बंटवारे की सारी प्रक्रिया ऑनलाइन ही संबंधित अधिकारियों की ओर से सत्यापन के साथ पूरी होगी।
राजस्व मंत्री ब्रह्म शंकर जिंपा ने बताया कि इसका सबसे बड़ा लाभ संबंधी जमीन मालिक के साथ-साथ हिस्सेदार पारिवारिक सदस्यों के लिए यह रहेगा कि जमीन की सीमा-रेखा करवाना आसार हो जाएगा। इसके बाद संबंधित हिस्सेदार जोकि जमीन के नए मालिक होंगे, अपनी जमीन की खरीद-बिक्री कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि इस कदम से जमीन को लेकर परिवारों के बीच आपसी झगड़े और अदालती केसों में कमी होगी।
उन्होंने बताया कि इसके जरिये कोई भी खेवटदार अपनी साझी खेवट के बारे में सभी पक्षों की सहमति से तैयार बंटवारे के दस्तावेजों के साथ अपना आवेदन वेबसाइट पर अपलोड कर सकता है। अलग-अलग हिस्सेदारों के नाम तय हो जाने के बाद, फसलों आदि का मुआवजा हासिल करने में भी जमीन मालिकों को सुविधा होगी। इसके अलावा जमाबंदी की नकल भी वेबसाइट के जरिये ही सस्ती दर पर मिल सकेगी। हिस्सेदारों के नाम दर्ज रहने से ऐसी जमीनों पर अदालती आदेशों से भी निजात मिलेगी, क्योंकि अब तक हिस्सेदारी स्पष्ट न होने की स्थिति में हिस्से के दावेदारों द्वारा बार-बार अदालत का दरवाजा खटखटाया जाता है। इस वेबसाइट पर आवेदन को किस तरह अपलोड किया जाना है, वह सारी प्रक्रिया भी वेबसाइट पर ही उपलब्ध कराई गई है। इस फैसले से प्रदेश के जटिल हो चुके राजस्व रिकॉर्ड को भी सरल किया जा सकेगा।
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इस वेबसाइट पर करें आवेदन
राजस्व मंत्री ब्रह्म शंकर जिंपा ने बताया कि जमीन का मालिक अपनी जमीन के पारिवारिक विभाजन संबंधी आवेदन वेबसाइट https://eservices.punjab.gov.in पर दर्ज कर सकता है और उसके बाद अपने आवेदन की स्थिति भी जान सकता है। आवेदनकर्ता को इस वेबसाइट पर अपना नाम, पिता/पति का नाम, गांव का नाम, सब-तहसील/ तहसील, जिला, खाता और खेवट नंबर के विवरण समेत आवेदन दाखिल करना होगा। आवेदनकर्ता को जमीन के सभी हिस्सेदारों द्वारा हस्ताक्षर किया प्रस्तावित विभाजन का एक ज्ञापन और जमीन के विभाजन को दिखाता फील्ड मैप भी दाखिल करना होगा।
वेबसाइट पर अपलोड ये आवेदन सर्कल राजस्व अधिकारी द्वारा कार्रवाई करने के बाद कानूनगो इंचार्ज और फिर संबंधित पटवारी को भेजे जाएंगे। राजस्व रिकॉर्ड के साथ ज्ञापन के सभी तथ्यों को सत्यापित करने के बाद पटवारी संबंधित पक्ष को कार्रवाई के लिए निजी तौर पर उपस्थित होने और इंतकाल दर्ज करने के लिए बुलाएंगे। इंतकाल दर्ज करने के बाद संबंधित पटवारी इसे सत्यापित करने के लिए कानूनगो के समक्ष पेश करेंगे और फिर अंतिम आदेश के लिए संबंधित सीआरओ (सहायक क्लेक्टर ग्रेड-2) के समक्ष पेश करेंगे। इंतकाल को सत्यापित करने के बाद प्रत्येक आवेदन के लिए वेबसाइट पर संक्षिप्त ऑर्डर दर्ज कर दिया जाएगा।
