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Panchkula News: अब बिना रिफ्लेक्टर के नहीं होगा साइकिल का निर्माण, नए साल से लागू किए नए नियम

Sun, 01 Jan 2023 08:00 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 01 Jan 2023 08:00 AM IST
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Now bicycle will not be manufactured without reflector, new rules will be implemented from new year
चंडीगढ़। अब बिना रिफ्लेक्टर के किसी भी साइकिल को बाजार में नहीं उतारा जा सकेगा। देश की सड़कों पर साइकिल को सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय के प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनेशनल ट्रेड (डीपीआईआईटी) ने इसको लेकर आदेश जारी किए हैं। एशिया के सबसे बड़े साइकिल हब लुधियाना में हर साल करीब डेढ़ करोड़ साइकिलों का निर्माण होता है। 1 जनवरी 2023 से साइकिलों पर अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता के 10 से 12 रिफ्लेक्टर लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। देश में कोई भी साइकिल निर्माता कंपनी अगर बिना रिफ्लेक्टर वाली साइकिल बनाएगी या कोई भी व्यापारी बिना रिफ्लेक्टर के साइकिल बेचेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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ऐसे निर्माताओं और व्यापारियों से जुर्माना भी वसूला जाएगा साइकिल के लिए भारतीय मानक निर्माता (बीआईएस) से लाइसेंस का प्रमाण पत्र (सीओसी) भी अनिवार्य कर दिया गया है। प्रमाण पत्र यह तय करेगा कि साइकिल बनाने वाली कंपनी ने बिना रिफ्लेक्टर वाली साइकिल नहीं बनाई और व्यापारी बिना रिफ्लेक्टर वाली साइकिल नहीं बेचते। जिस निर्माता के पास सीओसी नहीं होगा, वह साइकिल नहीं बना पाएगा सीओसी के वार्षिक लाइसेंस का शुल्क एक लाख रुपये निर्धारित किया गया है। चूंकि यह शुल्क अधिक है, इसलिए साइकिल की कीमत भी प्रभावित होगी। साइकिल बनाने वाली बड़ी कंपनियों के पास सीओसी हैं, लेकिन छोटे उद्योगों को इससे आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। छोटे उद्योगपतियों का कहना है कि बड़े उद्योगपतियों को लाभ देने के बजाय छोटे उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए योजनाएं बनानी चाहिए।
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तीन ही कंपनियां बना रहीं देश में रिफ्लेक्टर
अभी देश में रिफ्लेक्टर महज तीन ही कंपनियां बना रही हैं, लेकिन ये तीनों कंपनियां देश में बनने वाली साइकिलों पर रिफ्लेक्टर लगाने की मांग को पूरा नहीं कर सकतीं। देश में 38 करोड़ साइकिल ऐसी हैं, जो बिना रिफ्लेक्टर के चल रही हैं।
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एक लाख से कम हो लाइसेंस फीस : चावला
एशिया में साइकिल बनाने वाली सबसे बड़ी संस्था यूनाइटेड साइकिल एंड पार्ट्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डीएस चावला ने बताया कि उन्होंने केंद्र सरकार से लोगों को साइकिल पर रिफ्लेक्टर लगाने के बारे में जागरूकता अभियान चलाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि लाइसेंस फीस एक लाख रुपये नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की है कि केंद्र सरकार देश में रिफ्लेक्टर बनाने वाली और कंपनियां स्थापित करने के लिए सब्सिडी जारी करे। चावला ने कहा कि हाल के दिनों में रिफ्लेक्टर की कमी को पूरा करने के लिए भी सरकार उचित व्यवस्था करे।
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