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Panchkula News: अब हर माह आएगा बिजली बिल, चार माह की जमा सुरक्षा शुल्क पर नाराजगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। बिजली निगम की तरफ से बिल भेजने के नियम में किए बदलाव के बाद लोगों में सिक्योरिटी राशि को लेकर नाराजगी है। लोगों का कहना है कि निगम के पास जमा अतिरिक्त राशि बिल में समायोजित की जानी चाहिए। वर्ष 2004 से उनको सिक्योरिटी राशि का ब्याज भी अभी तक नहीं मिला है, जो हर साल मिलना चाहिए था। अब से पहले बिजली निगम की तरफ से हर दो माह बाद बिल भेजा जाता था। मगर अब बिजली का बिल हर महीने आएगा। निगम की पॉलिसी में यह शामिल है कि वे उपभोक्ताओं से दो बिलिंग सर्कल की औसत राशि को सिक्योरिटी के तौर पर जमा करता है, ताकि अगर कोई उपभोक्ता अपना बिल जमा न कराए तो उसमें से राशि काट लिया जाए। अब बिल भेजने की प्रक्रिया बदलने पर निगम के पास चार महीने की औसत बिल की राशि सिक्योरिटी के तौर पर जमा हो गई है।
हर महीने बिल भेजने से लोगों के चार महीनों की राशि बिजली निगम के पास सिक्योरिटी के तौर पर जमा हो गई है। इसको तुरंत उपभोक्ताओं के बिल में एडजस्ट किया जाना चाहिए। -एसके नैय्यर, सेक्टर-16
बिजली निगम की तरफ से सिक्योरिटी पर ब्याज हर साल दिया जाना चाहिए। यह 2004 से नहीं दिया गया है। अतिरिक्त राशि उपभोक्ताओं को लौटानी चाहिए। - सुभाष पपनेजा, सेक्टर-15
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अब बिजली निगम के पास चार महीने की औसत बिलिंग राशि सिक्योरिटी के तौर पर जमा है। यह उपभोक्ताओं के बिल में समायोजित कर दी जानी चाहिए।- संजीव गोयल, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, सेक्टर-25
अब उपभोक्ताओं को बिल भरने के लिए हर महीने लाइन में लगना पड़ेगा। जो ऑनलाइन जमा कराते हैं, उनको भी अब हर महीने यह कवायद करनी पड़ेगी। इससे लोगों की परेशानी बढ़ी है। - धर्म सिंह हीरा, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, सेक्टर-26
हम वित्तीय वर्ष के अनुसार बिल की सिक्योरिटी राशि के ब्याज की पेमेंट करवाते हैं। अगर फिर भी किसी का रह जाता है तो वह निगम के कार्यालय में जाकर सूचना दे सकता है। अतिरिक्त राशि को बिलों में एडजस्ट किया जाएगा। - भूपेंद्र सिंह वाधवान, एक्सईएन पंचकूला, उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम
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पंचकूला। बिजली निगम की तरफ से बिल भेजने के नियम में किए बदलाव के बाद लोगों में सिक्योरिटी राशि को लेकर नाराजगी है। लोगों का कहना है कि निगम के पास जमा अतिरिक्त राशि बिल में समायोजित की जानी चाहिए। वर्ष 2004 से उनको सिक्योरिटी राशि का ब्याज भी अभी तक नहीं मिला है, जो हर साल मिलना चाहिए था। अब से पहले बिजली निगम की तरफ से हर दो माह बाद बिल भेजा जाता था। मगर अब बिजली का बिल हर महीने आएगा। निगम की पॉलिसी में यह शामिल है कि वे उपभोक्ताओं से दो बिलिंग सर्कल की औसत राशि को सिक्योरिटी के तौर पर जमा करता है, ताकि अगर कोई उपभोक्ता अपना बिल जमा न कराए तो उसमें से राशि काट लिया जाए। अब बिल भेजने की प्रक्रिया बदलने पर निगम के पास चार महीने की औसत बिल की राशि सिक्योरिटी के तौर पर जमा हो गई है।
हर महीने बिल भेजने से लोगों के चार महीनों की राशि बिजली निगम के पास सिक्योरिटी के तौर पर जमा हो गई है। इसको तुरंत उपभोक्ताओं के बिल में एडजस्ट किया जाना चाहिए। -एसके नैय्यर, सेक्टर-16
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बिजली निगम की तरफ से सिक्योरिटी पर ब्याज हर साल दिया जाना चाहिए। यह 2004 से नहीं दिया गया है। अतिरिक्त राशि उपभोक्ताओं को लौटानी चाहिए। - सुभाष पपनेजा, सेक्टर-15
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अब बिजली निगम के पास चार महीने की औसत बिलिंग राशि सिक्योरिटी के तौर पर जमा है। यह उपभोक्ताओं के बिल में समायोजित कर दी जानी चाहिए।- संजीव गोयल, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, सेक्टर-25
अब उपभोक्ताओं को बिल भरने के लिए हर महीने लाइन में लगना पड़ेगा। जो ऑनलाइन जमा कराते हैं, उनको भी अब हर महीने यह कवायद करनी पड़ेगी। इससे लोगों की परेशानी बढ़ी है। - धर्म सिंह हीरा, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, सेक्टर-26
हम वित्तीय वर्ष के अनुसार बिल की सिक्योरिटी राशि के ब्याज की पेमेंट करवाते हैं। अगर फिर भी किसी का रह जाता है तो वह निगम के कार्यालय में जाकर सूचना दे सकता है। अतिरिक्त राशि को बिलों में एडजस्ट किया जाएगा। - भूपेंद्र सिंह वाधवान, एक्सईएन पंचकूला, उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम