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एटएसवीपी में विभिन्न मंजिलों के लिए नए दिशा निर्देश जारी
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चंडीगढ़। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) द्वारा विकसित आवासीय भूखंडों के मामले में अलग-अलग आवासीय इकाई के रूप में विभिन्न मंजिलों के पंजीकरण के लिए अतिरिक्त दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत, अब एक तल को दो भागों में बांटकर दो लोगों के नाम रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी, बल्कि पूरा तल एक ही व्यक्ति के नाम हो सकेगा। इसको लेकर हरियाणा के वित्त आयुक्त और एसीएस संजीव कौशल ने सभी उपायुक्तों, तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों को पत्र जारी किया है।
ऐेेसीएस ने बताया कि एचएसवीपी द्वारा विकसित आवासीय भूखंडों के मामले में विभिन्न मंजिलों (चाहे 2/3/4) को अलग आवासीय इकाई के रूप में अनुमति दी गई है, परंतु यह देखा गया है कि इस मामले में जारी निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। नए निर्देर्शों के अनुसार, अब किसी भी मंजिल का कोई लंबवत (वर्टिकल) स्थानांतरण नहीं होगा, अर्थात, एक ही मंजिल को दो या दो से अधिक अलग-अलग व्यक्तियों के नाम पर पंजीकरण नहीं किया जा सकता है। भूखंड का लंबवत रूप से खंडन नहीं किया जाएगा। स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क के प्रयोजन के लिए भूमि लागत का विभाजन सभी स्वतंत्र तलों के बीच समान अनुपात में होगा। यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित कलेक्टर दरों के अनुसार दो मंजिलों के लिए 50 प्रतिशत प्रत्येक मंजिल, 3 मंजिलों के लिए प्रत्येक मंजिल 33.1/3 प्रतिशत और 4 मंजिलों के लिए प्रत्येक मंजिल 25 प्रतिशत होगा।
पंजीकरण से पहले एचएसवीपी की पूर्व अनुमति अनिवार्य
खाली या निर्मित प्लॉट के विशिष्ट मंजिल के पंजीकरण से पहले एचएसवीपी की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। यदि एक निर्मित मंजिल को स्थानांतरित किया जाता है, प्लॉट की विभाजित लागत के साथ-साथ कलेक्टर दर के अनुसार उस मंजिल के निर्माण की लागत को स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क लगाने के उद्देश्य से जोड़ा जाएगा। इसी प्रकार, ऐसे स्वतंत्र तलों के पंजीकरण के लिए, सामान्य स्टांप शुल्क के अलावा, एक प्रतिशत अतिरिक्त स्टांप शुल्क का भुगतान फर्श वार आवासीय इकाइयों के पंजीकरण के इच्छुक आवेदक द्वारा किया जाएगा।
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ऐेेसीएस ने बताया कि एचएसवीपी द्वारा विकसित आवासीय भूखंडों के मामले में विभिन्न मंजिलों (चाहे 2/3/4) को अलग आवासीय इकाई के रूप में अनुमति दी गई है, परंतु यह देखा गया है कि इस मामले में जारी निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। नए निर्देर्शों के अनुसार, अब किसी भी मंजिल का कोई लंबवत (वर्टिकल) स्थानांतरण नहीं होगा, अर्थात, एक ही मंजिल को दो या दो से अधिक अलग-अलग व्यक्तियों के नाम पर पंजीकरण नहीं किया जा सकता है। भूखंड का लंबवत रूप से खंडन नहीं किया जाएगा। स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क के प्रयोजन के लिए भूमि लागत का विभाजन सभी स्वतंत्र तलों के बीच समान अनुपात में होगा। यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित कलेक्टर दरों के अनुसार दो मंजिलों के लिए 50 प्रतिशत प्रत्येक मंजिल, 3 मंजिलों के लिए प्रत्येक मंजिल 33.1/3 प्रतिशत और 4 मंजिलों के लिए प्रत्येक मंजिल 25 प्रतिशत होगा।
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पंजीकरण से पहले एचएसवीपी की पूर्व अनुमति अनिवार्य
खाली या निर्मित प्लॉट के विशिष्ट मंजिल के पंजीकरण से पहले एचएसवीपी की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। यदि एक निर्मित मंजिल को स्थानांतरित किया जाता है, प्लॉट की विभाजित लागत के साथ-साथ कलेक्टर दर के अनुसार उस मंजिल के निर्माण की लागत को स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क लगाने के उद्देश्य से जोड़ा जाएगा। इसी प्रकार, ऐसे स्वतंत्र तलों के पंजीकरण के लिए, सामान्य स्टांप शुल्क के अलावा, एक प्रतिशत अतिरिक्त स्टांप शुल्क का भुगतान फर्श वार आवासीय इकाइयों के पंजीकरण के इच्छुक आवेदक द्वारा किया जाएगा।
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