{"_id":"68acb73332858392f1025a3d","slug":"now-nehas-600-gm-weight-outweighed-her-50-medals-panchkula-news-c-16-1-pkl1072-800192-2025-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: अब नेहा के 50 पदकों पर भारी पड़ा 600 ग्राम भार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: अब नेहा के 50 पदकों पर भारी पड़ा 600 ग्राम भार
विज्ञापन
नई दिल्ली/चरखी दादरी। ओलंपयिन विनेश फोगाट के बाद हरियाणा की एक और बेटी के सपने तराजु की सुईयों ने तोड़ दिए। पिछले साल ओलंपिक में विनेश 100 ग्राम वजन अधिक होने के कारण इतिहास नहीं रच पाई। अब नेहा सांगवान का 600 ग्राम अधिक भार उनकी उम्मीदों व करियर पर भारी पड़ गया। इस महज 600 ग्राम भार ने अब तक 50 से ज्यादा पदक जीत चुकीं चरखी दादरी की नेहा के लिए सीनियर विश्व चैंपियनशिप के दरवाजे बंद कर दिए। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने उन पर दो साल का निलंबन भी लगा दिया है। यह वही नेहा है जिन्होंने दो माह पहले मंगोलिया में हुई विश्व सीनियर रैंकिंग कुश्ती स्पर्धा में स्वर्ण व जून में यासर दागू में शीर्ष स्थान हासिल किया। पिछले महीने बुडापेस्ट में भी रैंकिंग सीरीज प्रतियोगिता में रजत पदक जीता।
18 से 24 अगस्त तक बुल्गारिया के समोकोव में आयोजित अंडर-20 विश्व चैंपियनशिप में नेहा को 59 किलो भारवर्ग में हिस्सा लेना था लेकिन निर्धारित सीमा से लगभग 600 ग्राम ज्यादा वजन होने के कारण आयोजकों ने उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया। इस उल्लंघन के कारण भारत इस भार वर्ग में प्रतिनिधित्व नहीं कर पाया। इस चैंपियनशिप में भारत की महिला टीम ने सात पदक जीते और जापान के बाद उपविजेता रही। भारतीय कुश्ती महासंघ के एक अधिकारी ने बताया कि नेहा, निस्संदेह, पदक की प्रबल दावेदार थीं और स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय टीम को चैंपियनशिप जीतने में मदद कर सकती थीं। भारत को 140 अंक मिले। वहीं, जापान 165 अंकों के साथ पहले स्थान पर रहा। उन्होंने बताया कि लगातार वजन प्रबंधन संबंधी समस्याओं के कारण नेहा को दो साल के लिए निलंबित किया गया है। इस कठोर सजा पर डब्ल्यूएफआई ने कहा कि हम इसे खुशी के लिए नहीं कर रहे हैं। वह निश्चित रूप से एक अच्छी पहलवान हैं लेकिन अगर आप प्रतिस्पर्धा में भाग नहीं ले पाते तो इतनी मेहनत का क्या मतलब है।
-- -- --
अगली विश्व चैंपियनशिप के लिए नेहा की जगह सारिका को जगह दी
नेहा क्रोएशिया के जाग्रेब में 13-21 सितंबर तक होने वाली सीनियर विश्व चैंपियनशिप भी नहीं खेल पाएंगी। डब्ल्यूएफआई ने नेहा की जगह सारिका मलिक को शामिल किया। वे 59 किलो भारवर्ग में विश्व चैंपियनशिप के ट्रायल्स में दूसरे स्थान पर रहीं थीं।
विज्ञापन
-- -- -- -
यह स्वीकार्य नहीं, हमारी भी जवाबदेही बनती है: कुश्ती संघ
भारतीय कुश्ती महासंघ ने बताया कि यह स्वीकार्य नहीं है। वजन प्रबंधन का एक पहलवान को खास ध्यान रखना होता है। हम बुल्गारिया में उस भार वर्ग में पदक जीतने से चूक गए थे। हमारी जवाबदेही भी है क्योंकि सरकार टूर्नामेंट का खर्च वहन करती है और एक पहलवान पर लगभग 2-3 लाख रुपये खर्च होते हैं। अगर आप वजन प्रबंधन ठीक नहीं कर सकते तो हम अगले सर्वश्रेष्ठ पहलवान को मौका देंगे। नेहा एक अच्छी पहलवान के रूप में उभर रही हैं और जूनियर से सीनियर में उनका बदलाव भी काफी उत्साहजनक रहा है।
पहलवानों को तराजू पर सही वजन बनाए रखने के लिए करना पड़ रहा संघर्ष