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राजस्व मंत्री ब्रह्म शंकर जिंपा ने बताया कि इसका सबसे बड़ा लाभ संबंधी जमीन मालिक के साथ-साथ हिस्सेदार पारिवारिक सदस्यों के लिए यह रहेगा कि जमीन की सीमा-रेखा करवाना आसार हो जाएगा। इसके बाद संबंधित हिस्सेदार जोकि जमीन के नए मालिक होंगे, अपनी जमीन की खरीद-बिक्री कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि इस कदम से जमीन को लेकर परिवारों के बीच आपसी झगड़े और अदालती केसों में कमी होगी।
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उन्होंने बताया कि इसके जरिये कोई भी खेवटदार अपनी साझी खेवट के बारे में सभी पक्षों की सहमति से तैयार बंटवारे के दस्तावेजों के साथ अपना आवेदन वेबसाइट पर अपलोड कर सकता है। अलग-अलग हिस्सेदारों के नाम तय हो जाने के बाद, फसलों आदि का मुआवजा हासिल करने में भी जमीन मालिकों को सुविधा होगी। इसके अलावा जमाबंदी की नकल भी वेबसाइट के जरिये ही सस्ती दर पर मिल सकेगी। हिस्सेदारों के नाम दर्ज रहने से ऐसी जमीनों पर अदालती आदेशों से भी निजात मिलेगी, क्योंकि अब तक हिस्सेदारी स्पष्ट न होने की स्थिति में हिस्से के दावेदारों द्वारा बार-बार अदालत का दरवाजा खटखटाया जाता है। इस वेबसाइट पर आवेदन को किस तरह अपलोड किया जाना है, वह सारी प्रक्रिया भी वेबसाइट पर ही उपलब्ध कराई गई है। इस फैसले से प्रदेश के जटिल हो चुके राजस्व रिकॉर्ड को भी सरल किया जा सकेगा।
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इस वेबसाइट पर करें आवेदन
राजस्व मंत्री ब्रह्म शंकर जिंपा ने बताया कि जमीन का मालिक अपनी जमीन के पारिवारिक विभाजन संबंधी आवेदन वेबसाइट https://eservices.punjab.gov.in पर दर्ज कर सकता है और उसके बाद अपने आवेदन की स्थिति भी जान सकता है। आवेदनकर्ता को इस वेबसाइट पर अपना नाम, पिता/पति का नाम, गांव का नाम, सब-तहसील/ तहसील, जिला, खाता और खेवट नंबर के विवरण समेत आवेदन दाखिल करना होगा। आवेदनकर्ता को जमीन के सभी हिस्सेदारों द्वारा हस्ताक्षर किया प्रस्तावित विभाजन का एक ज्ञापन और जमीन के विभाजन को दिखाता फील्ड मैप भी दाखिल करना होगा।
वेबसाइट पर अपलोड ये आवेदन सर्कल राजस्व अधिकारी द्वारा कार्रवाई करने के बाद कानूनगो इंचार्ज और फिर संबंधित पटवारी को भेजे जाएंगे। राजस्व रिकॉर्ड के साथ ज्ञापन के सभी तथ्यों को सत्यापित करने के बाद पटवारी संबंधित पक्ष को कार्रवाई के लिए निजी तौर पर उपस्थित होने और इंतकाल दर्ज करने के लिए बुलाएंगे। इंतकाल दर्ज करने के बाद संबंधित पटवारी इसे सत्यापित करने के लिए कानूनगो के समक्ष पेश करेंगे और फिर अंतिम आदेश के लिए संबंधित सीआरओ (सहायक क्लेक्टर ग्रेड-2) के समक्ष पेश करेंगे। इंतकाल को सत्यापित करने के बाद प्रत्येक आवेदन के लिए वेबसाइट पर संक्षिप्त ऑर्डर दर्ज कर दिया जाएगा।