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चंडीगढ़ः रक्षा मंत्रालय की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री का नाम बदला, हटा दिया गया केबल शब्द, जानिए क्यों

Sat, 29 Feb 2020 11:54 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sat, 29 Feb 2020 11:54 AM IST
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defence ministery ordnance cable factory name changed
मीटिंग में हिस्सा लेते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित रक्षा मंत्रालय के ऑर्डिनेंस केबल फैक्ट्री का नाम बदल दिया गया है। 1963 में स्थापित इस फैक्ट्री के नाम से केबल शब्द को हटाया गया है। अब इसे ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के नाम से जाना जाएगा। इस बदलाव की वजह के बारे में ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के जनरल मैनेजर बीपी मिश्रा ने कहा कि अब इस फैक्ट्री में सिर्फ केबल नहीं बल्कि टेक्निकल और रिसर्च क्षेत्र पर भी फोकस रहने वाला है। जनरल मैनेजर बीपी मिश्रा ने बताया कि ऑर्डिनेंस फैक्ट्री ने पिछले साल 110 करोड़ रुपये के उत्पादों का उत्पादन किया है।
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इस बार इससे ज्यादा उत्पादन होने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी बताया कि सेना को स्पेशल केबल की जरूरत होती है, इन जरूरतों को पूरा करने के लिए ही ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की स्थापना की गई थी। देश भर में कुल 41 आर्डिनेंस फैक्ट्री है। इनमें करीब एक लाख लोग काम करते हैं। ये सभी साल भर में करीब 15 हजार करोड़ रुपये के उत्पादों का उत्पादन करते हैं। भविष्य में अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी की जरूरत होगी, इसी को देखते हुए काफी सुधार किए जा रहे हैं।
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ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के निजीकरण की बात मात्र अफवाह : बीपी मिश्रा
जनरल मैनेजर बीपी मिश्रा ने बताया कि कुछ महीने पहले ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के निजीकरण होने की बातें कही जा रही थीं जो मात्र अफवाह हैं। ऑर्डिनेंस फैक्ट्री अपने कर्मचारियों को समय-समय पर ट्रेनिंग देकर अपग्रेड करता रहता है। इसके अलावा फैक्ट्री के अंदर कई तरह से कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
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टैंकों में होता है आर्डिनेंस फैक्ट्री के केबल का इस्तेमाल
टैंकों की विभिन्न प्रकार के डिवाइस का निर्माण आर्डिनेंस फैक्ट्री (ओएफ) में होता है। ओएफ चंडीगढ़ में टी-72, टी-90, बीएमपी-2, आर्म्ड एंबुलेंस, ब्रिजलेन टैंक आदि के केबल का काम होता है। इस फैक्टरी में तैयार जैलीफील्ड केबल की आपूर्ति अर्द्धसैनिक बलों और भारतीय थल सेना को की जा रही है। सभी केबल में 99.99 प्रतिशत शुद्ध कॉपर और प्योर इंसुलेटिंग मैटीरियल का प्रयोग किया जा रहा है।


सेना को सप्लाई की जाती हैं हाईटेक केबल
1963 में चंडीगढ़ में आर्डिनेंस फैक्ट्री का निर्माण जापानी कंपनी मेसर्स सुमितोमो इलेक्ट्रिक इंक के सहयोग हुआ था। इसकी स्थापना सशस्त्र बलों की संचार संबंधी जरूरतें पूरी करने के लिए की गई थी। इसके बाद ओएफ में कैरियर क्वाड केबल, ट्वेंटी कंडक्टर केबल, एंटी पर्सोनल मान केबल का निर्माण शुरू हुआ। ये सभी केबल भारतीय सेना को सप्लाई की जाती हैं। 1985 में वायु सेना के लिए एयर फील्ड लाइटिंग केबल भी यहां बननी शुरू हुई। इसके अलावा डीआरडीओ, टीबीआरएल, सीएफईईएस और एसएएसई को रेडियो फ्रीक्वेंसी कोएक्सिएल केबल की आपूर्ति की जाती है।
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