रैंकिंग सीरीज की प्रतियोगिताओं में संयुक्त विश्व कुश्ती (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) नियमों के अनुसार सभी पहलवानों को दो किलोग्राम तक का वजन उठाने की अनुमति होती है। ऐसे में उन्हें इन प्रतियोगिताओं में कोई परेशानी नहीं हुई लेकिन उन्हें वजन प्रबंधन में लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। 2024 में स्पेन में अंडर-20 विश्व चैंपियनशिप के दौरान भी नेहा को तराजू पर सही वजन बनाए रखने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। भारतीय कुश्ती महासंघ के अधिकारी के अनुसार इस स्तर पर एक पहलवान जानता है कि उससे क्या करने की उम्मीद की जाती है इसलिए वजन प्रबंधन एक पहलवान की जिम्मेदारी है। अगर आप ऐसा नहीं कर सकते तो आप खेल नहीं सकते।
विज्ञापन
18 से 24 अगस्त तक बुल्गारिया के समोकोव में आयोजित अंडर-20 विश्व चैंपियनशिप में नेहा को 59 किलो भारवर्ग में हिस्सा लेना था लेकिन निर्धारित सीमा से लगभग 600 ग्राम ज्यादा वजन होने के कारण आयोजकों ने उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया। इस उल्लंघन के कारण भारत इस भार वर्ग में प्रतिनिधित्व नहीं कर पाया। इस चैंपियनशिप में भारत की महिला टीम ने सात पदक जीते और जापान के बाद उपविजेता रही। भारतीय कुश्ती महासंघ के एक अधिकारी ने बताया कि नेहा, निस्संदेह, पदक की प्रबल दावेदार थीं और स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय टीम को चैंपियनशिप जीतने में मदद कर सकती थीं। भारत को 140 अंक मिले। वहीं, जापान 165 अंकों के साथ पहले स्थान पर रहा। उन्होंने बताया कि लगातार वजन प्रबंधन संबंधी समस्याओं के कारण नेहा को दो साल के लिए निलंबित किया गया है। इस कठोर सजा पर डब्ल्यूएफआई ने कहा कि हम इसे खुशी के लिए नहीं कर रहे हैं। वह निश्चित रूप से एक अच्छी पहलवान हैं लेकिन अगर आप प्रतिस्पर्धा में भाग नहीं ले पाते तो इतनी मेहनत का क्या मतलब है।
विज्ञापन
अगली विश्व चैंपियनशिप के लिए नेहा की जगह सारिका को जगह दी
नेहा क्रोएशिया के जाग्रेब में 13-21 सितंबर तक होने वाली सीनियर विश्व चैंपियनशिप भी नहीं खेल पाएंगी। डब्ल्यूएफआई ने नेहा की जगह सारिका मलिक को शामिल किया। वे 59 किलो भारवर्ग में विश्व चैंपियनशिप के ट्रायल्स में दूसरे स्थान पर रहीं थीं।
विज्ञापन
यह स्वीकार्य नहीं, हमारी भी जवाबदेही बनती है: कुश्ती संघ
भारतीय कुश्ती महासंघ ने बताया कि यह स्वीकार्य नहीं है। वजन प्रबंधन का एक पहलवान को खास ध्यान रखना होता है। हम बुल्गारिया में उस भार वर्ग में पदक जीतने से चूक गए थे। हमारी जवाबदेही भी है क्योंकि सरकार टूर्नामेंट का खर्च वहन करती है और एक पहलवान पर लगभग 2-3 लाख रुपये खर्च होते हैं। अगर आप वजन प्रबंधन ठीक नहीं कर सकते तो हम अगले सर्वश्रेष्ठ पहलवान को मौका देंगे। नेहा एक अच्छी पहलवान के रूप में उभर रही हैं और जूनियर से सीनियर में उनका बदलाव भी काफी उत्साहजनक रहा है।
पहलवानों को तराजू पर सही वजन बनाए रखने के लिए करना पड़ रहा संघर्ष
रैंकिंग सीरीज की प्रतियोगिताओं में संयुक्त विश्व कुश्ती (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) नियमों के अनुसार सभी पहलवानों को दो किलोग्राम तक का वजन उठाने की अनुमति होती है। ऐसे में उन्हें इन प्रतियोगिताओं में कोई परेशानी नहीं हुई लेकिन उन्हें वजन प्रबंधन में लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। 2024 में स्पेन में अंडर-20 विश्व चैंपियनशिप के दौरान भी नेहा को तराजू पर सही वजन बनाए रखने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। भारतीय कुश्ती महासंघ के अधिकारी के अनुसार इस स्तर पर एक पहलवान जानता है कि उससे क्या करने की उम्मीद की जाती है इसलिए वजन प्रबंधन एक पहलवान की जिम्मेदारी है। अगर आप ऐसा नहीं कर सकते तो आप खेल नहीं सकते।