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चंडीगढ़ : राजनीति... भाजपा में मिला अपमान, अब पूर्व मंत्री अनिल जोशी को शिअद देगा सम्मान
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चंडीगढ़। पंजाब के 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक दल नाराज चल रहे नेताओं पर नजर बनाए हुए हैं। भाजपा से हुए निष्कासन से नाराज चल रहे पूर्व मंत्री अनिल जोशी पर शिअद दांव खेलने जा रही है। शिरोमणि अकाली दल प्रधान पंजाब में हिंदू चेहरे के रूप में पहचान रखने वाले पूर्व मंत्री जोशी को टिकट के साथ ही संगठन में भी बड़ी जिम्मेदारी देने की रूपरेखा बना रहे हैं।
किसान आंदोलन को लेकर पार्टी लाइन से अलग चलने व मीडिया में बार-बार बयान देने को अनुशासनहीनता मानते हुए पंजाब भाजपा ने पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री अनिल जोशी को 10 जुलाई को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। इसके बाद से अनिल जोशी की शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे थे। हालांकि अब शिअद में जाने की उनकी स्थिति पूरी तरह से साफ हो गई है। अनिल जोशी को अकाली दल पंजाब के विधानसभा चुनाव में हिंदू चेहरे के रूप में प्रयोग करेगा। सिख के बाद पंजाब में 38 प्रतिशत तक हिंदू वोट है। इस कारण से शिअद प्रधान सुखबीर बादल जोशी को टिकट के साथ ही संगठन में भी बड़ी तैयारी देने की रूपरेखा बना चुके हैं। अकाली दल के सूत्रों के अनुसार आगामी 20 अगस्त को वह चंडीगढ़ शिअद मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता लेंगे। उनके साथ भाजपा के कुछ और भी बड़े चेहरे शामिल होंगे।
अपनों से ली राय
सियासी जमीन तलाश रहे पूर्व मंत्री अनिल जोशी शिअद में जाने से पहले अपनों की राय लेने में जुट गए हैं। राय शुमारी को लेकर जोशी तरनतारन में अपने पारिवारिक सदस्यों और करीबियों से मुलाकात कर भविष्य की राजनीति पर चर्चा कर रहे हैं। अनिल जोशी ने शिअद में शामिल होने को लेकर कहा है कि पंजाब की राजनीति में रहने के लिए शिअद से अच्छा कोई और दल नहीं है।
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असंतुष्टों पर शिअद की नजर
टिकट या अन्य किसी कारण से नाराज चल रहे नेताओं पर अकाली दल नजर रखे हुए है। अनिल जोशी के बाद अब अकाली दल कांग्रेस के भी कुछ असंतुष्ट नेताओं के संपर्क में है। शिअद कार्यालय के अनुसार अगस्त के अंत तक पंजाब के कई बड़े चेहरे शिअद में दिखाई देंगे।
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किसान आंदोलन को लेकर पार्टी लाइन से अलग चलने व मीडिया में बार-बार बयान देने को अनुशासनहीनता मानते हुए पंजाब भाजपा ने पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री अनिल जोशी को 10 जुलाई को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। इसके बाद से अनिल जोशी की शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे थे। हालांकि अब शिअद में जाने की उनकी स्थिति पूरी तरह से साफ हो गई है। अनिल जोशी को अकाली दल पंजाब के विधानसभा चुनाव में हिंदू चेहरे के रूप में प्रयोग करेगा। सिख के बाद पंजाब में 38 प्रतिशत तक हिंदू वोट है। इस कारण से शिअद प्रधान सुखबीर बादल जोशी को टिकट के साथ ही संगठन में भी बड़ी तैयारी देने की रूपरेखा बना चुके हैं। अकाली दल के सूत्रों के अनुसार आगामी 20 अगस्त को वह चंडीगढ़ शिअद मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता लेंगे। उनके साथ भाजपा के कुछ और भी बड़े चेहरे शामिल होंगे।
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अपनों से ली राय
सियासी जमीन तलाश रहे पूर्व मंत्री अनिल जोशी शिअद में जाने से पहले अपनों की राय लेने में जुट गए हैं। राय शुमारी को लेकर जोशी तरनतारन में अपने पारिवारिक सदस्यों और करीबियों से मुलाकात कर भविष्य की राजनीति पर चर्चा कर रहे हैं। अनिल जोशी ने शिअद में शामिल होने को लेकर कहा है कि पंजाब की राजनीति में रहने के लिए शिअद से अच्छा कोई और दल नहीं है।
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असंतुष्टों पर शिअद की नजर
टिकट या अन्य किसी कारण से नाराज चल रहे नेताओं पर अकाली दल नजर रखे हुए है। अनिल जोशी के बाद अब अकाली दल कांग्रेस के भी कुछ असंतुष्ट नेताओं के संपर्क में है। शिअद कार्यालय के अनुसार अगस्त के अंत तक पंजाब के कई बड़े चेहरे शिअद में दिखाई देंगे।