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दिव्यांग कर्मियों को पदोन्नति में अब चार फीसदी आरक्षण, हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को किया लागू
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चंडीगढ़। हरियाणा में दिव्यांग कर्मचारियों को अब पदोन्नति में चार फीसदी आरक्षण मिलेगा। प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने सोमवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी। यह आरक्षण क्षैतिज आधार पर लागू होगा।
सरकार ने चार फीसदी आरक्षण के नियम भी तय कर दिए हैं। जिन विभागों में एक ही कैडर पद है, उनमें दिव्यांग कर्मियों को पदोन्नति में आरक्षण नहीं मिलेगा। विभागों में जो काम ये कर्मी नहीं कर सकते, वहां भी इस लाभ से वंचित रहना पड़ेगा। हर विभाग को सौ पदों का रोस्टर बनाना होगा, जिसमें 1 से 25 पदों पर एक, 26 से 50 पर एक, 51 से 75 पर एक और 76 से 100 पर एक दिव्यांग कर्मी का पदोन्नति कोटा होगा। हर सौ पोस्ट के बाद नए सिरे से रोस्टर तैयार करना होगा।
हर साल दिव्यांग कोटे का बैकलॉग हर विभाग को भरना होगा। दिव्यांगता की ए से ई तक श्रेणी बनाई गई हैं, जिनमें शरीर के हर अंग की विकलांगता का जिक्र है। श्रेणी अनुसार कर्मियों को बराबर प्रतिनिधित्व मिलेगा। अभी तक सीधी भर्ती व पदोन्नति में दिव्यांग कर्मियों को 3-3 फीसदी आरक्षण का प्रावधान था। पहले भर्ती में था, उसके बाद पदोन्नति में दिया गया। केंद्रीय पेंशन व कार्मिक मंत्रालय ने 2016 में नया अधिनियम बनाते हुए 4 फीसदी आरक्षण का प्रावधान कर दिया था। इसे लेकर कर्मचारी सुप्रीम कोर्ट गए थे। उसमें फैसला कर्मचारी हित में आने के बाद सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्ष, मंडलायुक्तों, डीसी, बोर्ड-निगमों के मुख्य प्रशासकों, प्रबंधक निदेशकों इत्यादि को ताजा आदेश लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
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सरकार ने चार फीसदी आरक्षण के नियम भी तय कर दिए हैं। जिन विभागों में एक ही कैडर पद है, उनमें दिव्यांग कर्मियों को पदोन्नति में आरक्षण नहीं मिलेगा। विभागों में जो काम ये कर्मी नहीं कर सकते, वहां भी इस लाभ से वंचित रहना पड़ेगा। हर विभाग को सौ पदों का रोस्टर बनाना होगा, जिसमें 1 से 25 पदों पर एक, 26 से 50 पर एक, 51 से 75 पर एक और 76 से 100 पर एक दिव्यांग कर्मी का पदोन्नति कोटा होगा। हर सौ पोस्ट के बाद नए सिरे से रोस्टर तैयार करना होगा।
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हर साल दिव्यांग कोटे का बैकलॉग हर विभाग को भरना होगा। दिव्यांगता की ए से ई तक श्रेणी बनाई गई हैं, जिनमें शरीर के हर अंग की विकलांगता का जिक्र है। श्रेणी अनुसार कर्मियों को बराबर प्रतिनिधित्व मिलेगा। अभी तक सीधी भर्ती व पदोन्नति में दिव्यांग कर्मियों को 3-3 फीसदी आरक्षण का प्रावधान था। पहले भर्ती में था, उसके बाद पदोन्नति में दिया गया। केंद्रीय पेंशन व कार्मिक मंत्रालय ने 2016 में नया अधिनियम बनाते हुए 4 फीसदी आरक्षण का प्रावधान कर दिया था। इसे लेकर कर्मचारी सुप्रीम कोर्ट गए थे। उसमें फैसला कर्मचारी हित में आने के बाद सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्ष, मंडलायुक्तों, डीसी, बोर्ड-निगमों के मुख्य प्रशासकों, प्रबंधक निदेशकों इत्यादि को ताजा आदेश लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
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